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लिफाफे में बंद मतों ने कराया था बवाल
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 09 Aug 2016 11:59 PM IST
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वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान महुली मंडी परिसर में बने पंडाल में लिफाफे में बंद मतों ने बवाल करा दिया था। कर्मचारियों के पोस्टल बैलेट गिनने से इनकार करने पर भाजपा प्रत्याशी के अभिकर्ताओं ने अफसरों का घेराव भी किया था। इसके बावजूद आयोग के प्रेक्षक, आरओ व एआरओ ने काउंटिंग करने से इनकार कर दिया था। जिसे लेकर बवाल हो गया था। कई लोगों को पुलिसकर्मियों ने दौड़ाकर पीटा भी था।
विधानसभा चुनाव 2012 की मतगणना महुली मंडी में 6 मार्च को कराई गई थी। जिला निर्वाचन अधिकारी एम देवराज की देखरेख में सातों विधानसभा सीटों की काउंटिंग कराई जा रही थी। पट्टी विधानसभा में सहायक निर्वाचन अधिकारी शारदा प्रसाद यादव मतों की गणना करा रहे थे। दोपहर बाद पट्टी विधानसभा के पंडाल में शोरशराबा होने लगा। पंडाल में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह के निर्वाचन अभिकर्ता पोस्टल बैलेट की गिनती कराए जाने की मांग कर रहे थे। 955 मतों की गिनती होनी थी।
मतगणना करा रहे एआरओ ने काउंटिंग से इनकार कर दिया था। जिसके चलते लोगों ने जिला निर्वाचन अधिकारी व प्रेक्षक का घेराव कर फिर से गणना कराने की मांग करते हुए प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन उनके प्रार्थना पत्र को अस्वीकार कर दिया गया। इसे लेकर बवाल शुरू हो गया। हंगामा कर रहे लोगों को पुलिसकर्मियों ने डंडे के बल पर शांत करा दिया। बवाल के पहले ही अधिकारियों को पता चल गया था कि सूबे में सपा की सरकार बनने जा रही है। भाजपा प्रत्याशी मोती सिंह के प्रतिनिधि विनोद पांडेय का आरोप है कि अधिकारियों ने सपा के परिणाम को देखते हुए पोस्टल बैलेट की गिनती करने से इनकार कर दिया था।
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विधानसभा चुनाव 2012 की मतगणना महुली मंडी में 6 मार्च को कराई गई थी। जिला निर्वाचन अधिकारी एम देवराज की देखरेख में सातों विधानसभा सीटों की काउंटिंग कराई जा रही थी। पट्टी विधानसभा में सहायक निर्वाचन अधिकारी शारदा प्रसाद यादव मतों की गणना करा रहे थे। दोपहर बाद पट्टी विधानसभा के पंडाल में शोरशराबा होने लगा। पंडाल में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह के निर्वाचन अभिकर्ता पोस्टल बैलेट की गिनती कराए जाने की मांग कर रहे थे। 955 मतों की गिनती होनी थी।
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मतगणना करा रहे एआरओ ने काउंटिंग से इनकार कर दिया था। जिसके चलते लोगों ने जिला निर्वाचन अधिकारी व प्रेक्षक का घेराव कर फिर से गणना कराने की मांग करते हुए प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन उनके प्रार्थना पत्र को अस्वीकार कर दिया गया। इसे लेकर बवाल शुरू हो गया। हंगामा कर रहे लोगों को पुलिसकर्मियों ने डंडे के बल पर शांत करा दिया। बवाल के पहले ही अधिकारियों को पता चल गया था कि सूबे में सपा की सरकार बनने जा रही है। भाजपा प्रत्याशी मोती सिंह के प्रतिनिधि विनोद पांडेय का आरोप है कि अधिकारियों ने सपा के परिणाम को देखते हुए पोस्टल बैलेट की गिनती करने से इनकार कर दिया था।
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