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नायब नाजिर हत्याकांड : तहसीलदार के बाद चेनमैन ने भी घटना की जानकारी से किया इनकार

Thu, 14 Apr 2022 09:43 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 14 Apr 2022 09:43 PM IST
सार

लालगंज तहसील के नायब नाजिर सुनील शर्मा को 30 मार्च की रात एसडीएम लालगंज ज्ञानेंद्र विक्रम व उसके तीन करीबियों ने लाठी-डंडे से बेरहमी से पीटा था। दूसरे दिन कर्मचारी सुनील ने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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Nayab Nazir murder case: After the Tehsildar, the chainman also denied the information about the incident
प्रतापगढ़ : नायब नाजिर सुनील शर्मा। फाइल फोटो - फोटो : प्रतापगढ़

विस्तार

लालगंज तहसील के नायब नाजिर की हत्या के मामले में साक्ष्य एकत्र करने में जुटी लालगंज पुलिस को फिर झटका लगा है। तहसीलदार के बाद अब फरार एसडीएम के आवास पर काम करने वाले चेनमैन ने भी घटना की जानकारी से इनकार कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, उसने पुलिस की पूछताछ में कहा कि घटना के दिन वह एसडीएम के आवास पर गया ही नहीं था। उधर, फरार एसडीएम लगातार अपने करीबी कर्मचारियों के संपर्क में है। वह पुलिस की हर गतिविधि के बारे में जानकारी ले रहा है।

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लालगंज तहसील के नायब नाजिर सुनील शर्मा को 30 मार्च की रात एसडीएम लालगंज ज्ञानेंद्र विक्रम व उसके तीन करीबियों ने लाठी-डंडे से बेरहमी से पीटा था। दूसरे दिन कर्मचारी सुनील ने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि पीड़ित कर्मचारी का मेडिकल तक नहीं कराया। जिसके चलते सुनील शर्मा अपनी चोटें दिखाते हुए अफसरों की चौखट पर फरियाद लेकर पहुंचा।
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बाद में एडीएम के आदेश पर मेडिकल कॉलेज में उसका चिकित्सकीय परीक्षण हुआ। उसके शरीर पर कुल 19 चोटें आई थीं। इसके बाद भी अफसर मामले को रफादफा करने पर उतारू थे। दो अप्रैल को हालत बिगड़ने पर सुनील शर्मा को पहले ट्रामा सेंटर ले जाया गया था। दोपहर बाद मेडिकल कॉलेज लाया गया। जहां देर रात उसकी सांसें थम गईं। इससे आक्रोशित कर्मचारियों ने आरोपी एसडीएम समेत उसके तीन अज्ञात करीबियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर मेडिकल कॉलेज गेट पर जाम लगा दिया।

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अभी तक नहीं गिरफ्तार हो सके फरार चल रहे एसडीएम

हंगामे के बीच पहुंचे जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल व पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के आदेश पर चार दिन से टालमटोल कर रही पुलिस ने दो मिनट के भीतर मुकदमा दर्ज कर लिया। जिसके बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी। मुकदमा दर्ज होने की खबर मिलने के बाद ही आरोपी एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम फरार हो गया।



पुलिस ने भी उसकी खोजबीन का प्रयास नहीं किया। पुलिस साक्ष्य व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अवलोकन के बाद आगे की कार्रवाई की बात करती रही। बृहस्पतिवार को घटना की बाबत लालगंज पुलिस ने लालगंज तहसील के चेनमैन प्रदीप सिंह से पूछताछ की। चेनमैन प्रदीप सिंह ने बातया कि 30 मार्च को वह एसडीएम आवास गया ही नहीं। इससे पहले परिसर में रहने वाले तहसीलदार जावेद अहमद ने घटना की बाबत अनभिज्ञता जताते हुए बताया था कि वह अपने कमरे में सो रहे थे।

एसडीएम के दोनों नंबर चल रहे हैं बंद

सूत्रों के अनुसार, फरार निलंबित एसडीएम तहसील के कुछ खास कर्मचारियों के संपर्क में है। जिनसे वह हर दिन की गतिविधियों की जानकारी ले रहा है। अपना प्राइवेट व सीयूजी नंबर बंदकर दूसरे नंबर से कर्मचारियों से बातचीत कर रहा है। फिलहाल, आला अधिकारियों के रहमोकरम पर अभी तक निलंबित फरार एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम की गिरफ्तारी की दिशा में पुलिस कोई प्रयास नहीं कर रही। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी रोहित मिश्रा ने बताया कि बयान के जरिए साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। 



आज भी नहीं लिया जा सका डॉक्टरों का बयान
नायब नाजिर सुनील शर्मा का पोस्टमार्टम करने वाले दो डॉक्टरों का बयान दर्ज करने के लिए बृहस्पतिवार को लालगंज कोतवाल कुंडा की ओर निकले। इस बीच रास्ते में बातचीत करने पर दोनों चिकित्सकों ने बाहर होने की जानकारी दी। जिसके चलते कोतवाल को फिर लौटना पड़ा।

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