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शौचालय के घपले में फंसेंगे कई अफसर
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शौचालय के घपले में फंसेंगे कई अफसर
ठंडे बस्ते में पड़े 13.17 करोड़ रुपये के हेरफेर की विजिलेंस जांच कराने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों के निर्माण में हुआ घपला कई अफसरों के गले की फांस बन सकता है। मामले की जांच के लिए बनी त्रिस्तरीय कमेटी ने साल भर में तीन बार नोटिस जारी किया, मगर अभी तक विभाग ने जवाब नहीं दिया है। इधर, ग्रामीण इलाकों में शौचालयों का निर्माण बगैर कराए ही धनराशि का बंटरबांट कर लिया गया है। ऐसे में शौचालय निर्माण के नाम पर ठंडे बस्ते में पड़े 13.17 करोड़ रुपये के हेरफेर की विजिलेंस जांच कराने की तैयारी है। इससे अफसरों की धड़कनें बढ़ गई हैं। हालांकि उस समय के अधिकांश अफसर अब जिले से स्थानांतरित हो चुके हैं।
स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत शौचालय निर्माण में ग्रामीण इलाकों में प्रधान और सचिवों ने रुपये की बंदरबांट की तो मुख्यालय में अफसर फर्जी बिल बाउचर लगाकर हिसाब बराबर करने में पीछे नहीं रहे। वर्ष 2017-18 में घर-घर शौचालय बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक करने के लिए 9.75 करोड़ प्रचार-प्रसार और 3.42 करोड़ रुपये प्रशासनिक मद में कब खर्च हो गए, इसका पता ही नहीं चला। होर्डिंग, बैनर, वाल राइटिंग के साथ ही विविध कार्यक्रमों के माध्यम से इस धनराशि को खर्च करना था, मगर अफसरों ने फर्जी बिल बाउचर लगाकर रुपये की बंदरबाट कर डाली। दिशा की बैठक में पूर्व सांसद और विधायकों ने घपले का मामला उठाया तो तत्कालीन डीएम शंभु कुमार ने डीडीओ सुदामा प्रसाद, डीएसटीओ राजेश कुमार सिंह और लेखाकार मिथलेश सिंह की संयुक्त टीम बनाकर पूरे मामले की जांच करने को कहा। टीम के सदस्यों की मानें तो तीन बार डीपीआरओ को नोटिस दिया गया, मगर खर्च का ब्यौरा देने से वह कतराते रहे। इसी दौरान डीपीआरओ को तबादला भी हो गया। दस जुलाई को इस मामले को लेकर फिर समीक्षा बैठक हुई। अब इस घपले की विजिलेंस जांच कराने की तैयारी है।
इनसेट--------
37,600 रुपये क्रिकेट खेलने में हो गए खर्च
शहर के स्पोर्ट्स स्टेडियम में अफसरों और मीडिया कर्मियों के बीच हुई मैच में 37,600 रुपये का खर्च दिखाया गया है। जबकि प्रतियोगिता में मीडिया कर्मियों को सिर्फ नाश्ते की व्यवस्था की गई थी। मगर अफसरों ने बंदरबांट करने के लिए भारी भरकम बजट दिखा दिया है।
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इनसेट--------
सीएम के कार्यक्रम में खर्च हुए थे 2,24,478 रुपये
लोकसभा चुनाव के पहले जीआईसी में आए मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में 97,000 रुपये का गुब्बारा, 62,867 रुपये होर्डिंग और 64,611 रुपये वालराइटिंग में खर्च दिखाया गया है। इस धनराशि को बगैर टेंडर के ही खर्च कर दिया गया।
इनसेट----------
घपले में 11 प्रधान और 14 ग्राम पंचायत अफसरों पर गिर चुकी है गाज
शौचालय निर्माण में रुपये की बंदरबांट करने वाले प्रधानों और सचिवों पर गाज गिरने का सिलसिला अभी जारी है। संडवा चंद्रिका विकास खंड के लखराव प्रधान संजय यादव और सचिवों केके सिंह, हरिशंकर पटेल पर 18.73 लाख रुपये के घपले की रिपोर्ट सांगीपुर में दर्ज कराई गई थी। विभाग अभी तक 11 प्रधान और 14 सचिवों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है।
इनसेट----------
दांदूपुर दौलत में नहीं बने हैं 249 शौचालय
संडवा चंद्रिका विकास खंड के दांदूपुर दौलत में 400 शौचालयों का निर्माण कराने के लिए धनराशि दी गई थी। मगर अभी तक 249 शौचालयों का निर्माण नहीं कराया गया है। एडीओ पंचायत दयाराम सरोज ने बताया कि शिकायत मिली है, जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि धनराशि आवंटन के सापेक्ष शौचालयों का निर्माण नहीं कराया गया है।
वर्जन--------
शौचालय घपले की जहां से शिकायतें आ रही है, उसकी तुरंत जांच कराकर कार्रवाई की जा रही है। त्रिस्तरीय कमेटी का नोटिस अभी नहीं मिला है। मेरा कार्यकाल बहुत ही कम दिन का है। विभाग में सभी अभिलेख उपलब्ध हैं जांच अधिकारियों के मांगने पर उपलब्ध कराया जाएगा।
लालजी दूबे, डीपीआरओ।
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ठंडे बस्ते में पड़े 13.17 करोड़ रुपये के हेरफेर की विजिलेंस जांच कराने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों के निर्माण में हुआ घपला कई अफसरों के गले की फांस बन सकता है। मामले की जांच के लिए बनी त्रिस्तरीय कमेटी ने साल भर में तीन बार नोटिस जारी किया, मगर अभी तक विभाग ने जवाब नहीं दिया है। इधर, ग्रामीण इलाकों में शौचालयों का निर्माण बगैर कराए ही धनराशि का बंटरबांट कर लिया गया है। ऐसे में शौचालय निर्माण के नाम पर ठंडे बस्ते में पड़े 13.17 करोड़ रुपये के हेरफेर की विजिलेंस जांच कराने की तैयारी है। इससे अफसरों की धड़कनें बढ़ गई हैं। हालांकि उस समय के अधिकांश अफसर अब जिले से स्थानांतरित हो चुके हैं।
स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत शौचालय निर्माण में ग्रामीण इलाकों में प्रधान और सचिवों ने रुपये की बंदरबांट की तो मुख्यालय में अफसर फर्जी बिल बाउचर लगाकर हिसाब बराबर करने में पीछे नहीं रहे। वर्ष 2017-18 में घर-घर शौचालय बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक करने के लिए 9.75 करोड़ प्रचार-प्रसार और 3.42 करोड़ रुपये प्रशासनिक मद में कब खर्च हो गए, इसका पता ही नहीं चला। होर्डिंग, बैनर, वाल राइटिंग के साथ ही विविध कार्यक्रमों के माध्यम से इस धनराशि को खर्च करना था, मगर अफसरों ने फर्जी बिल बाउचर लगाकर रुपये की बंदरबाट कर डाली। दिशा की बैठक में पूर्व सांसद और विधायकों ने घपले का मामला उठाया तो तत्कालीन डीएम शंभु कुमार ने डीडीओ सुदामा प्रसाद, डीएसटीओ राजेश कुमार सिंह और लेखाकार मिथलेश सिंह की संयुक्त टीम बनाकर पूरे मामले की जांच करने को कहा। टीम के सदस्यों की मानें तो तीन बार डीपीआरओ को नोटिस दिया गया, मगर खर्च का ब्यौरा देने से वह कतराते रहे। इसी दौरान डीपीआरओ को तबादला भी हो गया। दस जुलाई को इस मामले को लेकर फिर समीक्षा बैठक हुई। अब इस घपले की विजिलेंस जांच कराने की तैयारी है।
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इनसेट--------
37,600 रुपये क्रिकेट खेलने में हो गए खर्च
शहर के स्पोर्ट्स स्टेडियम में अफसरों और मीडिया कर्मियों के बीच हुई मैच में 37,600 रुपये का खर्च दिखाया गया है। जबकि प्रतियोगिता में मीडिया कर्मियों को सिर्फ नाश्ते की व्यवस्था की गई थी। मगर अफसरों ने बंदरबांट करने के लिए भारी भरकम बजट दिखा दिया है।
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सीएम के कार्यक्रम में खर्च हुए थे 2,24,478 रुपये
लोकसभा चुनाव के पहले जीआईसी में आए मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में 97,000 रुपये का गुब्बारा, 62,867 रुपये होर्डिंग और 64,611 रुपये वालराइटिंग में खर्च दिखाया गया है। इस धनराशि को बगैर टेंडर के ही खर्च कर दिया गया।
इनसेट----------
घपले में 11 प्रधान और 14 ग्राम पंचायत अफसरों पर गिर चुकी है गाज
शौचालय निर्माण में रुपये की बंदरबांट करने वाले प्रधानों और सचिवों पर गाज गिरने का सिलसिला अभी जारी है। संडवा चंद्रिका विकास खंड के लखराव प्रधान संजय यादव और सचिवों केके सिंह, हरिशंकर पटेल पर 18.73 लाख रुपये के घपले की रिपोर्ट सांगीपुर में दर्ज कराई गई थी। विभाग अभी तक 11 प्रधान और 14 सचिवों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है।
इनसेट----------
दांदूपुर दौलत में नहीं बने हैं 249 शौचालय
संडवा चंद्रिका विकास खंड के दांदूपुर दौलत में 400 शौचालयों का निर्माण कराने के लिए धनराशि दी गई थी। मगर अभी तक 249 शौचालयों का निर्माण नहीं कराया गया है। एडीओ पंचायत दयाराम सरोज ने बताया कि शिकायत मिली है, जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि धनराशि आवंटन के सापेक्ष शौचालयों का निर्माण नहीं कराया गया है।
वर्जन--------
शौचालय घपले की जहां से शिकायतें आ रही है, उसकी तुरंत जांच कराकर कार्रवाई की जा रही है। त्रिस्तरीय कमेटी का नोटिस अभी नहीं मिला है। मेरा कार्यकाल बहुत ही कम दिन का है। विभाग में सभी अभिलेख उपलब्ध हैं जांच अधिकारियों के मांगने पर उपलब्ध कराया जाएगा।
लालजी दूबे, डीपीआरओ।