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हजारों रुपये का फूंका डीजल, उड़नदस्ते को अभी तक नहीं मिली कोई सफलता
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प्रतापगढ़। जिले में आदर्श आचार संहिता का अनुपालन कराने के लिए जिले की सातों विधानसभाओं में तीन-तीन उड़नदस्ते की टीम गठित है। एक फरवरी से क्षेत्र का भ्रमण करने वाली टीम को अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है, जबकि वाहनों के दौड़ने में हजारों रुपये का डीजल धुआं बनकर उड़ गया है। उड़नदस्ते में शामिल सदस्य सिर्फ हाजिरी लगाकर अपना कोरम पूरा कर रहे हैं।
विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रत्येक विधानसभाओं में तीन-तीन प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर आदर्श आचार संहिता का पालन कराने और नकदी जब्त करने का निर्देश दिया था। सात विधानसभाओं में गठित 21 टीमों को अभी तक कोई खास सफलता नहीं मिली है। सदर विधानसभा के उड़नदस्ते को हाईवे और शहर में रुपये लेकर चलने वालों की जांच करने के लिए लगाया गया है।
मगर अभी तक टीम नकदी बरामद नहीं कर सकी है। उड़नदस्ते में शा मिल सदस्यों को वॉलराइटिंग और सभी पार्टियों के नेताओं की होर्डिंग्स के साथ ही पोस्टर हटवाने के लिए कहा गया था, मगर इसका पालन नहीं हो पा रहा है। सदर विधानसभा के मां चंद्रिका देवीधाम से शहर को जोड़ने वाली सड़क पर मोदी-योगी की फोटो लगी हुई है। अंतू बाजार में भाजपा और सपा का बैनर लगा हुआ है। इससे साबित होता है कि उड़नदस्ते में शामिल लोग प्रतिदिन निकल तो रहे हैं, मगर सिर्फ फर्ज अदायगी तक ही सीमित हैं। दरअसल, उड़नदस्ते में शामिल अधिकांश अधिकारी ऐेसे हैं, जो प्रयागराज से आते हैं। ऐसे में वह दोपहर तक पहुंचते हैं और शाम होते ही वह घर के लिए रवाना हो जाते हैं।
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पुलिस का नहीं मिल रहा सहयोग
उड़नदस्ते में शामिल अधिकारियों को पुलिस की मौजूदगी में ही जांच करनी होती है। मगर पुलिस है कि वह मौके पर मिलती ही नहीं है। अधिकारी जब थाने पर फोर्स लेने पहुंचते हैं, तो व्यस्तता बताकर लौटा दिया जाता है। इससे वे निराश होकर लौट आते हैं।
जिले में 21 उड़नदस्ते की टीम गठित की गई है। अभी तक नकदी पकड़ने में कोई सफलता नहीं मिली है। टीम के सदस्य प्रतिदिन क्षेत्र में निकल रहे हैं।
दीपक बाबू, वरिष्ठ कोषाधिकारी
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विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रत्येक विधानसभाओं में तीन-तीन प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर आदर्श आचार संहिता का पालन कराने और नकदी जब्त करने का निर्देश दिया था। सात विधानसभाओं में गठित 21 टीमों को अभी तक कोई खास सफलता नहीं मिली है। सदर विधानसभा के उड़नदस्ते को हाईवे और शहर में रुपये लेकर चलने वालों की जांच करने के लिए लगाया गया है।
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मगर अभी तक टीम नकदी बरामद नहीं कर सकी है। उड़नदस्ते में शा मिल सदस्यों को वॉलराइटिंग और सभी पार्टियों के नेताओं की होर्डिंग्स के साथ ही पोस्टर हटवाने के लिए कहा गया था, मगर इसका पालन नहीं हो पा रहा है। सदर विधानसभा के मां चंद्रिका देवीधाम से शहर को जोड़ने वाली सड़क पर मोदी-योगी की फोटो लगी हुई है। अंतू बाजार में भाजपा और सपा का बैनर लगा हुआ है। इससे साबित होता है कि उड़नदस्ते में शामिल लोग प्रतिदिन निकल तो रहे हैं, मगर सिर्फ फर्ज अदायगी तक ही सीमित हैं। दरअसल, उड़नदस्ते में शामिल अधिकांश अधिकारी ऐेसे हैं, जो प्रयागराज से आते हैं। ऐसे में वह दोपहर तक पहुंचते हैं और शाम होते ही वह घर के लिए रवाना हो जाते हैं।
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पुलिस का नहीं मिल रहा सहयोग
उड़नदस्ते में शामिल अधिकारियों को पुलिस की मौजूदगी में ही जांच करनी होती है। मगर पुलिस है कि वह मौके पर मिलती ही नहीं है। अधिकारी जब थाने पर फोर्स लेने पहुंचते हैं, तो व्यस्तता बताकर लौटा दिया जाता है। इससे वे निराश होकर लौट आते हैं।
जिले में 21 उड़नदस्ते की टीम गठित की गई है। अभी तक नकदी पकड़ने में कोई सफलता नहीं मिली है। टीम के सदस्य प्रतिदिन क्षेत्र में निकल रहे हैं।
दीपक बाबू, वरिष्ठ कोषाधिकारी