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थानों में बैठकर नहीं कर सकेंगे लोगों को मुचलका पाबंद

Mon, 01 Feb 2021 12:29 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 01 Feb 2021 12:29 AM IST
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People will not be able to confine themselves by sitting in police stations
पंचायत चुनाव के दौरान पुलिस अब थाने का पुराना रजिस्टर देखकर कार्यालय में बैठे-बैठे किसी को पाबंद नहीं कर सकेगी। पाबंदी की कार्रवाई करने के लिए बीट सिपाही और दरोगा को गांवों में जाना पड़ेगा। जांच के बाद ही संबंधित लोगों को शांतिभंग के तहत पाबंद किया जा सकेगा। गलत पाबंदी की कार्रवाई पर संबंधित दरोगा और सिपाही पर गाज गिरेगी।
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लोकसभा, विधानसभा और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के दौरान जिन लोगों से माहौल खराब होने का अंदेशा होता है, पुलिस उन्हें शांतिभंग की कार्रवाई के तहत पाबंद करती है। इसका उद्देश्य यह होता है कि अगर ऐसे तत्व पहले से चिह्नित रहेंगे और पाबंद किए जाएंगे तो चुनाव के वक्त विवाद करने से डरेंगे।
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अक्सर पुलिस पुराने रजिस्टर खोलकर उन लोगों को पाबंद कर देती है, जिनसे चुनाव के दौरान किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं रहता। कई बार किशोरों, बच्चों और बुजुर्गों को भी बिना जांच किए पाबंद कर दिया जाता है। जब बीट सिपाही नोटिस लेकर पहुंचता है तब लोगों को इसकी जानकारी हो पाती है। पुलिसकर्मियों को भी पता चलता है कि जिसे पाबंद किया गया है वह बुजुर्ग या किशोर है।
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बहुत से ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें पाबंद किया गया व्यक्ति वर्षों से गांव में नहीं होता है। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े होते हैं। इसे देखते हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए पुलिस अफसरों ने नया खाका तैयार किया है। अब पुलिस थानों पर बैठकर पाबंदी की कार्रवाई नहीं कर पाएगी। बीट दरोगा और सिपाही गांव जाकर अराजकतत्वों को चिह्नित करेंगे। ऐसे लोगों के बारे में पूरी जानकारी एकत्र करेंगे। इसके बाद ही कार्रवाई करेंगे। मनमानी करने वाले पुलिसकर्मियों पर अफसर कार्रवाई करेंगे।
एसडीएम के यहां होती है जमानत
हर चुनाव में पुलिस आनन-फानन में कार्रवाई करती रही है। चुनाव में कार्रवाई और नोटिस मिलने के बाद एसडीएम के यहां जमानत होती है। इसमें सबसे अधिक उन बुजुर्गों को दिक्कत होती है जो चलने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में उन्हें अपनी जमानत के लिए परेशान होना पड़ता है। ऐसे में अगर गांव में जाकर अराजकता फैलाने वाले व्यक्ति पर कार्रवाई की जाए तो बुजुर्ग और कम उम्र के लोग पाबंद नहीं हो सकते।
विदेश में रहने वाले और मृतकों को भी कर देते हैं मुचलका पाबंद
चुनाव की तेजी में पुलिस यह जानने की कोशिश भी नहीं करती है कि जिस पर कार्रवाई की जा रही है वह जीवित है या नहीं। पुलिस अपनी कोरम पूरा करने के लिए पुराने रजिस्टर को खोलकर पाबंद करके नोटिस भेज देती है। नोटिस पहुंचने पर ही जानकारी हो पाती है कि पाबंद किया गया व्यक्ति अब दुनिया में नहीं है या विदेश कमाने गया है।

पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। चुनाव के दिन अराजकता फैलाने वाले लोगों पर पाबंद करने की कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। हालांकि संबंधित व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी जुुटाए बगैर उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती है। ऐसा करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
दिनेश चंद्र द्विवेदी, अपर पुलिस अधीक्षक, पश्चिमी
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