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राजाभैया की सीएम से मुलाकात पर अटकलों का दौर
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 23 Oct 2018 11:27 PM IST
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राजनीति
- फोटो : demo pic
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नई पार्टी बनाने जा रहे प्रदेश के पूर्व मंत्री और कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया की सोमवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई मुलाकात के बाद एक बार फिर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर सीएम योगी आदित्यनाथ से हुई 20 मिनट की गुफ्तगु सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि राजाभैया 30 नवंबर को अपनी राजनीति के 25 वर्ष पूरे होने पर लखनऊ में आयोजित होने वाले रजत जयंती समारोह के लिए मुख्यमंत्री को आमंत्रित करने गए थे। सियासी गलियारों में यह भी चर्चा रही कि राजाभैया ने मुख्यमंत्री से नई पार्टी के गठन को लेकर चर्चा भी की। हालांकि राजाभैया ने इस तरह की बातों को सिरे से खारिज किया है। पीआरओ के मुताबिक वह कुंडा इलाके के एक व्यक्ति के लीवर ट्रांसप्लाट के लिए सरकारी मदद की खातिर मुख्यमंत्री से मिलने गए थे।
राजाभैया की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नजदीकी जगजाहिर है। राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के तुरंत बाद भी वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने गए थे। राज्यसभा चुनाव में वोटिंग को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से उभरे मतभेदों के बाद राजाभैया की भाजपा नेताओं से नजदीकी बढ़ी थी। बीच में चर्चा यह भी उठी थी कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि वह भाजपा में शामिल नहीं हुए, लेकिन पार्टी के कई बड़े नेताओं के साथ उनके गहरे रिश्ते बने हुए हैं। इस बीच राजाभैया के नई पार्टी के गठन की बात सामने आई। उनके लोगों ने नई पार्टी के लिए निर्वाचन कार्यालय में आवेदन भी कर दिया। बताया जा रहा है कि 30 नवंबर को लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम में वह नई पार्टी का ऐलान करेंगे।
इस बीच मंगलवार को राजाभैया अचानक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने उनके सरकारी आवास पर पहुंच गए। सीएम से उनकी इस मुलाकात के बाद फिर कयासों का दौर शुरू हो गया है। उनकी इस मुलाकात के राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। चर्चा है कि राजाभैया ने मुख्यमंत्री से नई पार्टी को लेकर बातचीत की। हालांकि राजाभैया के पीआरओ ज्ञानेंद्र सिंह ने इससे पूरी तरह से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि राजाभैया कुंडा के बिहार के रहने वाले गिरीशचंद्र श्रीवास्तव के लीवर ट्रांसप्लांट के लिए खर्च होने वाली 26 लाख की आथक मदद के मामले को लेकर सीएम से मिलने गए थे। दिल्ली में गिरीश का उपचार चल रहा है। मुलाकात के दौरान कोई राजनैतिक चर्चा नहीं हुई। सीएम को चित्रकूट परिक्रमा मार्ग पर अतिक्रमण से भक्तों को होने वाली दिक्कतों से अवगत कराया गया। संविधान का 73वां संशोधन प्रदेश में लागू करने की मांग की।
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राजाभैया की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नजदीकी जगजाहिर है। राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के तुरंत बाद भी वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने गए थे। राज्यसभा चुनाव में वोटिंग को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से उभरे मतभेदों के बाद राजाभैया की भाजपा नेताओं से नजदीकी बढ़ी थी। बीच में चर्चा यह भी उठी थी कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि वह भाजपा में शामिल नहीं हुए, लेकिन पार्टी के कई बड़े नेताओं के साथ उनके गहरे रिश्ते बने हुए हैं। इस बीच राजाभैया के नई पार्टी के गठन की बात सामने आई। उनके लोगों ने नई पार्टी के लिए निर्वाचन कार्यालय में आवेदन भी कर दिया। बताया जा रहा है कि 30 नवंबर को लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम में वह नई पार्टी का ऐलान करेंगे।
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इस बीच मंगलवार को राजाभैया अचानक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने उनके सरकारी आवास पर पहुंच गए। सीएम से उनकी इस मुलाकात के बाद फिर कयासों का दौर शुरू हो गया है। उनकी इस मुलाकात के राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। चर्चा है कि राजाभैया ने मुख्यमंत्री से नई पार्टी को लेकर बातचीत की। हालांकि राजाभैया के पीआरओ ज्ञानेंद्र सिंह ने इससे पूरी तरह से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि राजाभैया कुंडा के बिहार के रहने वाले गिरीशचंद्र श्रीवास्तव के लीवर ट्रांसप्लांट के लिए खर्च होने वाली 26 लाख की आथक मदद के मामले को लेकर सीएम से मिलने गए थे। दिल्ली में गिरीश का उपचार चल रहा है। मुलाकात के दौरान कोई राजनैतिक चर्चा नहीं हुई। सीएम को चित्रकूट परिक्रमा मार्ग पर अतिक्रमण से भक्तों को होने वाली दिक्कतों से अवगत कराया गया। संविधान का 73वां संशोधन प्रदेश में लागू करने की मांग की।
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