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जानिए, आखिर क्यों स्कूल में बंद कर दिए आवारा जानवर

Tue, 22 Jan 2019 12:22 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 22 Jan 2019 12:22 AM IST
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Know, why the stray animals closed at school
आवारा पशु - फोटो : प्रतापगढ़
आवारा पशुओं से त्रस्त गांव के किसानों ने उन्हें स्कूल भवन में ठूंसकर ताला जड़ दिया। सोमवार की सुबह बच्चों और शिक्षकों ने स्कूल का दृश्य देखा तो दंग रह गए। ग्रामीणों के आक्रोश के आगे ताला खोलने की हिम्मत नहीं हुई, तो पुलिस को सूचना दी, मगर फोर्स भी ताला खुलवाने में असहाय दिखी। इससे बच्चों को निराश होकर लौटना पड़ा।  
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मानधाता विकास खंड के पूर्व माध्यमिक कन्या विद्यालय दानपुर में रविवार को स्थानीय किसानों ने खेतों को नुकसान पहुंचाने वाले आवारा पशुओं को एकत्रित कर स्कूल भवन के अंदर कर दिया। सोमवार की सुबह स्कूल के बच्चे और शिक्षक जब पहुंचे तो अंदर का नजारा देखकर दंग रह गए। गांव के किसान बाउंड्रीवाल के बाहर से आवारा पशुओं को चारा और पानी दे रहे हैं और बाहर प्रवेश द्वार पर ताला लगा हुआ है। पहले हेडमास्टर बाबूराम ने स्कूल के आसपास मौजूद लोगों को समझा-बुझाकर ताला खुलवाने का प्रयास किया। मगर, जब सफल नहीं हुए तो सौ नंबर पुलिस को फोन कर जानकारी दी। थोड़ी देर बाद पहुंची पुलिस ने किसानों पर पहले गुस्से का इजहार करते हुए ताला खोलने को कहा, मगर जब किसानों का आक्रोश देखा तो पुलिस का गुस्सा ठंडा हो गया।
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काफी प्रयास के बाद भी पुलिस सफल नहीं हुई तो बच्चे और शिक्षक बैरंग लौट गए। इधर, हेडमास्टर खंड शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पांडेय को सूचना देने के  लिए सीयूजी नंबर पर फोन मिलाते रहे। तब तक बीईओ मोबाइल बंदकर फरार हो चुका था। लखनऊ में मौजूद बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि विभागीय लोगों को मौके पर भेजा गया है, किसानों को समझाने का प्रयास हो रहा है।  
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गौ संरक्षण केंद्र की नहीं हुई कोई पहल  
मानधाता ब्लाक के  बीडीओ की लापरवाही के  चलते गौ संरक्षण केंद्र के अस्थाई निर्माण के लिए अभी तक कोई पहल नहीं हुई है। जबकि अन्य ब्लाकों में तेजी से काम चल रहा है। बताते हैं कि ब्लाक में गौ संरक्षण केंद्र के लिए सिर्फ कागजी घोड़ा दौड़ाया जा रहा है। 
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