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Pratapgarh News: मेडिकल कॉलेज में खतरे में मरीजों की जान
Fri, 18 Aug 2023 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Fri, 18 Aug 2023 12:41 AM IST
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प्रताप बहादुर मेडिकल कॉलेज में मरीजों को लगाने के लिए रखा एक्सपाइयरी डेट का इंजेक्शन। संवाद
डॉ. सोने लाल पटेल मेडिकल कॉलेज के राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में मरीजों को एक्सपायर्ड इंजेक्शन लगाया जा रहा है। इसकी भनक मरीज तो दूर उनके तीमारदारों को भी नहीं है। अस्पताल प्रशासन भी चुप्पी साधे बैठा है। इसकी जानकारी सीएमएस को हुई तो उन्होंने तत्काल जांच शुरू करा दी।
मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में हृदय रोगियों के प्राथमिक उपचार के लिए डोबुटामाइन इंजेक्शन, अधिक रक्तस्राव को रोकने के लिए इथामसाइलेट इंजेक्शन और डायजापाम इंजेक्शन की वॉयल पर जुलाई 2023 में एक्सपायर हो जाने तिथि दर्ज है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसके बावजूद किसी का ध्यान इस पर नहीं पड़ रहा है।
अस्पताल के वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स इसी वायल से मरीजों को इंजेक्शन लगा रही हैं। एक्सपायर्ड इंजेक्शन लगाने की जानकारी मरीजों और उनके परिजनों को नहीं है। एक कर्मचारी ने बताया कि वह गलत कार्य नहीं करना चाहता पर नौकरी बचाने के चक्कर में मरीजों को एक्सपायर इंजेक्शन लगा रहा है।
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अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर फोटो और वीडियो मुहैया कराए। बताया कि राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय का ऐसा कोई वार्ड नहीं है, जहां एक्सपायर्ड इंजेक्शन के वायल डंप न हो। सभी वार्डों में इसका इस्तेमाल हो रहा है।
सीएमएस डॉ. रमेश कुमार पांडेय एक्सपायर्ड इंजेक्शन लगाए जाने की बात पर चौंक गए। उन्होंने कहा कि मेडिकल वार्ड में भर्ती मरीजों का इलाज करने मैं खुद जाता हूं। इंजेक्शन और दवा भी देखता हूं। उन्होंने दावा किया कि ऐसा नहीं है। दवा हो या फिर इंजेक्शन एक्सपायर होने के एक महीने पहले ही उन्हें नष्ट कर दिया जाता है।
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मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में हृदय रोगियों के प्राथमिक उपचार के लिए डोबुटामाइन इंजेक्शन, अधिक रक्तस्राव को रोकने के लिए इथामसाइलेट इंजेक्शन और डायजापाम इंजेक्शन की वॉयल पर जुलाई 2023 में एक्सपायर हो जाने तिथि दर्ज है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसके बावजूद किसी का ध्यान इस पर नहीं पड़ रहा है।
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अस्पताल के वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स इसी वायल से मरीजों को इंजेक्शन लगा रही हैं। एक्सपायर्ड इंजेक्शन लगाने की जानकारी मरीजों और उनके परिजनों को नहीं है। एक कर्मचारी ने बताया कि वह गलत कार्य नहीं करना चाहता पर नौकरी बचाने के चक्कर में मरीजों को एक्सपायर इंजेक्शन लगा रहा है।
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अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर फोटो और वीडियो मुहैया कराए। बताया कि राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय का ऐसा कोई वार्ड नहीं है, जहां एक्सपायर्ड इंजेक्शन के वायल डंप न हो। सभी वार्डों में इसका इस्तेमाल हो रहा है।
सीएमएस डॉ. रमेश कुमार पांडेय एक्सपायर्ड इंजेक्शन लगाए जाने की बात पर चौंक गए। उन्होंने कहा कि मेडिकल वार्ड में भर्ती मरीजों का इलाज करने मैं खुद जाता हूं। इंजेक्शन और दवा भी देखता हूं। उन्होंने दावा किया कि ऐसा नहीं है। दवा हो या फिर इंजेक्शन एक्सपायर होने के एक महीने पहले ही उन्हें नष्ट कर दिया जाता है।

प्रताप बहादुर मेडिकल कॉलेज में मरीजों को लगाने के लिए रखा एक्सपाइयरी डेट का इंजेक्शन। संवाद

प्रताप बहादुर मेडिकल कॉलेज में मरीजों को लगाने के लिए रखा एक्सपाइयरी डेट का इंजेक्शन। संवाद