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57 घंटे बाद छात्र के शव का हुआ अंतित संस्कार
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मानधाता के उसरापुर में तीसरे दिन छात्र के शव के साथ बैठे रहे परिजन।
- फोटो : PRATAPGARH
लाठी डंडे से पीटकर मौत के घाट उतारे गए छात्र के शव का 57 घंटे बाद अंतिम संस्कार करने के लिए परिजन राजी हुए। तब जाकर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। परिजनों को एसडीएम सदर ने सुरक्षा के लिए दो शस्त्र लाइसेंस और पांच लाख रुपये दिलाने का वादा किया। इसके पहले विवादित जमीन पर कब्र खोद रहे लोगों को पुलिस ने रोक दिया। इस पर ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई।
मानधाता थाना क्षेत्र के उसरापुर निवासी पालीटेक्निक के छात्र मंजीत पटेल पुत्र बद्री प्रसाद पटेल की रास्ते के विवाद में मंगलवार की सुबह लाठी डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद गांव में तनाव व्याप्त हो गया। आरोपी घर में ताला बंद कर भाग निकले। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा। परिजन व ग्रामीण डीएम-एसपी को मौके पर बुलाने के साथ ही आर्थिक मदद, सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस, पुलिसकर्मियों के निलंबन और प्रधान की गिरफ्तारी की मांग पूरी होने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया था।
बवाल की आशंका में रानीगंज, मानधाता व बाघराय की पुलिस मौके पर मुस्तैद रही। घटना के तीसरे दिन विवादित जमीन पर आरोपी राम आसरे गुप्ता के घर के सामने परिजन मंजीत का शव दफनाने के लिए कब्र खोदने लगे। जानकारी होने पर सीओ रानीगंज अतुल अंजान त्रिपाठी मौके पर पहुंचकर कब्र खोदने से मना कर दिया। जिसे लेकर पुलिस व ग्रामीणों के बीच तीखी झड़प हुई। लोग पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहने लगे कि अभी तक एक भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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देर शाम मौके पर क्षेत्रीय विधायक व एसडीएम सदर मौके पर पहुंचे। परिजनों से बातचीत के बाद घर के करीब ही मंजीत का शव दफनाने के लिए राजी किया। पांच लाख रुपये व दो शस्त्र लाइसेंस देने का एसडीएम ने वादा किया। यह भी कहा कि यदि विवादित जमीन की जांच कराकर उसे कब्जे में लिया जाएगा।
एसडीएम के आश्वासन पर परिजन मंजीत के शव को अपने खेत में दफनाने के लिए राजी हुए। तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली। गुरुवार को 57 घंटे बाद मृत छात्र मंजीत के शव को दफनाया जा सका। इस दौरान परिजनों के साथ बड़ी संख्या में गांव के लोग कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे।
गांव में ही पुलिस रही मुस्तैद, नहीं लगी भनक
बवाल की आशंका में तीन थाने की पुलिस उसरापुर में मुस्तैद है। गुरुवार की सुबह से ही ग्रामीण व परिजन आरोपी राम आसरे गुप्ता के घर के सामने कब्र खुदवाने लगे। इसकी वहां मौजूद पुलिस को भनक तक नहीं लगी। जानकारी मिलने पर पुलिस के हाथ पैर फूल गए। पुलिसकर्मी भागते हुए मौके पर पहुंचे और कब्र खोद रहे लोगों को मशक्कत के बाद रोकने में कामयाब हुए। इसे लेकर ग्रामीणों की पुलिस से तकरार भी हुई।
रात मेें बदल गई रणनीति
बुधवार को परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए मान गए थे। तय हुआ था कि गुरुवार की सुबह शव को घर के करीब बद्री प्रसाद के खेत में दफनाया जाएगा। लेकिन रात में शव दफनाने की रणनीति बदल गई। लोगों ने तय कि गुरुवार को विवादित जमीन में ही शव दफनाया जाएगा।
उसकी वे लोग चहरदीवारी बनवा देंगे। रात में बात तय होने के बाद सुबह परिजन व ग्रामीण मिलकर कब्र खोदने लगे। आला अधिकारी बराबर मृत छात्र के परिजनों को मनाने में लगे हुए थे।
कब्रिस्तान के लिए जमीन भी उपलब्ध कराई
बद्री प्रसाद के परिजनों ने पांच बिस्वा जमीन कब्रिस्तान के लिए प्रशासन से मांगा था। गुरुवार को राजस्व विभाग की टीम ने गांव में ही पांच बिस्वा जमीन कब्रिस्तान के लिए खोजकर उपलब्ध कराई। इसके बाद भी लोग शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी नहीं हुए। इलाके में यह भी चर्चा होती रही कि गंवई राजनीति के चलते मृतक का शव दफनाने में विलंब हो रहा है। पुलिस भी तीन दिनों से गांव में ही बनी रही। जिससे दूसरे काम बाधित होते रहे।
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मानधाता थाना क्षेत्र के उसरापुर निवासी पालीटेक्निक के छात्र मंजीत पटेल पुत्र बद्री प्रसाद पटेल की रास्ते के विवाद में मंगलवार की सुबह लाठी डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद गांव में तनाव व्याप्त हो गया। आरोपी घर में ताला बंद कर भाग निकले। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा। परिजन व ग्रामीण डीएम-एसपी को मौके पर बुलाने के साथ ही आर्थिक मदद, सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस, पुलिसकर्मियों के निलंबन और प्रधान की गिरफ्तारी की मांग पूरी होने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया था।
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बवाल की आशंका में रानीगंज, मानधाता व बाघराय की पुलिस मौके पर मुस्तैद रही। घटना के तीसरे दिन विवादित जमीन पर आरोपी राम आसरे गुप्ता के घर के सामने परिजन मंजीत का शव दफनाने के लिए कब्र खोदने लगे। जानकारी होने पर सीओ रानीगंज अतुल अंजान त्रिपाठी मौके पर पहुंचकर कब्र खोदने से मना कर दिया। जिसे लेकर पुलिस व ग्रामीणों के बीच तीखी झड़प हुई। लोग पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहने लगे कि अभी तक एक भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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देर शाम मौके पर क्षेत्रीय विधायक व एसडीएम सदर मौके पर पहुंचे। परिजनों से बातचीत के बाद घर के करीब ही मंजीत का शव दफनाने के लिए राजी किया। पांच लाख रुपये व दो शस्त्र लाइसेंस देने का एसडीएम ने वादा किया। यह भी कहा कि यदि विवादित जमीन की जांच कराकर उसे कब्जे में लिया जाएगा।
एसडीएम के आश्वासन पर परिजन मंजीत के शव को अपने खेत में दफनाने के लिए राजी हुए। तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली। गुरुवार को 57 घंटे बाद मृत छात्र मंजीत के शव को दफनाया जा सका। इस दौरान परिजनों के साथ बड़ी संख्या में गांव के लोग कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे।
गांव में ही पुलिस रही मुस्तैद, नहीं लगी भनक
बवाल की आशंका में तीन थाने की पुलिस उसरापुर में मुस्तैद है। गुरुवार की सुबह से ही ग्रामीण व परिजन आरोपी राम आसरे गुप्ता के घर के सामने कब्र खुदवाने लगे। इसकी वहां मौजूद पुलिस को भनक तक नहीं लगी। जानकारी मिलने पर पुलिस के हाथ पैर फूल गए। पुलिसकर्मी भागते हुए मौके पर पहुंचे और कब्र खोद रहे लोगों को मशक्कत के बाद रोकने में कामयाब हुए। इसे लेकर ग्रामीणों की पुलिस से तकरार भी हुई।
रात मेें बदल गई रणनीति
बुधवार को परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए मान गए थे। तय हुआ था कि गुरुवार की सुबह शव को घर के करीब बद्री प्रसाद के खेत में दफनाया जाएगा। लेकिन रात में शव दफनाने की रणनीति बदल गई। लोगों ने तय कि गुरुवार को विवादित जमीन में ही शव दफनाया जाएगा।
उसकी वे लोग चहरदीवारी बनवा देंगे। रात में बात तय होने के बाद सुबह परिजन व ग्रामीण मिलकर कब्र खोदने लगे। आला अधिकारी बराबर मृत छात्र के परिजनों को मनाने में लगे हुए थे।
कब्रिस्तान के लिए जमीन भी उपलब्ध कराई
बद्री प्रसाद के परिजनों ने पांच बिस्वा जमीन कब्रिस्तान के लिए प्रशासन से मांगा था। गुरुवार को राजस्व विभाग की टीम ने गांव में ही पांच बिस्वा जमीन कब्रिस्तान के लिए खोजकर उपलब्ध कराई। इसके बाद भी लोग शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी नहीं हुए। इलाके में यह भी चर्चा होती रही कि गंवई राजनीति के चलते मृतक का शव दफनाने में विलंब हो रहा है। पुलिस भी तीन दिनों से गांव में ही बनी रही। जिससे दूसरे काम बाधित होते रहे।

मानधाता के उसरापुर में छात्र का शव दफनाने के लिए आरोपी के दरवाजे पर कर रहे खोदाई को रोकती पुलिस।- फोटो : PRATAPGARH