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आवारा पशुओं को विद्यालय में खदेडक़र गेट पर जड़ा ताला
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सांगीपुर के सिहनी स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बन्द आवारा पशु बंद करने के बाद खड़े ग्रामीण?
- फोटो : PRATAPGARH
आवारा पशुओं को विद्यालय में खदेड़कर गेट पर जड़ा ताला
डीएम को बुलाने की मांग पर अड़े ग्रामीण, छह घंटे बाद पहुंचे एसडीएम
एसडीएम ने कार्रवाई के लिए धमकाया तो भड़क उठे लोग
फोटो--
अमर उजाला ब्यूरो
सगरा सुंदपुर। फसलों के नुकसान से हलकान ग्रामीणों ने सैकड़ों आवारा पशुओं को पूर्व माध्यमिक विद्यालय में खदेड़कर गेट पर ताला जड़ दिया। पशुओं को सरकारी गौशाल में रखे जाने की मांग को लेकर आक्रोशित ग्रामीण डीएम की बुलाने मांग पर अड़ गए। छह घंटे बाद पहुंचे एसडीएम ने शांति भंग में चालान व जुर्माना के लिए धमकाया तो ग्रामीण भड़क उठे। पुलिस ने ग्रामीणों को जबरन हटाकर विद्यालय का ताला तोड़ पशुओं को बाहर निकाला।
सांगीपुर थाना क्षेत्र के सिंघनी, कंजास व बासूपुर के ग्रामीणों ने परेशान होकर रविवार को सुबह पूर्व माध्यमिक विद्यालय कंजास में आवारा पशुओं को खदेड़कर लाना शुरू कर दिया। फसलों को बर्बादी से बचाने के लिए तीनों गांव के लोग एक जुट होकर आवारा पशुओं की घेराबंदी कर विद्यालय में पहुंचाने लगे। आठ बजने तक ग्रामीणों ने दो सौ से अधिक पशुओं को पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में पहुंचा दिया। पशुओं का स्कूल परिसर में करने के बाद गेट में ताला बंद कर ग्रामीण समस्या के स्थायी समाधान के लिए डीएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। ग्रामीणों की मांग थी कि विद्यालय में बंद पशुओं को सरकारी गौशाला में भेजा जाए। विद्यालय में पशुओं के बंद कर ताला जड़ने की जानकारी पर प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। सांगीपुर मौके पर पहुंच ग्रामीणों के समझा बुझाकर पशुओं को बाहर निकालने की बात कही, लेकिन ग्रामीणों के डीएम व एसडीएम के आए बिना इसे मानने से इंकार कर दिया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण विद्यालय के गेट पर ही बैठ गए। जब प्रशासन को कोई रास्ता नहीं सूझा तो करीब छह घंटे बाद एसडीएम सदर राहुल यादव ग्रामीणों से मिलने पहुंचे। यहां पहुंचते ही एसडीएम ने ग्रामीणों को समझाने के बजाय धमकाना शुरू कर दिया। एसडीएम के शांति भंग में चालान व पांच हजार रुपये जुर्माना की बात सुनते ही ग्रामीण भड़क उठे। यह देख एसडीएम सदर मौके से हटकर दूर चले गए। इसके कुछ देर बाद सांगीपुर पुलिस मौके पर दोबारा पहुंची और ग्रामीणों को जबरन हटाना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने विरोध किया लेकिन पुलिस ने उन्हे हटाकर विद्यालय के गेट का ताला तोड़ परिसर में बंद आवारा पशुओं को बाहर भगा दिया। आवारा पशुओं को स्कूल से बाहर करने के बाद पुलिस ने दोबारा ऐसा नहीं करने की हिदायत देकर लौट आई। पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई से ग्रामीणों में आक्रोश पनप उठा है। इस बारे में सांगीपुर पुलिस का कहना है ग्रामीणों को पहले समझाया गया था। बाद में एसडीएम के निर्देश पर दोबारा जाकर विद्यालय से पशुओं को निकाला गया है।
समस्या के समाधान के बजाए झाड़ लिया पल्ला
सगरा सुंदरपुर। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कंजास की बाउंड्रीवाल के भीतर बंद किए गए आवारा पशुओं की समस्या का समाधान करने से अफसरों ने पल्ला झाड़ लिया। रविवार को अपनी फसलों को बचाने के लिए तीन गांव केे लोगों ने पशुओं को विद्यालय पहुंचाया था। ग्रामीणों को मांग थी कि पशुओं को सरकारी गौशालाओं में भेज दिया जाए। लेकिन प्रशासन ने ग्रामीणों की समस्या के समाधान के बजाय पशुओं को विद्यालय से बाहर भगाकर मामले से पल्ला झाड़ लिया। डीएम को बुलाने के पीछे ग्रामीणों को सिर्फ एक मकसद था, कि उनके पहुंचने पर सैकड़ों पशुओं को गौशाला पहुंचाई जाएगी। लेकिन एसडीएम सदर ने समस्या के समाधान का प्रयास करने के बजाय जहां की तहां फिर पहुंचा दिया। प्रशासन की इस तरह की कार्रवाई से किसानों की फसलों की सुरक्षा कैसे होगी। यह सवाल अनसुलझा ही रह गया है।
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सरकारी गौशाला बनवाने के उद्देश्य पर फिरा पानी
सगरा सुंदरपुर। आवारा पशुओं से फसलों को बचाने के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने सरकारी गौशालाएं बनवाने का निर्णय लिया है। सीएम का दो टूक निर्देश है कि आवारा पशु कहीं भी घूमते मिले तो जिले के आला अफसर जिम्मेदार होंगे। लेकिन जिले के अफसर ही सीएम की फरमान पर पानी फेर रहे हैं। जब जिले के अफसर व पुलिस वाले आवारा पशुओं को गौशाला में भेजने के प्रबंध के बजाय उनको बाहर भगाने पर तुले हैं। ऐसे में सरकारी गौशालाओं के निर्माण के उद्देश्य पर पूरी तरह से पानी फिरता दिख रहा है।
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डीएम को बुलाने की मांग पर अड़े ग्रामीण, छह घंटे बाद पहुंचे एसडीएम
एसडीएम ने कार्रवाई के लिए धमकाया तो भड़क उठे लोग
फोटो--
अमर उजाला ब्यूरो
सगरा सुंदपुर। फसलों के नुकसान से हलकान ग्रामीणों ने सैकड़ों आवारा पशुओं को पूर्व माध्यमिक विद्यालय में खदेड़कर गेट पर ताला जड़ दिया। पशुओं को सरकारी गौशाल में रखे जाने की मांग को लेकर आक्रोशित ग्रामीण डीएम की बुलाने मांग पर अड़ गए। छह घंटे बाद पहुंचे एसडीएम ने शांति भंग में चालान व जुर्माना के लिए धमकाया तो ग्रामीण भड़क उठे। पुलिस ने ग्रामीणों को जबरन हटाकर विद्यालय का ताला तोड़ पशुओं को बाहर निकाला।
सांगीपुर थाना क्षेत्र के सिंघनी, कंजास व बासूपुर के ग्रामीणों ने परेशान होकर रविवार को सुबह पूर्व माध्यमिक विद्यालय कंजास में आवारा पशुओं को खदेड़कर लाना शुरू कर दिया। फसलों को बर्बादी से बचाने के लिए तीनों गांव के लोग एक जुट होकर आवारा पशुओं की घेराबंदी कर विद्यालय में पहुंचाने लगे। आठ बजने तक ग्रामीणों ने दो सौ से अधिक पशुओं को पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में पहुंचा दिया। पशुओं का स्कूल परिसर में करने के बाद गेट में ताला बंद कर ग्रामीण समस्या के स्थायी समाधान के लिए डीएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। ग्रामीणों की मांग थी कि विद्यालय में बंद पशुओं को सरकारी गौशाला में भेजा जाए। विद्यालय में पशुओं के बंद कर ताला जड़ने की जानकारी पर प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। सांगीपुर मौके पर पहुंच ग्रामीणों के समझा बुझाकर पशुओं को बाहर निकालने की बात कही, लेकिन ग्रामीणों के डीएम व एसडीएम के आए बिना इसे मानने से इंकार कर दिया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण विद्यालय के गेट पर ही बैठ गए। जब प्रशासन को कोई रास्ता नहीं सूझा तो करीब छह घंटे बाद एसडीएम सदर राहुल यादव ग्रामीणों से मिलने पहुंचे। यहां पहुंचते ही एसडीएम ने ग्रामीणों को समझाने के बजाय धमकाना शुरू कर दिया। एसडीएम के शांति भंग में चालान व पांच हजार रुपये जुर्माना की बात सुनते ही ग्रामीण भड़क उठे। यह देख एसडीएम सदर मौके से हटकर दूर चले गए। इसके कुछ देर बाद सांगीपुर पुलिस मौके पर दोबारा पहुंची और ग्रामीणों को जबरन हटाना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने विरोध किया लेकिन पुलिस ने उन्हे हटाकर विद्यालय के गेट का ताला तोड़ परिसर में बंद आवारा पशुओं को बाहर भगा दिया। आवारा पशुओं को स्कूल से बाहर करने के बाद पुलिस ने दोबारा ऐसा नहीं करने की हिदायत देकर लौट आई। पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई से ग्रामीणों में आक्रोश पनप उठा है। इस बारे में सांगीपुर पुलिस का कहना है ग्रामीणों को पहले समझाया गया था। बाद में एसडीएम के निर्देश पर दोबारा जाकर विद्यालय से पशुओं को निकाला गया है।
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समस्या के समाधान के बजाए झाड़ लिया पल्ला
सगरा सुंदरपुर। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कंजास की बाउंड्रीवाल के भीतर बंद किए गए आवारा पशुओं की समस्या का समाधान करने से अफसरों ने पल्ला झाड़ लिया। रविवार को अपनी फसलों को बचाने के लिए तीन गांव केे लोगों ने पशुओं को विद्यालय पहुंचाया था। ग्रामीणों को मांग थी कि पशुओं को सरकारी गौशालाओं में भेज दिया जाए। लेकिन प्रशासन ने ग्रामीणों की समस्या के समाधान के बजाय पशुओं को विद्यालय से बाहर भगाकर मामले से पल्ला झाड़ लिया। डीएम को बुलाने के पीछे ग्रामीणों को सिर्फ एक मकसद था, कि उनके पहुंचने पर सैकड़ों पशुओं को गौशाला पहुंचाई जाएगी। लेकिन एसडीएम सदर ने समस्या के समाधान का प्रयास करने के बजाय जहां की तहां फिर पहुंचा दिया। प्रशासन की इस तरह की कार्रवाई से किसानों की फसलों की सुरक्षा कैसे होगी। यह सवाल अनसुलझा ही रह गया है।
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सरकारी गौशाला बनवाने के उद्देश्य पर फिरा पानी
सगरा सुंदरपुर। आवारा पशुओं से फसलों को बचाने के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने सरकारी गौशालाएं बनवाने का निर्णय लिया है। सीएम का दो टूक निर्देश है कि आवारा पशु कहीं भी घूमते मिले तो जिले के आला अफसर जिम्मेदार होंगे। लेकिन जिले के अफसर ही सीएम की फरमान पर पानी फेर रहे हैं। जब जिले के अफसर व पुलिस वाले आवारा पशुओं को गौशाला में भेजने के प्रबंध के बजाय उनको बाहर भगाने पर तुले हैं। ऐसे में सरकारी गौशालाओं के निर्माण के उद्देश्य पर पूरी तरह से पानी फिरता दिख रहा है।

सांगीपुर के सिहनी स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में ग्रामीणों द्वारा बंद किये गये आवारा पशु।- फोटो : PRATAPGARH