नायब नाजिर हत्याकांड : एसडीएम और उनके साथ आए तीन लोगों ने पापा को बेरहमी से पीटा था
लालगंज तहसील के तत्कालीन निलंबित एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह को गिरफ्तार करने के पहले पुलिस पुख्ता साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। शुक्रवार को लालगंज कोतवाल कमलेश पाल ने शहर के विवेक नगर स्थित सुनील शर्मा के घर पहुंचकर उसके बेटे और मुकदमा वादी सुधीर कुमार शर्मा का बयान रिकार्ड किया।
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लालगंज तहसील में तैनात रहे नायब नाजिर सुनील शर्मा के हत्यारोपी निलंबित एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। शुक्रवार को मृतक के बेटे का बयान दर्ज करने के लिए लालगंज कोतवाल विवेक नगर स्थित नायब नाजिर के घर पहुंचे। बेेटे ने बताया कि तत्कालीन एसडीएम और उनके साथ आए तीन लोगों ने पापा की डंडे से बेरहमी के साथ पिटाई की थी। वह रहम की भीख मांगते रहे, मगर एसडीएम को दया नहीं आई।
लालगंज तहसील के तत्कालीन निलंबित एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह को गिरफ्तार करने के पहले पुलिस पुख्ता साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। शुक्रवार को लालगंज कोतवाल कमलेश पाल ने शहर के विवेक नगर स्थित सुनील शर्मा के घर पहुंचकर उसके बेटे और मुकदमा वादी सुधीर कुमार शर्मा का बयान रिकार्ड किया।
इतना पीटा था कि बोल नहीं पा रहे थे
बेटे सुधीर शर्मा ने बताया कि एसडीएम और उनके तीन लोगों ने मिलकर बेरहमी से पापा की पिटाई की थी। वह बार-बार गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने भी उनकी बात नहीं सुनी। सुधीर ने बताया कि गंभीर रूप से घायल पापा ने घर पहुंचने के बाद रो-रो कर घटना के बारे में जानकारी दी थी। सुधीर के मुताबिक, सुनील को इतना बुरी तरह पीटा गया था कि वह बोल भी नहीं पा रहे थे।
सुधीर शर्मा ने लालगंज कोतवाल को बताया कि पहले उसके पापा एसडीएम के सबसे करीबियों में शामिल थे। मगर कैसे वह उनकी जान के दुश्मन बन गए, यह बात समझ में नहीं आ रही है। सुधीर ने बताया कि घटना के बाद जिले के अफसर जरा भी सक्रिय हुए तो पापा की जान बच सकती थी। इलाज कराने के लिए जिले के अधिकारियों से भी फरियाद की गई, लेकिन सभी एसडीएम के बचाव में आ गए। जिससे समय से इलाज नहीं हो पाया। लालगंज कोतवाल ने सुुधीर का पूरा बयान रिकार्ड किया।