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प्रतापगढ़ : चमरौधा नदी के किनारे बसे दर्जनों गांव बाढ़ प्रभावित, बरसात में बही डुहिया गांव की सड़क, मकानों के गिरने का सिलसिला जारी
Sat, 18 Sep 2021 04:44 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 18 Sep 2021 04:44 PM IST
सार
प्रतापगढ़ में बरसात के बाद बाढ़ का कहर सामने आ गया है। रजवाहों के टूटने से कई गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। वहीं बरसात से कमजोर हुए कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला भी जारी है।
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प्रतापगढ़ में बाढ़ के चलते जलमग्न हो गई है फसल।
- फोटो : pratapgarh
विस्तार
विकास खंड क्षेत्र में बीते तीन दिनों की बारिश व चमरौधा नदी के बीच में स्थित तीन गांव चिगुड़ा, पीथापुर पूरबपट्टी पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। बाढ़ के प्रभाव से पूरबपट्टी गांव के डुहिया गांव को जोड़ने वाली पक्की सड़क पूरी तरह बह गई है। जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। चमरौधा नदी के बाढ़ व बारिश के प्रकोप से लगभग दर्जनों गांव प्रभावित परंतु तीन गांव के लोगों का तो बाहर निकलना भी हो रहा मुश्किल। नदी के भयंकर बाढ़ व बारिश के पानी से नदी के समीप बना बांध व स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बनाया हुआ पीथापुर का बांस व बल्ली के बनाए हुए वैकल्पिक पुल बह गए। चिगुड़ा के आधा दर्जन घरों तक पानी पहुंच गया है।
पीथापुर व चिगुड़ा, पूरब पट्टी, चंद्र भानपुर, डुहिया, गांव को पूरी तरह प्रभावित कर रहा है। पीड़ित कृपाशंकर तिवारी, उमाशंकर तिवारी, दयाशंकर तिवारी,राममूरत शर्मा, विवेक तिवारी,अनीता तिवारी, गोलू तिवारी, सत्यप्रकाश तिवारी,गायत्री देवी, मिन्टू, अजय तिवारी व संजय तिवारी का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। इन पीड़ितों ने मांग की मांग है कि हम लोगों को घर से बाहर आने जाने के लिए जिला प्रशासन नाव की व्यवस्था कराए। यदि जिला प्रशासन ने नहीं उक्त गांवों को नहीं रखा दृष्टिगत तो भुखमरी व महामारी की बीमारी से गांव के लोगों का बचना होगा।
ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि विनय कुमार सिंह ने बताया कि विगत दो वर्ष पहले 2019 में उक्त नदी की बाढ़ व बारिश में इसी तरह से जलमग्न हुआ था गांव तो उस समय ग्रामीणों की समस्या को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन ने एक नाव व दो नाविक का प्रबंध कराया था। पूरबपट्टी ग्राम सभा में लगभग एक दर्जनों लोगो के कच्चे मकान धराशायी हो गए हैं लेकिन अभी तक गांव से संबंधित लेकपाल मौके पर नहीं गए। फोन करने पर फोन नहीं उठाते।
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प्रतापगढ़ रजवहा का डवला टूटा ,हर्षपुर गांव के किसानों की फसल डूबी
विकासखंड मांधाता के अंतर्गत हरखपुर गांव में प्रतापगढ़ रजवहा टूटने से किसानों की फसल चौपट हो गई है. ग्रामीणों का आरोप है कि काम चलाऊं कार्य करवाया जाता है। जिसके कारण संबंधित विभाग के अधिकारी कर्मचारी दबाव में कुछ बोल नहीं पाते हैं। उसकी भरपाई किसानों को करनी पड़ती है। रजवाहा का डवला हमेशा टूटता रहता है जिसको गांव के किसान बनाते रहते हैं। आज रात में टूट गया जिससे सारी फसल नष्ट हो गई है। गांव के किसानों ने जिलाधिकारी से नुकसान की भरपाई करने की मांग की है।
भारी बारिश के बाद मकानों का गिरना जारी
जगेशरगंज में लगातार तीन दिन की बारिश के बाद कच्चे मकानों का गिरना जारी है। क्षेत्र के अलग-अलग गांव में शुक्रवार की रात से लेकर शनिवार तक दर्जनों मकान गिर गए जिससे गृहस्ती का लाखों का सामान मलबे में दब गया। हालांकि दो दिन से बारिश नहीं हो रही उसके बावजूद भी मकानों का गिरना जारी है। सांडवा चंडिका विकासखंड के देवसीपुर कंसापुर गांव निवासी रीना देवी पत्नी चंद्रशेखर कंसापुर गांव निवासी अमरनाथ का मकान गिर गया। बांसी गांव के राधेश्याम बर्मा का मकान गिर गया। गोबरी गांव निवासी हीरालाल इंदू यादव का मकान गिर गया। वही पूरे चंदू गांव के लालता प्रसाद दुबे पारसनाथ दुबे का पूरा मकान सीलन के चलते गिर गया। परिवार के लोग मकान गिरने की आवाज सुनकर घर से बाहर भाग कर अपनी जान बचाई। गृहस्थी का सारा सामान मकान के नीचे दब गया। इसी गांव के राम चरण पाल रामदयाल गौड़ का मकान गिर गया। पूरे केवल गांव निवासी राम शगुन यादव मुन्ना यादव रामसुंदर रामदुलार पारसनाथ जीतलाल अनिल कुमार का मकान सीलन के चलते गिर गया जिससे घर में रखा गृहस्ती का सारा सामान मलबे के नीचे दब गया। वही बासूपुर गांव के रमाशंकर परमानंद छेदी राम बृज बिहारी सुरेश मिश्र राकेश मिश्र मनोज आदि का मकान गिर जाने से गृहस्थी का सारा सामान दब गया लेकिन गांव में प्रधान के राम अलफ यादव के सूचना देने के बावजूद भी हल्का लेखपाल गांव में नहीं आए।
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पीथापुर व चिगुड़ा, पूरब पट्टी, चंद्र भानपुर, डुहिया, गांव को पूरी तरह प्रभावित कर रहा है। पीड़ित कृपाशंकर तिवारी, उमाशंकर तिवारी, दयाशंकर तिवारी,राममूरत शर्मा, विवेक तिवारी,अनीता तिवारी, गोलू तिवारी, सत्यप्रकाश तिवारी,गायत्री देवी, मिन्टू, अजय तिवारी व संजय तिवारी का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। इन पीड़ितों ने मांग की मांग है कि हम लोगों को घर से बाहर आने जाने के लिए जिला प्रशासन नाव की व्यवस्था कराए। यदि जिला प्रशासन ने नहीं उक्त गांवों को नहीं रखा दृष्टिगत तो भुखमरी व महामारी की बीमारी से गांव के लोगों का बचना होगा।
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ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि विनय कुमार सिंह ने बताया कि विगत दो वर्ष पहले 2019 में उक्त नदी की बाढ़ व बारिश में इसी तरह से जलमग्न हुआ था गांव तो उस समय ग्रामीणों की समस्या को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन ने एक नाव व दो नाविक का प्रबंध कराया था। पूरबपट्टी ग्राम सभा में लगभग एक दर्जनों लोगो के कच्चे मकान धराशायी हो गए हैं लेकिन अभी तक गांव से संबंधित लेकपाल मौके पर नहीं गए। फोन करने पर फोन नहीं उठाते।
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प्रतापगढ़ रजवहा का डवला टूटा ,हर्षपुर गांव के किसानों की फसल डूबी
विकासखंड मांधाता के अंतर्गत हरखपुर गांव में प्रतापगढ़ रजवहा टूटने से किसानों की फसल चौपट हो गई है. ग्रामीणों का आरोप है कि काम चलाऊं कार्य करवाया जाता है। जिसके कारण संबंधित विभाग के अधिकारी कर्मचारी दबाव में कुछ बोल नहीं पाते हैं। उसकी भरपाई किसानों को करनी पड़ती है। रजवाहा का डवला हमेशा टूटता रहता है जिसको गांव के किसान बनाते रहते हैं। आज रात में टूट गया जिससे सारी फसल नष्ट हो गई है। गांव के किसानों ने जिलाधिकारी से नुकसान की भरपाई करने की मांग की है।
भारी बारिश के बाद मकानों का गिरना जारी
जगेशरगंज में लगातार तीन दिन की बारिश के बाद कच्चे मकानों का गिरना जारी है। क्षेत्र के अलग-अलग गांव में शुक्रवार की रात से लेकर शनिवार तक दर्जनों मकान गिर गए जिससे गृहस्ती का लाखों का सामान मलबे में दब गया। हालांकि दो दिन से बारिश नहीं हो रही उसके बावजूद भी मकानों का गिरना जारी है। सांडवा चंडिका विकासखंड के देवसीपुर कंसापुर गांव निवासी रीना देवी पत्नी चंद्रशेखर कंसापुर गांव निवासी अमरनाथ का मकान गिर गया। बांसी गांव के राधेश्याम बर्मा का मकान गिर गया। गोबरी गांव निवासी हीरालाल इंदू यादव का मकान गिर गया। वही पूरे चंदू गांव के लालता प्रसाद दुबे पारसनाथ दुबे का पूरा मकान सीलन के चलते गिर गया। परिवार के लोग मकान गिरने की आवाज सुनकर घर से बाहर भाग कर अपनी जान बचाई। गृहस्थी का सारा सामान मकान के नीचे दब गया। इसी गांव के राम चरण पाल रामदयाल गौड़ का मकान गिर गया। पूरे केवल गांव निवासी राम शगुन यादव मुन्ना यादव रामसुंदर रामदुलार पारसनाथ जीतलाल अनिल कुमार का मकान सीलन के चलते गिर गया जिससे घर में रखा गृहस्ती का सारा सामान मलबे के नीचे दब गया। वही बासूपुर गांव के रमाशंकर परमानंद छेदी राम बृज बिहारी सुरेश मिश्र राकेश मिश्र मनोज आदि का मकान गिर जाने से गृहस्थी का सारा सामान दब गया लेकिन गांव में प्रधान के राम अलफ यादव के सूचना देने के बावजूद भी हल्का लेखपाल गांव में नहीं आए।
प्रतापगढ़ में बरसात के बाद बाढ़ का कहर सामने आ गया है। रजवाहों के टूटने से कई गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। वहीं बरसात से कमजोर हुए कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला भी जारी है।