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खुद के साथ कोरोना जांच कराने वाले लोगों की जान से खिलवाड़

Sat, 10 Apr 2021 11:26 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 10 Apr 2021 11:26 PM IST
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Messing with the lives of people who conducted a corona investigation with themselves
कोरोना मरीज मिलने से महिला अस्पताल बंद कराये जाने से परेशान मरीजों की ओपीडी के सामने रही भीड़। - फोटो : PRATAPGARH
कोरोना जांच में लगे हेल्थ वर्कर खुद के साथ दूसरे लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। बगैर पीपीई किट पहने ही कोरोना की जांच कर रहे हैं। कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद हाथों को सैनिटाइजर से धुलते तक नहीं हैं, उसी स्थान पर दूसरे लोगों को बैठाकर तत्काल जांच करने लगते हैं। इससे जांच करने वाला खुद भी संक्रमित हो सकता है और दूसरों के संक्रमित होने की पूरी संभावना रहती है।
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संबंधित अधिकारी अंजान बने हुए हैं।
शासन के आदेश के मुताबकि बाहर से आने वाले लोगों की जांच की जाए। जांच करने वाले एलटी पीपीई किट पहनकर खुद को सुरक्षित रखते हुए कोरोना की जांच करेंगे।
मगर जिले में गाइडलाइन के विपरीत काम हो रहा है। शनिवार की सुबह रोडबेज बस डिपो पर स्वास्थ्य विभाग की टीम दिल्ली, मुंबई, सूरत सहित अन्य बड़े महानगरों से लौटकर आने व जाने वाले यात्रियों की कोरोना जांच कर रही थी।
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स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी पीपीई किट नहीं पहने थे। बस स्टेशन परिसर में यात्रियों के बैठने के लिए बने शेड पर ही सभी को बैठाकर कोरोना की जांच हो रही थी। संक्रमित मरीज मिलने के बाद भी कर्मचारी न तो अपने हाथ को सैनिटाइजर से धुलते थे और न ही जिस स्थान पर संक्रमित यात्री मिला है वहां पर सैनिटाइजेशन कराया जा रहा था।
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जबकि एक के बाद एक यात्री उसी स्थान पर बैठकर अपनी जांच करा रहे थे। ऐसे में कोरोना संक्रमण बढ़ने की संभावना अधिक है। रानीगंज सीएचसी हो या फिर गौरा में बगैर पीपीईकिट पहने एलटी कोरोना संक्रमितों की जांच करते दिखाई पड़े। यदि एलटी खुद संक्रमित हो गए तो जांच करने वाले अन्य लोगों को भी वे संक्रमित कर सकते हैं। मगर जिम्मेेदार इससे पूरी तरह अंजान बने रहे।
एलटी बोले नहीं मिलता सैनिटाइजर
कोरोना जांच में लगे कई एलटी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि विभाग की ओर से सैनिटाइजर तो दूर मॉस्क तक नहीं दिया जा रहा है। पीपीई किट भी कभी कभार ही दी जाती है। ज्यादा से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच कराने का दबाव भी बनाया जाता है। विरोध करने पर नौकरी से हटा देने की धमकी मिल रही है। इसलिए अपनी जान खतरे में डालकर कोरोना की जांच कर रहे हैं।

ज्यादा जांच दिखाने के चक्कर में हो रहा खेल
जिले में कोरोना की ज्यादा जांच दिखाने के फेर में खेल हो रहा है। दबाव के चलते एलटी फर्जी नाम व पते के साथ मोबाइल नंबर अपने पंजीका में अंकित कर लेते हैं। इसके बाद निगेटिव की रिपोर्ट लगा देते हैं।

रोडवेज बस अड्डे पर लगे शिविर में यात्रियों का बगैर पीपी किट के कोरोना जांच करता स्वास्थ्यकर्मी।

रोडवेज बस अड्डे पर लगे शिविर में यात्रियों का बगैर पीपी किट के कोरोना जांच करता स्वास्थ्यकर्मी।- फोटो : PRATAPGARH

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