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Pratapgarh News: 4.16 लाख किसानों का नहीं बना किसान क्रेडिट कार्ड

Tue, 23 Apr 2024 03:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़ Updated Tue, 23 Apr 2024 03:22 AM IST
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Kisan Credit Card not made for 4.16 lakh farmers located in Gode village; Lilapur police reached to raid contractor's house
दिलीपपुर के ​शिवसत में गेहूं की मड़ाई करते किसान। सोशल मीडिया
4.16 लाख किसानों का नहीं बना किसान क्रेडिट कार्ड
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- बैंकों की हीलाहवाली से किसानों को नहीं मिल रहा है लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने में किसान दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जिले में 5,12,421 किसान ऐसे हैं, जिन्हें नियमित रूप से किसान सम्मान निधि मिल रही है। मगर जिले के 95,682 किसानों ने ही किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया है। जबकि शासन ने पत्र जारी करके कहा है कि जिन किसानों को किसान सम्मान निधि मिल रही है, उन किसानों को केसीसी जारी किया जाए।



जिले में 5,12,421 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्तों का भुगतान किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने फरवरी 2020 में पत्र जारी करके कहा था कि हर उस किसान का केसीसी बनाया जाय, जिन्हें किसान सम्मान निधि की धनराशि दी जा रही है। इसका उद्देश्य यह था कि सम्मान निधि वाले किसान को जरूरत पर तुरंत नगदी उपलब्ध हो सके। इन किसानों की 1.60 लाख रुपये सीमा तय करते हुए इतनी धनराशि किसी भी समय बैंक से ले सकते थे। इन किसानों पर चार फीसदी ब्याज निर्धारित किया गया है। जिस बैंक के खाते में सम्मान निधि पहुंच रही है, उसी बैंक को केसीसी बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
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इस योजना से किसानों का एक फायदा यह था कि उन्हें साहूकारों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते थे और न ही ऊंचे ब्याज दर पर उन्हें उधारी नहीं लेनी पड़ती थी। लेकिन बैंकों की लापरवाही के कारण यह योजना अमली जामा नहीं पहना सकी। जिले में किसान सम्मान निधि लेने वाले 5,12,421 किसानों में अभी तक 95,682 किसानों के ही केसीसी बने हैं। 4,16,739 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने या तो आवेदन नहीं किया या बैंकों ने उनका केसीसी बनाया ही नहीं है।
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क्या कहते हैं किसान ------------
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवाने के लिए बैंक पहुंचने पर अधिकारी इतना कागजी काम बता देते हैं कि किसान तहसील और कचहरी का चक्कर ही लगाता रह जाता है। जो वास्तविक किसान हैं, उन्हें भी बैंक केसीसी देने को तैयार नहीं हैं। बलवंत सिंह, पूरे चौहान, छतरपुर
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बैंक किसानों को कर्ज देने में बहुत शोषण करते हैं। किसान जब बैंक पहुंचता है, तो उन्हें परेशान किया जाता है। इससे किसान बैंक का चक्कर लगाकर थक करके बैठ जाते हैं। किसान तो कर्ज लेने से वैसे भी परहेज करते हैं, मगर कभी इच्छा जताई भी तो बैंक अफसर आड़े आ जाते हैं।
राज नागेंद्र बहादुर सिंह, चतुरपुर, अंतू
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वर्जन-------
केसीसी बनवाने के लिए ब्लॉकों में कैंप भी लगवाए गए थे, मगर अधिकांश किसान ऐसे हैं, जिनके पास जोत की जमीन नहीं है। इससे बैंक वाले देने को तैयार नहीं हुए। फिलहाल जल्द ही प्रयास करके और किसानों का केसीसी बनवाया जाएगा।

विनोद कुमार यादव, उपकृषि निदेशक
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जिन किसानों ने केसीसी के लिए आवेदन किया था, उन्हें बैंकों ने दिया है। जो पात्र हैं, उनके लिए जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। यह निरंतर चलने वाला क्रम है।
गोपाल शेखर झा, एलडीएम
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