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Pratapgarh News: सेवानिवृत्त रोडवेज कर्मी के हत्यारों का नहीं लगा सुराग

Mon, 11 Sep 2023 08:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़ Updated Mon, 11 Sep 2023 08:34 PM IST
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No clue found about the killers of retired roadways worker
मृतक श्याम शंकर तिवारी। फाइल फोटो
पुलिस की तीन टीमें गठित, एक नामजद व दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज, रात में फॉरेंसिक टीम लेकर घटनास्थल पर पहुंचे एसपी, घटना से दहशत में परिजन, पुलिस तैनात
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संवाद न्यूज एजेंसी
आसपुर देवसरा। क्षेत्र के अकारीपुर में सेवानिवृत्त रोडवेज बस चालक श्याम शंकर तिवारी के हत्यारों का सुराग नहीं लगा। पुलिस की तीन टीमें घटना का खुलासा करने के साथ ही एक नामजद व दो अज्ञात आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रहीं हैं। मौके पर फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंचे एसपी सतपाल अंतिल ने परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिया।
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अकारीपुर निवासी श्याम शंकर तिवारी रविवार की रात करीब साढ़े नौ बजे सती माता मंदिर से पूजा पाठ करने के बाद अपने घर भोजन करने जा रहे थे। घर के करीब ही नारंगपुर की ओर से आए बाइक सवार तीन बदमाशों ने उनके पीठ व सिर में गोली मार दी। फायरिंग की आवाज सुनकर घर के भीतर से बेटे सत्यम तिवारी व शुभम तिवारी दौड़े तो हत्यारोपी उनकी ओर भी फायरिंग करते भाग निकले। घायल को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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घटना की जानकारी मिलते ही एएसपी पूर्वी विद्या सागर मिश्रा मौके पर पहुंचे। कुछ देर में पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल भी घटनास्थल पर फॉरेंसिक व स्वॉट टीम के साथ पहुंच गए। बेटे शुभम तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने धौरहरा निवासी दुर्गेश मिश्रा व दो अज्ञात के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। ग्रामीणों के अनुसार नामजद आरोपी दुर्गेश पेशेवर अपराधी है। हत्या की वजह परिजन भी नहीं बता सके। उनकी सुरक्षा के लिए घर पर पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है।
पोस्टमार्टम के बाद देर शाम शव पहुंचते ही घर के लोग रोने लगे। एएसपी पूर्वी विद्यासागर मिश्रा ने बताया कि हत्यारोपियों की तलाश में तीन टीमें गठित की गईं हैं। रंजिश समेत अन्य बिंदुओं पर गहराई से छानबीन की जा रही है।
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सेवानिवृत्त होने के बाद मंदिर में गुजरता था ज्यादातर वक्त
सेवानिवृत्त होने के बाद श्याम शंकर का अधिकांश समय मंदिर पर ही गुजरता था। मंदिर में मृतक के अलावा राजीव तिवारी, दिनेश तिवारी, विजय लाल पटेल भी रहते थे। सभी का कहना है कि मृतक का किसी से कोई विवाद नहीं था। श्याम शंकर के दो बेटे व तीन बेटियां हैं। बड़ा बेटा शुभम रोडवेज में संविदा चालक है।

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दोनों गोली हो गई थी आरपार
हत्यारोपियों ने श्याम शंकर को दो गोली मारी थी। सिर व पीठ में लगी गोली आरपार हो गई थी। छोटे बेटे सत्यम का कहना था कि गोली की आवाज सुनकर दोनों भाई हत्यारोपियों के करीब तक पहुंच गए थे। इसी दौरान शातिर बदमाश दुर्गेश को पहचान लिए।

मृतक श्याम शंकर तिवारी। फाइल फोटो

मृतक श्याम शंकर तिवारी। फाइल फोटो

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