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पत्नी से क्षुब्ध युवक ने फांसी लगाकर दी जान
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Fri, 15 Jan 2016 11:57 PM IST
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पट्टी कोतवाली क्षेत्र के बड़ारी निवासी विवेक उर्फ गुलाब मिश्र (28) ने गुुरुवार की रात पत्नी व ससुरालियों से तंग आकर फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मौके से मिले सुसाइड नोट को लेकर पुलिस छानबीन कर रही है। परिवार के लोग उसकी मौत के लिए ससुरालियों पर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बड़ारी गांव निवासी विवेक उर्फ गुलाब मिश्र पुत्र ओमप्रकाश मिश्र ने गुरुवार देर रात घर में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। शुक्रवार की सुबह जब परिवार के लोग सोकर उठे तो ओमप्रकाश की छत से लटकती लाश देख दंग रह गए। उनके रोने बिलखने की आवाज सुनकर पड़ोस के लोग भी आ गए। लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। परिवारवालों के मुताबिक गुलाब की शादी तीन वर्ष पूर्व पट्टी कोतवाली के सिसौरा निवासी मीनू के साथ हुई थी। तालमेल न होने के चलते दोनों काफी अरसे से अलग-अलग रह रहे थे।
ससुरालवालों ने इस बाबत एक मुकदमा भी किया है। इसके बाद दोनों पक्षों में सुलह के लिए कई बार प्रयास हुआ, लेकिन बात नहीं बनी। इससे गुलाब काफी तनाव में रहता था। गुलाब ने करीब ही एक सुसाइड नोट लिखकर रखा था। जो परिवार के लोगों के हाथ लगा। आत्महत्या के पूर्व गुलाब ने लिखा था कि पत्नी मीनू, ससुर घनश्याम और साला मुकेश से आजिज आकर वह यह कदम उठा रहा है।
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ससुरालीजन सुलह और मीनू की विदाई के लिए दो लाख रुपये की डिमांड कर रहे थे। जिसे दे पाने में वह असमर्थ था। इससे तंग आकर वह अपनी जान दे रहा है। मौके पर पहुुंची पुलिस ने सुसाइड नोट अपने कब्जे में लेने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक विवेक उर्फ गुलाब मिश्रा परिवार के गुजर बसर के लिए बस पर कंडक्टर का काम करता था। वह तीन भाई हैं। उसके दो भाई बाहर प्रदेश में काम-धंधा करने गए हैं। वह घर पर ही रहता था। शादी के बाद से ही ससुरालियों से उसकी अनबन हो गई।
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बड़ारी गांव निवासी विवेक उर्फ गुलाब मिश्र पुत्र ओमप्रकाश मिश्र ने गुरुवार देर रात घर में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। शुक्रवार की सुबह जब परिवार के लोग सोकर उठे तो ओमप्रकाश की छत से लटकती लाश देख दंग रह गए। उनके रोने बिलखने की आवाज सुनकर पड़ोस के लोग भी आ गए। लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। परिवारवालों के मुताबिक गुलाब की शादी तीन वर्ष पूर्व पट्टी कोतवाली के सिसौरा निवासी मीनू के साथ हुई थी। तालमेल न होने के चलते दोनों काफी अरसे से अलग-अलग रह रहे थे।
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ससुरालवालों ने इस बाबत एक मुकदमा भी किया है। इसके बाद दोनों पक्षों में सुलह के लिए कई बार प्रयास हुआ, लेकिन बात नहीं बनी। इससे गुलाब काफी तनाव में रहता था। गुलाब ने करीब ही एक सुसाइड नोट लिखकर रखा था। जो परिवार के लोगों के हाथ लगा। आत्महत्या के पूर्व गुलाब ने लिखा था कि पत्नी मीनू, ससुर घनश्याम और साला मुकेश से आजिज आकर वह यह कदम उठा रहा है।
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ससुरालीजन सुलह और मीनू की विदाई के लिए दो लाख रुपये की डिमांड कर रहे थे। जिसे दे पाने में वह असमर्थ था। इससे तंग आकर वह अपनी जान दे रहा है। मौके पर पहुुंची पुलिस ने सुसाइड नोट अपने कब्जे में लेने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक विवेक उर्फ गुलाब मिश्रा परिवार के गुजर बसर के लिए बस पर कंडक्टर का काम करता था। वह तीन भाई हैं। उसके दो भाई बाहर प्रदेश में काम-धंधा करने गए हैं। वह घर पर ही रहता था। शादी के बाद से ही ससुरालियों से उसकी अनबन हो गई।