फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Pratapgarh: 2800 pulse oximeter and thermometer purchased for twelve and a half thousand

प्रतापगढ़: साढ़े बारह हजार में खरीदा 2800 का पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर

Sat, 12 Sep 2020 01:36 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2020 01:36 AM IST
विज्ञापन
Pratapgarh: 2800 pulse oximeter and thermometer purchased for twelve and a half thousand
Pratapgarh: 2800 pulse oximeter and thermometer purchased for twelve and a half thousand
कोरोना काल में जिले के 621 प्रधानों ने 12,500 रुपये की दर से पल्स ऑक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर की खरीद की है। कुछ प्रधानों ने होशियारी दिखाते हुए अभी तक भुगतान नहीं किया है, जबकि कुछ ने साढ़े बारह हजार रुपये की दर से भुगतान कर लिया है।
विज्ञापन

हालांकि इनमें से कई ऐसे भी हैं जिन्होंने सोशल मीडिया पर कार्रवाई का हल्ला मचने पर रुपये खाते में जमा कर दिए हैं। विभागीय अफसरों की जांच में इसका खुलासा हुआ है।
विज्ञापन

जून माह में कोरोना संक्रमण तेज होने पर शासन ने 24 जून को पत्र जारी करके सभी ग्राम पंचायतों में चौदहवें वित्त आयोग के खाते से पल्स ऑक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर खरीदने और उसे आशा बहुओं को देने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस पत्र में इन उपकरणों को खरीदने के लिए मूल्य निश्चित नहीं किया गया था। बाद में शासन ने 24 जुलाई को पत्र जारी करके दोनों उपकरणों की खरीद करने के लिए 2800 रुपये की धनराशि तय कर दी।
शासन का यह पत्र ग्राम पंचायतों तक पहुंचता, इससे पहले ही प्रधानों ने 12,500 रुपये में उपकरणों की खरीद कर ली। उपकरणों की खरीद में हुई कमीशनबाजी का मामला सोशल मीडिया पर सार्वजनिक होने पर उन प्रधानों की नींद उड़ गई, जिन्होंने भुगतान कर दिया था। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने का आदेश दिया।
विभागीय जांच में खुलासा हुआ है कि 621 प्रधानों ने शासन के आदेशों को धता बताते हुए 2800 रुपये का उपकरण 12,500 रुपये में खरीद लिया है। अधिकांश प्रधान ऐसे हैं जिन्होंने उपकरण तो खरीदा है, मगर अभी तक खाते से रुपये नहीं निकाले हैं। लगभग दो दर्जन प्रधान ऐसे भी हैं जिन्होंने भुगतान लेने के बाद कार्रवाई का शोर मचने पर रुपये पुन: खाते में जमा कर दिए हैं।
विभागीय जांच को डीपीआरओ अभी छिपा रहे हैं। इस मामले में डिप्टी डायरेक्टर ने जांच रिपोर्ट तलब कर ली है। माना जा रहा है कि कमीशनखोरी की जांच करने के लिए गठित एसआईटी जिले में न आ करके डिप्टी डायरेक्टर के माध्यम से जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई कर सकती है।
ग्राम पंचायतों को खरीदने का मिला था अधिकार
जिले की सभी ग्राम पंचायतों को पल्स ऑक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर खरीदने का अधिकार दिया गया था। ग्राम पंचायतों ने न तो टेंडर निकाला और न ही किसी अधिकारी से सलाह ली। कमीशनबाजी के चक्कर में इतनी जल्दी उपकरणों की खरीद हो गई कि किसी को पता ही नहीं चला।
स्वास्थ्य और पंचायत विभाग की मिलीभगत से हुआ खेल
स्वास्थ्य विभाग और डीपीआरओ कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते ग्राम पंचायतों में व्यापक स्तर पर खेल हुआ। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने घटिया उपकरण मोटी रकम लेकर दे दिया। प्रधान और वीडीओ जेब भरने में मस्त रहे, वह सिर्फ बिल खोजते रहे।

ग्राम पंचायतों में उपकरण खरीदने के लिए शासन ने 2800 रुपये की दर निश्चित की थी, मगर प्रधान और वीडीओ के साढ़े बारह हजार रुपये में खरीदने की जानकारी मिलने पर जांच कराई जा रही है। अभी रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने पर शासन को मुहैया कराई जाएगी।
आरएस द्विवेदी, डीपीआरओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed