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अंतिम समय में पुलिस ने जमकर भांजी थीं लाठियां
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 09 Aug 2016 11:59 PM IST
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महुली मंडी में 6 मार्च को विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान अंतिम समय में अधिकारियों की शह पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी थीं। लाठीचार्ज में विरोध कर रहे लोगों के साथ मीडियाकर्मी लहूलुहान हुए थे। इससे भगदड़ मच गई और प्रशासन ने पोस्टल बैलेट की गिनती करने के लिए दबाव बना रहे लोगों की आवाज को दबा दिया था। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में पट्टी से भाजपा प्रत्याशी के रूप में पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह, सपा से रामसिंह पटेल, बसपा से अर्चना तिवारी और कांग्रेस से मदन सिंह चुनाव मैदान में उतरे थे। 6 मार्च को मतगणना के दौरान चारों दलों के निर्वाचन अभिकर्ता ईवीएम की ओर टकटकी लगाए हुए थे। परिणाम का बराबर मिलान कर रहे थे।
पट्टी विधानसभा के मतगणना पंडाल में जब यह क्लीयर हो गया कि सपा प्रत्याशी राम सिंह 156 मतों से जीते हैं और पोस्टल बैलेट की गिनती नहीं की जा रही है तो लोग विरोध करते हुए हो हल्ला मचाने लगे। शोरशराबा सुनकर मीडियाकर्मी भी पंडाल में पहुंच गए। जिन्हें पुलिसकर्मियों ने भीतर जाने से रोक दिया। पंडाल में हंगामे के दौरान ही पुलिसकर्मी कुछ लोगों को पीटने लगे। जिसे मीडियाकर्मी कैमरे में कैद करने लगे। यह देख अफसरों के इशारे पर पुलिसकर्मियों ने विरोध कर रहे लोगों की पिटाई शुरू कर दी। मीडियाकर्मियों की मौजूदगी देख अफसरों ने रंगरूट पुलिसकर्मियों को इशारा कर दिया। जिसके बाद मीडियाकर्मियों के ऊपर भी पुलिस ने जमकर लाठी भांजीं। इसमें करीब दर्जन भर पत्रकार घायल हो गए। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में मीडियाकर्मियों ने मुकदमा दर्ज कराया था। जांच के बाद कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी हुई थी।
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पट्टी विधानसभा के मतगणना पंडाल में जब यह क्लीयर हो गया कि सपा प्रत्याशी राम सिंह 156 मतों से जीते हैं और पोस्टल बैलेट की गिनती नहीं की जा रही है तो लोग विरोध करते हुए हो हल्ला मचाने लगे। शोरशराबा सुनकर मीडियाकर्मी भी पंडाल में पहुंच गए। जिन्हें पुलिसकर्मियों ने भीतर जाने से रोक दिया। पंडाल में हंगामे के दौरान ही पुलिसकर्मी कुछ लोगों को पीटने लगे। जिसे मीडियाकर्मी कैमरे में कैद करने लगे। यह देख अफसरों के इशारे पर पुलिसकर्मियों ने विरोध कर रहे लोगों की पिटाई शुरू कर दी। मीडियाकर्मियों की मौजूदगी देख अफसरों ने रंगरूट पुलिसकर्मियों को इशारा कर दिया। जिसके बाद मीडियाकर्मियों के ऊपर भी पुलिस ने जमकर लाठी भांजीं। इसमें करीब दर्जन भर पत्रकार घायल हो गए। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में मीडियाकर्मियों ने मुकदमा दर्ज कराया था। जांच के बाद कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी हुई थी।
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