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Pratapgarh News: जिले के तीन और सीएचसी में ऑपरेशन की सुविधा शुरू
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कुंडा-लालगंज के बाद अब पट्टी, रानीगंज और बाघराय में भी ऑपरेशन शुरू हो गया है। इससे अब गांव के लोगों को ऑपरेशन कराने के लिए मेडिकल कॉलेज या फिर निजी अस्पताल नहीं आना होगा। यहां प्रतिमाह 30 से 35 मरीजों का ऑपरेशन चिकित्सक कर रहे हैं। संस्थागत प्रसव बढ़ाने के लिए शासन ने यह व्यवस्था की है।
अब तक जिला अस्पताल यानी मेडिकल कॉलेज और लालगंज के अलावा कुंडा में ऑपरेशन से प्रसव की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग ने की थी। इससे पट्टी, रानीगंज और बाघराय क्षेत्र के लोगों को परेशान होना पड़ता था। हॉर्निया, पथरी और बच्चेदानी की समस्या हो या प्रसव में यदि चिकित्सक ऑपरेशन बोल देते थे तो लोगों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता था। इससे संस्थागत प्रसव की रफ्तार भी धीमी हो गई थी। इस समस्या को देखते हुए शासन ने तीन और सीएचसी पर ऑपरेशन की व्यवस्था शुरू करने का निर्देश दिया था। सीएमओ डॉ. जीएम शुक्ल ने रानीगंज, पट्टी और बाघराय सीएचसी में ऑपरेशन के लिए ओटी तैयार कराया। इन अस्पतालों में ऑपरेशन करने के लिए सर्जन के साथ एनेस्थीसिया के डॉक्टरों की तैनाती कर दी। सीएमओ ने बताया कि इन अस्पतालों में ऑपरेशन शुरू हो गया है। फरवरी में 30-30 आपरेशन किए गए थे, इस बार 40 का लक्ष्य रखा गया था। रानीगंज में लक्ष्य से ज्यादा ऑपरेशन हुए जबकि बाघराय और पट्टी लक्ष्य के करीब पहुंचा है। इससे मरीजों को सहूलियत मिल रही है।
जान का बना रहता था खतरा
प्रसव पीड़ा के दौरान चिकित्सक ऑपरेशन बोल देते थे, लेकिन व्यवस्था न होने के कारण रेफर कर देते थे। ऐसे में प्रसव पीड़िता के साथ गर्भ में पल रहे नवजात के जान को खतरा बना रहता था। मगर रानीगंज, बाघराय और लालगंज सीएचसी में ऑपरेशन शुरू होने से यह समस्या दूर हो गई है।
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अब तक जिला अस्पताल यानी मेडिकल कॉलेज और लालगंज के अलावा कुंडा में ऑपरेशन से प्रसव की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग ने की थी। इससे पट्टी, रानीगंज और बाघराय क्षेत्र के लोगों को परेशान होना पड़ता था। हॉर्निया, पथरी और बच्चेदानी की समस्या हो या प्रसव में यदि चिकित्सक ऑपरेशन बोल देते थे तो लोगों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता था। इससे संस्थागत प्रसव की रफ्तार भी धीमी हो गई थी। इस समस्या को देखते हुए शासन ने तीन और सीएचसी पर ऑपरेशन की व्यवस्था शुरू करने का निर्देश दिया था। सीएमओ डॉ. जीएम शुक्ल ने रानीगंज, पट्टी और बाघराय सीएचसी में ऑपरेशन के लिए ओटी तैयार कराया। इन अस्पतालों में ऑपरेशन करने के लिए सर्जन के साथ एनेस्थीसिया के डॉक्टरों की तैनाती कर दी। सीएमओ ने बताया कि इन अस्पतालों में ऑपरेशन शुरू हो गया है। फरवरी में 30-30 आपरेशन किए गए थे, इस बार 40 का लक्ष्य रखा गया था। रानीगंज में लक्ष्य से ज्यादा ऑपरेशन हुए जबकि बाघराय और पट्टी लक्ष्य के करीब पहुंचा है। इससे मरीजों को सहूलियत मिल रही है।
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जान का बना रहता था खतरा
प्रसव पीड़ा के दौरान चिकित्सक ऑपरेशन बोल देते थे, लेकिन व्यवस्था न होने के कारण रेफर कर देते थे। ऐसे में प्रसव पीड़िता के साथ गर्भ में पल रहे नवजात के जान को खतरा बना रहता था। मगर रानीगंज, बाघराय और लालगंज सीएचसी में ऑपरेशन शुरू होने से यह समस्या दूर हो गई है।
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