प्रतापगढ़ का मामला : मरीजों के शोषण पर डॉक्टर ने दो डॉक्टरों पर दर्ज कराया मुकदमा
जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज बनाए जाने के बाद वहां जुलाई 2021 में अस्थि रोग विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर डॉ. सचिन की तैनाती हुई थी। वह जिले के कंधई थाना क्षेत्र के मंदाह गांव के रहने वाले हैं। इससे पहले वह प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डॉ. सोनेलाल पटेल स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध राजा प्रताप बहादुर अस्पताल दलालों के चंगुल में फंसा हुआ है। दलालों के साथ मिलकर डॉक्टर और कर्मचारी मरीजों का शोषण कर रहे हैं। मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग में तैनात असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सचिन ने दो डॉक्टरों और कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज कराया है।
जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज बनाए जाने के बाद वहां जुलाई 2021 में अस्थि रोग विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर डॉ. सचिन की तैनाती हुई थी। वह जिले के कंधई थाना क्षेत्र के मंदाह गांव के रहने वाले हैं। इससे पहले वह प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे।
सचिन का आरोप है कि अस्थि रोग विभाग में तैनात डॉ. जयप्रकाश वर्मा ने नियुक्ति के दो दिन बाद ही उन पर चिकित्सालय की ओटी में मरीजों का ऑपरेशन न करने का दबाव बनाया। विभाग की ओपीडी में बैठने से भी मना किया। प्राचार्य डॉ. आर्य देशदीपक से इसकी शिकायत करने के बाद डॉ. वर्मा आपा खो बैठे और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उनके साथ गालीगलौज की।
ये हैं आरोप
डॉ. सचिन का आरोप है कि डॉ. वर्मा मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को बरगलाकर शहर के सदर मोड़ पर संचालित निजी नर्सिंग होम में ले जाकर ऑपरेशन करते हैं। मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को यह कहकर निजी अस्पतालों में ले जाते हैं कि यहां सुविधाओं के अभाव में ऑपरेशन संभव नहीं हैं। इसके बाद उनसे मनमानी वसूली की जाती है। इस काम में ईएमओ के पद पर तैनात डॉक्टर अनुज चौरसिया, इलेक्ट्रीनिशन अजय कुमार शर्मा निवासी मिसिद्धिपुर रानीगंज और प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र पर कार्यरत अभिषेक दुबे उनकी मदद करते हैं।
बीती 27 मई की रात करीब 12 बजे वह चिकित्सालय के महिला वार्ड की तरफ जा रहे थे। तभी डॉ. जयप्रकाश वर्मा, डॉ. अनुज चौरसिया, इलेक्ट्रीशियन अजीत शर्मा और अभिषेक दुबे आए और जान से मारने की धमकी देने के साथ ही गालीगलौज की। डॉ. सचिन की शिकायत पर नगर कोतवाली पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एससीएसटी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है।