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शहर की आबोहवा खराब कर रही नगर पालिका
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sat, 09 Jun 2018 11:49 PM IST
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नगर पालिका ने रोड के किनारे लगा दिया कूड़े का ढेर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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नगर पालिका शहर की आबोहवा खराब करने में लगी है। 25 वार्डों से हर दिन निकलने वाले 42.6 टन कूड़े को शहर में ही पहले 15 स्थानों पर डंप किया जाता है। फिर बाद में मनमाने ढंग से इसे शहर की सीमा से लगे इलाकों में लेकर फेंक दिया जाता है। इससे गंदगी दूर होने का नाम नहीं ले रही है।
कूड़ा निस्तारण के लिए सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट प्रस्तावित है, लेकिन अब तक जमीन नहीं मिल सकी है। सीवर लाइन अभी तक चालू नहीं हो सकी। शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों की लंबी फौज काम करती है। दर्जन भर से अधिक वाहन दौड़ते हैं। इसके बावजूद स्थिति बदतर है। नाले चोक होने की भी एक वजह कूड़े के ढेर हैं। शहर के 15 स्थानों पर कूड़ा डंपिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। जहां हर रोज कूड़ा इकट्ठा किया जाता है। फिर दोपहर या शाम तक मनमाने ढंग से इसे शहर की सीमा के आसपास ले जाकर फेंक दिया जाता है। नालों की सफाई के दौरान सिल्ट निकालकर सड़कों पर डाली जा रही है। इससे लोगों को असुविधा होती है। सफाई प्रभारी की मानें तो हर दिन शहर के 25 वार्डो से 42.6 टन कूड़ा निकलता है। जिसे शहर के करीब गड्ढों या फिर खाली प्लाटों में डाल दिया जाता है।
दुर्गंध से हो जाता है सांस लेना दूभर
शहर के 25 वार्डों में नगर पालिका की ओर से कूड़ों को एकत्र करने के लिए डंपिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। जीजीआईसी, स्टेट बैंक के सामने, लोनिवि के करीब, वन विभाग नर्सरी के सामने लगने वाले कूड़ों के ढेर से उठने वाली दुर्गंध से लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है। कूड़ों को यहां वहां डालकर वाहनों के तेल में भी खेल किया जा रहा है।
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शहर में इन स्थानों पर बने हैं डंपिंग प्वाइंट
जीजीआईसी, अचलपुर, हादीहाल, स्टेट बैंक के सामने, जिला अस्पताल, लोनिवि कार्यालय, डीएम आवास के करीब, पूर्वी सहोदरपुर, सदर बाजार, बलीपुर, विवेक नगर, टक्करगंज, मकंद्रूगंज वार्ड, चिलबिला और अस्पताल वार्ड
यहां फेंका जाता है शहर का कूड़ा
शहर के डंपिंग प्वाइंटों से उठने वाले कूड़े को बड़े वाहन से चिलबिला पश्चिमी वार्ड की सीमा पर चमरौधा नदी के करीब, बराछा जंगल में, चिलबिला हाईवे के किनारे, जोगापुर के खाली प्लाटों में, गायघाट रोड दहिलामऊ में खाली प्लाट, देवकली, कादीपुर, पठखौली सई नदी के किनारे फेंक दिया जाता है। इससे जहां आसपास रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वही सई नदी में गंदी हो रही है।
बारिश में और बिगड़ेंगे हालात
शहर के डंपिंग प्वाइंटों से दिनभर कूड़ा उठाया जाता है। गत दिनों जीजीआईसी व स्टेट बैंक के सामने से कूड़ा नहीं उठाया गया तो लोगों ने उसमें आग लगा दिया। जगह-जगह कूड़ा डंप होने के कारण बरसात में और हालात खराब होंगे। बारिश में पूरे शहर में गंदगी ही नजर आएगी और लोग बीमारियों की चपेट में आएंगे।
सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए नहीं मिली जमीन
नगर पालिका के कूड़ा निस्तारण के लिए सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए अभी तक स्थान नहीं मिल सका। पहले पूरे केशवराय में पालिका को जमीन मिली थी, लेकिन आवागमन के अभाव में जमीन का प्रयोग पालिका नहीं कर सकी। दूसरी जमीन शिवसत में पालिका को प्रशासन ने उपलब्ध कराई थी, लेकिन वहां भी प्लांट बनाने वाली संस्था ने अड़चन बता दी। जिससे कूड़ा निस्तारण के लिए समस्या बनी हुई है।
वैकिल्पक व्यवस्था के तहत अभी कूड़ा चिलबिला में गिरवाया जा रहा है। राजस्व विभाग व नगर पालिका की टीम ने चिलबिला में ही कुछ जमीन चिह्नित की है। जिसे तीन चार दिन के भीतर निशानदेही करने के बाद कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था कराई जाएगी। सफाई कर्मचारियों को सफाई का निर्देश दिया गया है। लापरवाही बरतने वाले के खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है।
अवधेश यादव, ईओ, नगर पालिका।
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कूड़ा निस्तारण के लिए सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट प्रस्तावित है, लेकिन अब तक जमीन नहीं मिल सकी है। सीवर लाइन अभी तक चालू नहीं हो सकी। शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों की लंबी फौज काम करती है। दर्जन भर से अधिक वाहन दौड़ते हैं। इसके बावजूद स्थिति बदतर है। नाले चोक होने की भी एक वजह कूड़े के ढेर हैं। शहर के 15 स्थानों पर कूड़ा डंपिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। जहां हर रोज कूड़ा इकट्ठा किया जाता है। फिर दोपहर या शाम तक मनमाने ढंग से इसे शहर की सीमा के आसपास ले जाकर फेंक दिया जाता है। नालों की सफाई के दौरान सिल्ट निकालकर सड़कों पर डाली जा रही है। इससे लोगों को असुविधा होती है। सफाई प्रभारी की मानें तो हर दिन शहर के 25 वार्डो से 42.6 टन कूड़ा निकलता है। जिसे शहर के करीब गड्ढों या फिर खाली प्लाटों में डाल दिया जाता है।
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दुर्गंध से हो जाता है सांस लेना दूभर
शहर के 25 वार्डों में नगर पालिका की ओर से कूड़ों को एकत्र करने के लिए डंपिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। जीजीआईसी, स्टेट बैंक के सामने, लोनिवि के करीब, वन विभाग नर्सरी के सामने लगने वाले कूड़ों के ढेर से उठने वाली दुर्गंध से लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है। कूड़ों को यहां वहां डालकर वाहनों के तेल में भी खेल किया जा रहा है।
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शहर में इन स्थानों पर बने हैं डंपिंग प्वाइंट
जीजीआईसी, अचलपुर, हादीहाल, स्टेट बैंक के सामने, जिला अस्पताल, लोनिवि कार्यालय, डीएम आवास के करीब, पूर्वी सहोदरपुर, सदर बाजार, बलीपुर, विवेक नगर, टक्करगंज, मकंद्रूगंज वार्ड, चिलबिला और अस्पताल वार्ड
यहां फेंका जाता है शहर का कूड़ा
शहर के डंपिंग प्वाइंटों से उठने वाले कूड़े को बड़े वाहन से चिलबिला पश्चिमी वार्ड की सीमा पर चमरौधा नदी के करीब, बराछा जंगल में, चिलबिला हाईवे के किनारे, जोगापुर के खाली प्लाटों में, गायघाट रोड दहिलामऊ में खाली प्लाट, देवकली, कादीपुर, पठखौली सई नदी के किनारे फेंक दिया जाता है। इससे जहां आसपास रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वही सई नदी में गंदी हो रही है।
बारिश में और बिगड़ेंगे हालात
शहर के डंपिंग प्वाइंटों से दिनभर कूड़ा उठाया जाता है। गत दिनों जीजीआईसी व स्टेट बैंक के सामने से कूड़ा नहीं उठाया गया तो लोगों ने उसमें आग लगा दिया। जगह-जगह कूड़ा डंप होने के कारण बरसात में और हालात खराब होंगे। बारिश में पूरे शहर में गंदगी ही नजर आएगी और लोग बीमारियों की चपेट में आएंगे।
सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए नहीं मिली जमीन
नगर पालिका के कूड़ा निस्तारण के लिए सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए अभी तक स्थान नहीं मिल सका। पहले पूरे केशवराय में पालिका को जमीन मिली थी, लेकिन आवागमन के अभाव में जमीन का प्रयोग पालिका नहीं कर सकी। दूसरी जमीन शिवसत में पालिका को प्रशासन ने उपलब्ध कराई थी, लेकिन वहां भी प्लांट बनाने वाली संस्था ने अड़चन बता दी। जिससे कूड़ा निस्तारण के लिए समस्या बनी हुई है।
वैकिल्पक व्यवस्था के तहत अभी कूड़ा चिलबिला में गिरवाया जा रहा है। राजस्व विभाग व नगर पालिका की टीम ने चिलबिला में ही कुछ जमीन चिह्नित की है। जिसे तीन चार दिन के भीतर निशानदेही करने के बाद कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था कराई जाएगी। सफाई कर्मचारियों को सफाई का निर्देश दिया गया है। लापरवाही बरतने वाले के खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है।
अवधेश यादव, ईओ, नगर पालिका।