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गर्भवती महिलाओं का खाता खुलवाएगा स्वास्थ्य विभाग
प्रतापगढ़ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Aug 2016 11:32 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि देने के लिए पंजीकरण कराने के बाद स्वास्थ्य विभाग खुद उनका खाता खुलवाएगा। प्रसव के सात दिन के अंदर उनके खाते में पैसा पहुंच जाएगा। इसके लिए अब प्रसूताओं को परेशानी का सामना नहीं करना होगा।
प्रसूताओं की प्रोत्साहन राशि सात दिन के भीतर उनके खाते पर पहुंच जाएगी। इसके लिए उन्हें परेशान नहीं होना पड़ेगा। ज्यादातर गर्भवती महिलाओं के पास खाता नहीं होता है। दरअसल कारण यह होता है कि शादी के साल डेढ़ वर्ष तक वे ससुराल के पते से खाता नहीं खुलवा पाती हैं। ऐसी दशा में प्रसव होने के बाद सरकार की ओर से संचालित जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के लिए उन्हें परेशान होना पड़ता है। इससे उन्हें बार-बार अस्पताल और बैंक का चक्कर लगाना पड़ता है। इन दिक्कतों को देखते हुए अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने नाराजगी जताई।
सीएमओं को पत्र भेजकर सात दिन के अंदर प्रसूताओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि उनके खाते में भेजवाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा है कि गर्भवती महिलाओं का खाता उनके प्रथम एएनसी पंजीकरण के समय पर खुलवाया जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार खुद बैंक जाकर खाता खुलवाने में गर्भवती महिलाओं की मदद करें। सीएमओ यूके पांडेय ने बताया कि पत्र मिला है।
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सीएचसी, पीएचसी के साथ समस्त एएनएम व आशा बहू को पत्र भेजकर गर्भवती महिलाओं का खाता गर्भवती होने की जानकारी लगने और टीका कार्ड बनाते समय ही खुलवाने के लिए निर्देश दिया गया है। खाता नम्बर टीकाकरण कार्ड पर भी अंकित किया जाएगा। इसके बाद भी प्रोत्साहन राशि अगर प्रसूताओं को सात दिन के अंदर नहीं मिलती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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प्रसूताओं की प्रोत्साहन राशि सात दिन के भीतर उनके खाते पर पहुंच जाएगी। इसके लिए उन्हें परेशान नहीं होना पड़ेगा। ज्यादातर गर्भवती महिलाओं के पास खाता नहीं होता है। दरअसल कारण यह होता है कि शादी के साल डेढ़ वर्ष तक वे ससुराल के पते से खाता नहीं खुलवा पाती हैं। ऐसी दशा में प्रसव होने के बाद सरकार की ओर से संचालित जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के लिए उन्हें परेशान होना पड़ता है। इससे उन्हें बार-बार अस्पताल और बैंक का चक्कर लगाना पड़ता है। इन दिक्कतों को देखते हुए अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने नाराजगी जताई।
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सीएमओं को पत्र भेजकर सात दिन के अंदर प्रसूताओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि उनके खाते में भेजवाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा है कि गर्भवती महिलाओं का खाता उनके प्रथम एएनसी पंजीकरण के समय पर खुलवाया जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार खुद बैंक जाकर खाता खुलवाने में गर्भवती महिलाओं की मदद करें। सीएमओ यूके पांडेय ने बताया कि पत्र मिला है।
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सीएचसी, पीएचसी के साथ समस्त एएनएम व आशा बहू को पत्र भेजकर गर्भवती महिलाओं का खाता गर्भवती होने की जानकारी लगने और टीका कार्ड बनाते समय ही खुलवाने के लिए निर्देश दिया गया है। खाता नम्बर टीकाकरण कार्ड पर भी अंकित किया जाएगा। इसके बाद भी प्रोत्साहन राशि अगर प्रसूताओं को सात दिन के अंदर नहीं मिलती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।