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कलेजे के टुकड़े को पाकर बिलख पड़ी मां
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Thu, 14 May 2015 12:31 AM IST
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मंगलवार को एसपी आवास के पीछे आजाद नगर में नाले के पास मिले मासूम को बुधवार को उसकी मां के हवाले कर दिया गया। गायब कलेजे के टुकड़े के गोद में आते ही मां की आंखों से आंसू निकल आए।
मंगलवार को पुलिस अधीक्षक आवास के पीछे आजाद नगर को जाने वाले नाले के किनारे चार माह के बच्चे को लोगों ने रोते हुए देखा। इस दौरान वहां पहुंचे अधिवक्ता आरिफ उसे उठा ले गए। वह बीमार लग था। घर ले जाकर उसकी दवा कराई। घटना की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी गई। बुधवार की सुबह भंगवा चुंगी पुलिस चौकी पर एक महिला रोते बिलखते हुए पहुंची और बच्चा चोरी होने की बात कहते हुए कार्रवाई की मांग करने लगी। पुलिस ने तत्काल महिला को आजाद नगर भेजा। महिला से पूछताछ के बाद बच्चा देने से अधिवक्ता ने मना कर दिया। कहाकि बिना कोई पुख्ता साक्ष्य या फिर पुलिस के उसे बच्चा नहीं मिलेगा।
इस बीच चीता मोबाइल पहुुंच गई, लेकिन उसे भी बैरंग लौटना पड़ा। बाद में अधिवक्ता बच्चे को लेकर पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचे। पूरी बात सुनने के बाद एसपी ने सीओ सिटी को बुलाकर मामले का निस्तारण करने का निर्देश दिया। इस बीच गोरखपुर जनपद के गोरखानाथ की रहने वाली गुड़िया पत्नी राजकुमार अपनी बहन के साथ पहुंची। महिला होमगार्ड ने जैसे ही बच्चे को उसकी ओर किया बच्चा लपककर मां की गोद में चला गया। इसके बाद तो वह बिलख पड़ी। फिर रोते हुए बच्चा चोरी होने की दास्तान बयां करने लगी।
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उसने बताया कि वह करीब छह माह से जंक्शन के पूर्वी छोर में स्थित लोको यार्ड में रहती है। कंबल बेचकर गुजर-बसर करती है। पति अकबरपुर में ईंट-भट्ठे पर काम करता है। इकलौता बेटा मंगलवार भोर में गायब हो गया था। उसकी तलाश में वह भटक रही थी। बगल रहने वाली पूजा ने उससे 12 सौ रुपये उधार लिए थे। मांगने पर उससे विवाद हुआ था। आशंका जताई कि उसने ही बच्चे को गायब कर फेंका होगा। सीओ सिटी के आदेश पर भंगवा चुंगी चौकी प्रभारी एसएम कासिम ने छानबीन के बाद बच्चे को उसकी मां के हवाले कर दिया।
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मंगलवार को पुलिस अधीक्षक आवास के पीछे आजाद नगर को जाने वाले नाले के किनारे चार माह के बच्चे को लोगों ने रोते हुए देखा। इस दौरान वहां पहुंचे अधिवक्ता आरिफ उसे उठा ले गए। वह बीमार लग था। घर ले जाकर उसकी दवा कराई। घटना की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी गई। बुधवार की सुबह भंगवा चुंगी पुलिस चौकी पर एक महिला रोते बिलखते हुए पहुंची और बच्चा चोरी होने की बात कहते हुए कार्रवाई की मांग करने लगी। पुलिस ने तत्काल महिला को आजाद नगर भेजा। महिला से पूछताछ के बाद बच्चा देने से अधिवक्ता ने मना कर दिया। कहाकि बिना कोई पुख्ता साक्ष्य या फिर पुलिस के उसे बच्चा नहीं मिलेगा।
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इस बीच चीता मोबाइल पहुुंच गई, लेकिन उसे भी बैरंग लौटना पड़ा। बाद में अधिवक्ता बच्चे को लेकर पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचे। पूरी बात सुनने के बाद एसपी ने सीओ सिटी को बुलाकर मामले का निस्तारण करने का निर्देश दिया। इस बीच गोरखपुर जनपद के गोरखानाथ की रहने वाली गुड़िया पत्नी राजकुमार अपनी बहन के साथ पहुंची। महिला होमगार्ड ने जैसे ही बच्चे को उसकी ओर किया बच्चा लपककर मां की गोद में चला गया। इसके बाद तो वह बिलख पड़ी। फिर रोते हुए बच्चा चोरी होने की दास्तान बयां करने लगी।
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उसने बताया कि वह करीब छह माह से जंक्शन के पूर्वी छोर में स्थित लोको यार्ड में रहती है। कंबल बेचकर गुजर-बसर करती है। पति अकबरपुर में ईंट-भट्ठे पर काम करता है। इकलौता बेटा मंगलवार भोर में गायब हो गया था। उसकी तलाश में वह भटक रही थी। बगल रहने वाली पूजा ने उससे 12 सौ रुपये उधार लिए थे। मांगने पर उससे विवाद हुआ था। आशंका जताई कि उसने ही बच्चे को गायब कर फेंका होगा। सीओ सिटी के आदेश पर भंगवा चुंगी चौकी प्रभारी एसएम कासिम ने छानबीन के बाद बच्चे को उसकी मां के हवाले कर दिया।