फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Patients are being treated by Ayushman scheme without doctors

बिना डॉक्टरों के आयुष्मान योजना से मरीजों का हो रहा इलाज

Fri, 28 Jan 2022 12:45 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 28 Jan 2022 12:45 AM IST
विज्ञापन
Patients are being treated by Ayushman scheme without doctors
aayushman bharat yogna
इलजिले के सात अस्पतालों में बिना डॉक्टरों के ही आयुष्मान योजना के तहत भर्ती होने वाले मरीजों का इलाज किया जा रहा है। आयुष्मान योजना से जोड़े गए इन अस्पतालों का संचालन फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वॉय के भरोसे हो रहा है। यहां तैनात आरोग्य मित्र मरीजों को खुद भर्ती और डिस्चार्ज करते हैं।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना के तहत गरीबों का पांच लाख रुपये तक कैशलेेेस इलाज करने की व्यवस्था है। इस योजना से जिले के 27 सरकारी अस्पतालों को जोड़ा गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गड़वारा में एक डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट के साथ आयुष्मान मित्र की तैनाती है। डॉक्टर गड़वारा के बजाय संडवाचंद्रिका सीएचसी में सप्ताह में दो दिन ड्यूटी करते हैं। बाकी दिन वे अस्पताल नहीं आते हैं।
विज्ञापन

मजेदार बात यह है कि बीते डेढ़ साल के भीतर यहां तैनात आरोग्य मित्र ने आयुष्मान योजना के तहत 15 मरीजों का इलाज कराया है। अस्पताल भले ही दोपहर दो बजे के बाद बंद हो जाता है, मगर मरीजों को 24 घंटे कागज पर भर्ती दिखाया गया है। यही हाल नारायणपुर सीएचसी का है। सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक अस्पताल का संचालन होता है। यहां डेढ़ साल के भीतर करीब 40 मरीज 24 घंटे के लिए भर्ती किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीएचसी पृथ्वीगंज, साल्हीपुर मंदाह और हरीपुर वरदैता में एक-एक डॉक्टर की तैनाती हुई है। ये कब आते हैं, इसके बारे में किसी को नहीं पता है। हरीपुर बरैदता सीएचसी सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक संचालित होती है। इसके बादे भी 24 घंटे के लिए यहां पर आयुष्मान के 20 से अधिक मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा चुका है। कहला सीएचसी में हर माह 30 से 50 आयुष्मान के मरीजों को भर्ती कर इलाज करने का दावा किया जा रहा है।
जिला और महिला अस्पताल का पता नहीं, तैनात हो गए आरोग्य मित्र
जिला और महिला अस्पताल अभी निर्माणाधीन है। इसके बावजूद यहां पर दो आरोग्य मित्रों की तैनाती सेवाप्रदाता के माध्यम से कर दी गई है। दोनों आरोग्य मित्र कागज पर काम भी कर रहे हैं। अफसरों के सबकुछ जानते हुए भी फर्जीवाड़े पर लगाम नहीं लगाई जा रही है।
पूर्व में तैैनात कर्मचारियों को बगैर मानदेय दिए दिखा दिया गया बाहर का रास्ता
पूर्व में संविदा पर तैनात किए गए आयुष्मान मित्रों को बगैर मानदेय दिए ही बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। संविदा पर तैनात आरोग्य मित्रों को पांच हजार रुपये प्रति माह मानदेय और 50 रुपये प्रति मरीज प्रोत्साहन राशि दी जानी थी। डेढ़ साल तक काम लेने के बाद कई आरोग्य मित्रों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। उन्हें मानदेय तक नहीं दिया गया।

आयुष्मान गोल्डन कार्ड लेकर आने वाले मरीजों को डॉक्टर भर्ती करते हैं। आरोग्य मित्र सिर्फ मदद करते हैं। जहां 24 घंटे अस्पताल का संचालन नहीं हो रहा है, वहां के आरोग्य मित्रों को सीएचसी से अटैच किया जाएगा। डॉक्टर सीपी शर्मा, नोडल अफसर, आयुष्मान भारत योजना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed