{"_id":"582df2d24f1c1b61369008cf","slug":"pospond-the-marraige-date","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोटबंदी से परेशान हो बढ़ा दी बेटी की शादी की डेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोटबंदी से परेशान हो बढ़ा दी बेटी की शादी की डेट
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Thu, 17 Nov 2016 11:56 PM IST
विज्ञापन
एक साथ विदा हुईं 59 दुल्हनें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
दो बेटियाें की शादी में हजार और पांच सौ के पुराने नोट बंद होने से समस्या खड़ी हो गई है। बैंक में पैसा होने के बाद भी अब तक उनके घर पर खरीदारी नहीं हो सकी है। परिजन बैंक के चक्कर लगा रहे हैं। गुरुवार दिन भर बैक में लाइन में लगे रहे, मगर पैसा नहीं मिल सका। इसके चलते एक महिला ने बेटी की शादी की डेट चार दिन आगे बढ़ा दी है। धर्मापुर कोहड़ौर निवासी ताहेरा बेगम के बेटे की बेटी की बारात 17 नंवबर को आनी थी।
हजार और पांच सौ के नोट बंद हो जाने के कारण खरीदारी नहीं कर पाई थी। काम न बनते देख उसने शादी की डेट चार दिन बढ़ाकर 21 नवंबर कर दी। ऐसे में ताहेरा बेगम परेशान हैं। उन्होंने बताया कि पुराने हजार और पांच सौ के नोट पर दुकानदार सामान देने को तैयार नहीं हैं। लड़के के घरवाले दहेज की मांग तो नहीं कर रहे हैं, मगर जो कपड़ा व सामान देने की परमपरा चली आ रही है उसे निभाना ही पड़ेगा। गुरुवार को पैसा बैंक से पैसा निकालने के लिए सुबह नौ बजे ही एसबीआई मुख्य शाखा पहुंच गई। दोपहर दो बजे तक लाइन में लगी रही, मगर पैसा नहीं मिल सका। उधर, दहिलामऊ की रहने वाली सुनीता की बेटी की शादी 28 नवंबर को है। वह खरीदारी करने के लिए परेशान हैं। बैंक से एक बार में 24 हजार रुपये ही निकल पा रहे हैं। दोनों महिलाए साथ में शादी कार्ड भी लेकर भटक रही हैं, लेकिन उनकी मुश्किल हल नहीं हो पा रही है।
हजार और पांच सौ के नोट बंद हो जाने के कारण खरीदारी नहीं कर पाई थी। काम न बनते देख उसने शादी की डेट चार दिन बढ़ाकर 21 नवंबर कर दी। ऐसे में ताहेरा बेगम परेशान हैं। उन्होंने बताया कि पुराने हजार और पांच सौ के नोट पर दुकानदार सामान देने को तैयार नहीं हैं। लड़के के घरवाले दहेज की मांग तो नहीं कर रहे हैं, मगर जो कपड़ा व सामान देने की परमपरा चली आ रही है उसे निभाना ही पड़ेगा। गुरुवार को पैसा बैंक से पैसा निकालने के लिए सुबह नौ बजे ही एसबीआई मुख्य शाखा पहुंच गई। दोपहर दो बजे तक लाइन में लगी रही, मगर पैसा नहीं मिल सका। उधर, दहिलामऊ की रहने वाली सुनीता की बेटी की शादी 28 नवंबर को है। वह खरीदारी करने के लिए परेशान हैं। बैंक से एक बार में 24 हजार रुपये ही निकल पा रहे हैं। दोनों महिलाए साथ में शादी कार्ड भी लेकर भटक रही हैं, लेकिन उनकी मुश्किल हल नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन