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मैनुअल रिटर्न दाखिल करने पर लगेगा अर्थदंड
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 21 Feb 2015 11:48 PM IST
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पचास लाख से अधिक टर्न ओवर वाले व्यापारियों के मैनुअल रिटर्न दाखिल करने पर अब अर्थदंड ठोंका जाएगा। वाणिज्य कर विभाग ने ऐसे व्यापारियों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है। सालभर से रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यापारियों का पंजीयन निरस्त करने का भी फैसला लिया गया है।
वाणिज्य कर विभाग में पंजीकृत व्यापारियों को प्रतिवर्ष रिटर्न दाखिल करना होता है। 50 लाख से अधिक का व्यवसाय करने वाले व्यापारियों को आनलाइन रिटर्न दाखिल करने का नियम है। मगर कुछ व्यापारी ऐसे हैं जो आनलाइन रिटर्न नहीं दाखिल कर मैनुअल जमा कर रहे हैं। विभागीय अधिकारियों ने ऐसे लोगों पर अर्थदंड लगाने का फैसला किया है। वहीं पचास लाख रुपये से कम का व्यवसाय करने वाले लगभग 2013 व्यवसाई ऐसे हैं, जिन्होंने बीते वित्तीय वर्ष में रिटर्न दाखिल ही नहीं किया है।
अधिकारी ऐसे लोगों की कुंडली तैयार करने में जुटे हैं। बता दें कि वाणिज्य कर विभाग में तकरीबन 5626 व्यवसाई पंजीकृत हैं। वाणिज्य कर उपायुक्त रमेश चंद्र दुबे ने बताया कि प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये का व्यवसाय करने वाले व्यापारियों का पंजीकरण किया जाता है। इन्होंने बताया कि टैक्स की चोरी करने वाले और पंजीकरण नहीं कराने वाले व्यापारियों के खिलाफ मई में अभियान चलाया जाएगा।
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वाणिज्य कर विभाग में पंजीकृत व्यापारियों को प्रतिवर्ष रिटर्न दाखिल करना होता है। 50 लाख से अधिक का व्यवसाय करने वाले व्यापारियों को आनलाइन रिटर्न दाखिल करने का नियम है। मगर कुछ व्यापारी ऐसे हैं जो आनलाइन रिटर्न नहीं दाखिल कर मैनुअल जमा कर रहे हैं। विभागीय अधिकारियों ने ऐसे लोगों पर अर्थदंड लगाने का फैसला किया है। वहीं पचास लाख रुपये से कम का व्यवसाय करने वाले लगभग 2013 व्यवसाई ऐसे हैं, जिन्होंने बीते वित्तीय वर्ष में रिटर्न दाखिल ही नहीं किया है।
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अधिकारी ऐसे लोगों की कुंडली तैयार करने में जुटे हैं। बता दें कि वाणिज्य कर विभाग में तकरीबन 5626 व्यवसाई पंजीकृत हैं। वाणिज्य कर उपायुक्त रमेश चंद्र दुबे ने बताया कि प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये का व्यवसाय करने वाले व्यापारियों का पंजीकरण किया जाता है। इन्होंने बताया कि टैक्स की चोरी करने वाले और पंजीकरण नहीं कराने वाले व्यापारियों के खिलाफ मई में अभियान चलाया जाएगा।
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