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कुपोषण मुक्त गांवों में पल रहे कुपोषित बच्चे
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Aug 2018 11:11 PM IST
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अफसरों ने बगैर सत्यापन कराएजिले के सौ गांवों को कुपोषण मुक्त घोषित कर दिया। शासन ने इसकी जांच करने के लिए कहा तो अब अफसर सत्यापन करने से कन्नी काट रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि जिन गांवों को कुपोषण मुक्त घोषित किया गया वहीं कुपोषित बच्चे पल रहे हैं।
जिला प्रशासन ने अपनी पीठ थपथपाने के लिए जिन गांवों में कुपोषित बच्चे पल रहे हैं, उन्हें भी कागज पर कुपोषण मुक्त घोषित कर दिया है। जबकि अफसरों को सर्वे कराने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजनी थी। सत्यापन के बाद गांवों कुपोषण मुक्त घोषित किया जाना था। महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन सौ गांवों को कुपोषण मुक्त घोषित किया गया है, उनमें 47 गांव अफसरों के गोद लिए हैं। जिन गांवों को कुपोषण मुक्त घोषित किया गया है, अब उनके नाम भी जिला कार्यक्रम अधिकारी के यहां नहीं मिल रहा है। पांच माह पहले तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जिला विकास अधिकारी को 100 गांवों के कुपोषण मुक्त होने का दावा करते हुए रिपोर्ट भेज दी। उनका तबादला होने के बाद अब सत्यापन की बारी आई तो कुपोषण मुक्त घोषित गांवों के नाम नहीं मिल रहे हैं। फाइल भी गायब है।
कुपोषण मुक्त गांवों का फिर से सत्यापन का निर्देश
कुपोषण मुक्त 100 गांवों का सर्वे फिर से शुरू हो गया है। सीडीओ ने सर्वे करवाने के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं प्रभारी को आदेश दिया है। अधिकारी अभी तक सत्यापन नहीं शुरू कर सके हैं।
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57 कुपोषित बच्चों का कुपोषण पुर्नवास केंद्र में हुआ इलाज
जिला अस्पताल के कुपोषण पुर्नवास केंद्र में चार माह के अंदर 57 कुपोषित बच्चों को भर्ती करके चिकित्सक इलाज कर चुके हैं। इन दिनों चार बच्चों का इलाज चल रहा है। इनमें सदर विकास खंड के सरायबीर भद्र निवासी अभिषेक पुत्र अवधेश, आदित्य पुत्र अवधेश व मानधाता के नीमा सराय निवासी अतीक पुत्र फूलचंद्र शामिल हैं।
डीएम के गोद लिए गांव में भी कुपोषित बच्चे
जिलाधिकारी शंभु कुमार ने बडनपुर गांव को गोद लिया है। इस गांव में भी पांच कुपोषित बच्चे हैं। इनमें भोले की तीन वर्षीय बेटी रिंकी, भुलई राम की दो वर्षीय बेटी दीपिका, विजय कुमार की बेटी निभा, अरविंद का बेटा प्रियांशु व कन्हैया का बेटा अनमोल शामिल हैं। सांसद हरिवंश सिंह के गोद लिए गए गांव कटरा इंद्रकुवर में दो कुपोषित बच्चे हैं। इनमें संतोष की बेटी रोली दस माह तो चंद्रकांत का बेटा सूर्या उपाध्याय नौ माह का है। सीएमओ के गोद लिए गए गांव रामपुरप्रान निवासी छोटेलाल की बेटी रुचि चार वर्ष अति कुपोषित है। एक माह पहले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घर पहुंचकर दवा देकर लौट गए। उसके बाद देखने तक नहीं गए।
कुपोषण मुक्त गांव घोषित करने के लिए सत्यापन कराया जा रहा है। जिन गांवों को चिह्नित किया गया था वहां सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के दौरान यदि कुपोषित बच्चे मिलेंगे तो पहले उनका इलाज कराया जाएगा। रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। शासन कुपोषण मुक्त घोषित करेगा।
पवन कुमार यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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जिला प्रशासन ने अपनी पीठ थपथपाने के लिए जिन गांवों में कुपोषित बच्चे पल रहे हैं, उन्हें भी कागज पर कुपोषण मुक्त घोषित कर दिया है। जबकि अफसरों को सर्वे कराने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजनी थी। सत्यापन के बाद गांवों कुपोषण मुक्त घोषित किया जाना था। महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन सौ गांवों को कुपोषण मुक्त घोषित किया गया है, उनमें 47 गांव अफसरों के गोद लिए हैं। जिन गांवों को कुपोषण मुक्त घोषित किया गया है, अब उनके नाम भी जिला कार्यक्रम अधिकारी के यहां नहीं मिल रहा है। पांच माह पहले तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जिला विकास अधिकारी को 100 गांवों के कुपोषण मुक्त होने का दावा करते हुए रिपोर्ट भेज दी। उनका तबादला होने के बाद अब सत्यापन की बारी आई तो कुपोषण मुक्त घोषित गांवों के नाम नहीं मिल रहे हैं। फाइल भी गायब है।
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कुपोषण मुक्त गांवों का फिर से सत्यापन का निर्देश
कुपोषण मुक्त 100 गांवों का सर्वे फिर से शुरू हो गया है। सीडीओ ने सर्वे करवाने के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं प्रभारी को आदेश दिया है। अधिकारी अभी तक सत्यापन नहीं शुरू कर सके हैं।
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57 कुपोषित बच्चों का कुपोषण पुर्नवास केंद्र में हुआ इलाज
जिला अस्पताल के कुपोषण पुर्नवास केंद्र में चार माह के अंदर 57 कुपोषित बच्चों को भर्ती करके चिकित्सक इलाज कर चुके हैं। इन दिनों चार बच्चों का इलाज चल रहा है। इनमें सदर विकास खंड के सरायबीर भद्र निवासी अभिषेक पुत्र अवधेश, आदित्य पुत्र अवधेश व मानधाता के नीमा सराय निवासी अतीक पुत्र फूलचंद्र शामिल हैं।
डीएम के गोद लिए गांव में भी कुपोषित बच्चे
जिलाधिकारी शंभु कुमार ने बडनपुर गांव को गोद लिया है। इस गांव में भी पांच कुपोषित बच्चे हैं। इनमें भोले की तीन वर्षीय बेटी रिंकी, भुलई राम की दो वर्षीय बेटी दीपिका, विजय कुमार की बेटी निभा, अरविंद का बेटा प्रियांशु व कन्हैया का बेटा अनमोल शामिल हैं। सांसद हरिवंश सिंह के गोद लिए गए गांव कटरा इंद्रकुवर में दो कुपोषित बच्चे हैं। इनमें संतोष की बेटी रोली दस माह तो चंद्रकांत का बेटा सूर्या उपाध्याय नौ माह का है। सीएमओ के गोद लिए गए गांव रामपुरप्रान निवासी छोटेलाल की बेटी रुचि चार वर्ष अति कुपोषित है। एक माह पहले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घर पहुंचकर दवा देकर लौट गए। उसके बाद देखने तक नहीं गए।
कुपोषण मुक्त गांव घोषित करने के लिए सत्यापन कराया जा रहा है। जिन गांवों को चिह्नित किया गया था वहां सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के दौरान यदि कुपोषित बच्चे मिलेंगे तो पहले उनका इलाज कराया जाएगा। रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। शासन कुपोषण मुक्त घोषित करेगा।
पवन कुमार यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी।