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सभासद पत्नी के कंधे से पति दाग रहे सियासी बंदूक
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 24 Feb 2015 11:14 PM IST
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महिलाओं के कंधे से राजनीति की बंदूक दागने वालों की इस जिले में कमी नहीं है। सिर्फ नगर पालिका ही नहीं टाउन एरिया में भी यही हालात हैं। शहर से थोड़ी दूर स्थित कटरामेदनीगंज नगर पंचायत इस बात का उदाहरण है। इस नगर पंचायत के वार्ड नंबर आठ पूरबमोहल्ला की सभासद अनीसा हैं। बैठक छोड़ टाउन एरिया से वार्ड तक का सारा काम उनके पति समसुज्जमा देखते हैं। महिला सभासद को चुनाव में मिली जीत का अंतर तक नहीं पता।
समसुज्जमा ने पत्नी अनीसा को वार्ड की सभासद का चुनाव लड़ाया। चुनाव में उनके व्यवहार और मेहनत के चलते अनीसा यह चुनाव जीत गईं। मगर सभासद खुद वार्ड की समस्याओं से वाकिफ होने में कभी दिलचस्पी नहीं दिखाईं। सारा काम उनके पति समसुज्जमा ही देखते हैं। काम चाहे नगर पंचायत का हो या फिर वार्ड का। सभासद अनीसा केवल बोर्ड की बैठक में जाती हैं वह भी मजबूरी के चलते, क्योंकि इस बैठक में किसी अन्य को जाने की कानूनन इजाजत नहीं है। अमर उजाला टीम पहुंची तो अनीसा घर में ही थीं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने उत्तर दिया कि देखिए सच यही है कि महिलाओं के बूते में राजनीति नहीं है। हाईस्कूल तक पढ़ीं अनीसा ने खुद स्वीकारा कि वह केवल नगर पंचायत की बैठक में ही जाती हैं। बाकी वार्ड हो या नगर पंचायत का सारा काम उनके पति ही करते हैं। टीम को उन्होंने बताया कि बोर्ड की बैठक हर माह होनी चाहिए मगर ऐसा नहीं होता।
नगर पंचायत अध्यक्ष पर आरोप लगाते हुए बोलीं कि वह अपना राज चलाते हैं। शायद इसीलिए वह बोर्ड की बैठक नहीं बुलाते। हालांकि सभासद को अपने वार्ड के वोटरों की संख्या तक नहीं पता। इस सवाल पर थोड़ी देर चुप रहीं फिर पति की ओर देखने लगीं। पति के इशारे पर बताया कि एक हजार या 1200 वोटर होंगे। मगर प्रतिद्वंदी व उन्हें मिले जीत के मतों के अंतर के सवाल पर वह फिर फंस गईं। वार्ड के भी तमाम लोगों ने कहा कि सभासद समसुज्जमा की पत्नी हैं पर काम वही देखते हैं। उनके पति ने बड़े गर्व से कहा भाई देखो महिला जनप्रतिनिधियों का काम पुरुषों को तो देखना ही पड़ता है। बोर्ड की बैठक न बुलाने की बाबत जानकारी के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष रामकृष्ण साहू को कई बार फोन लगाया गया। मगर उनका मोबाइल कवरेज एरिया के बाहर ही बताता रहा।
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समसुज्जमा ने पत्नी अनीसा को वार्ड की सभासद का चुनाव लड़ाया। चुनाव में उनके व्यवहार और मेहनत के चलते अनीसा यह चुनाव जीत गईं। मगर सभासद खुद वार्ड की समस्याओं से वाकिफ होने में कभी दिलचस्पी नहीं दिखाईं। सारा काम उनके पति समसुज्जमा ही देखते हैं। काम चाहे नगर पंचायत का हो या फिर वार्ड का। सभासद अनीसा केवल बोर्ड की बैठक में जाती हैं वह भी मजबूरी के चलते, क्योंकि इस बैठक में किसी अन्य को जाने की कानूनन इजाजत नहीं है। अमर उजाला टीम पहुंची तो अनीसा घर में ही थीं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने उत्तर दिया कि देखिए सच यही है कि महिलाओं के बूते में राजनीति नहीं है। हाईस्कूल तक पढ़ीं अनीसा ने खुद स्वीकारा कि वह केवल नगर पंचायत की बैठक में ही जाती हैं। बाकी वार्ड हो या नगर पंचायत का सारा काम उनके पति ही करते हैं। टीम को उन्होंने बताया कि बोर्ड की बैठक हर माह होनी चाहिए मगर ऐसा नहीं होता।
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नगर पंचायत अध्यक्ष पर आरोप लगाते हुए बोलीं कि वह अपना राज चलाते हैं। शायद इसीलिए वह बोर्ड की बैठक नहीं बुलाते। हालांकि सभासद को अपने वार्ड के वोटरों की संख्या तक नहीं पता। इस सवाल पर थोड़ी देर चुप रहीं फिर पति की ओर देखने लगीं। पति के इशारे पर बताया कि एक हजार या 1200 वोटर होंगे। मगर प्रतिद्वंदी व उन्हें मिले जीत के मतों के अंतर के सवाल पर वह फिर फंस गईं। वार्ड के भी तमाम लोगों ने कहा कि सभासद समसुज्जमा की पत्नी हैं पर काम वही देखते हैं। उनके पति ने बड़े गर्व से कहा भाई देखो महिला जनप्रतिनिधियों का काम पुरुषों को तो देखना ही पड़ता है। बोर्ड की बैठक न बुलाने की बाबत जानकारी के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष रामकृष्ण साहू को कई बार फोन लगाया गया। मगर उनका मोबाइल कवरेज एरिया के बाहर ही बताता रहा।
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