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सराफा कारोबारियों की तैयारी पर फिरा पानी, 80 करोड़ का नुकसान
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जिले के सराफा कारोबारियों की तैयारी पर पानी फिर गया है। 30 जून तक शादी-विवाह पर रोक लगने से लगभग 80 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। दुकानदारों की मानें तो सहालग के दिनों में दुल्हनों को सजाने और दूल्हे को प्रसन्न करने के लिए सोने के आभूषण की खरीदारी करते थे। मगर लॉकडाउन ने आभूषण कारोबारियों की कमर तोड़कर रख दी है।
जिले में सराफा कारोबारियों का सबसे अधिक नुकसान हुआ है। वर्तमान में दस ग्राम सोने की कीमत 48,000 रुपये है। जो सहालग में और भी आगे बढ़ोत्तरी हो जाती है। अप्रैल,मई और जून के माह में सबसे अधिक शादियां होती हैं। होली के पहले सहालग की तैयारी करने वाले कारोबारियों को इस बार लॉकडाउन ने पटखनी दी है। 03 मई तक लॉकडाउन रहने से आभूषण कारोबारियों को उम्मीद थी कि चार मई से दुकानें खुलने पर नुकसान की कुछ भरपाई हो जाएगी। मगर शासन ने 30 जून तक शादी-विवाह के आयोजन पर रोक लगाने से उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। सराफा कारोबारियों का कहना है कि अगर चार मई से दुकानें खुलने का आदेश भी जारी होता है, तो आभूषण की बिक्री होने की संभावना नहीं हैं। जब 30 जून तक शादियां नहीं होगी, तो आभूषण लेने कौन आएगा। फिलहाल अब सराफा कारोबारियों की नजर योगी सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है।
दुल्हन, दूल्हे का आभूषण बनाने के लिए एडवांस बुकिंग कराने वाले लोग अब फोन करना बंद कर दिए हैं। जो आभूषण बना हुआ है, उसे लेने वाला कोई नहीं है। दुकानदारों की मानें तो अप्रैल और मई की शादियां पहले ही कैंसिल हो चुकी है, जून की शादियों से उम्मीद टिकी हुई थी। मगर नए आदेश ने मुसीबत में डाल दिया है।
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सोने के आभूषणों का सैनिटाइजेशन नहीं हो सकता है। सोने के आभूषणों में केमिकल पड़ते ही धब्बे पड़ जाएंगे। इससे ग्राहक जहां खरीदने से कतराएंगे, वहीं उचित दाम भी नहीं मिलेगा। इसलिए सराफा कारोबारियों ने सैनिटाजेशन करने से हाथ खड़ा कर दिया है। वह स्वयं सैनिटाइज होकर आभूषण छूने की बात तो कर रहे हैं, मगर आभूषण को सैनिटराइज करने को तैयार नहीं हैं।
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जिले में सराफा कारोबारियों का सबसे अधिक नुकसान हुआ है। वर्तमान में दस ग्राम सोने की कीमत 48,000 रुपये है। जो सहालग में और भी आगे बढ़ोत्तरी हो जाती है। अप्रैल,मई और जून के माह में सबसे अधिक शादियां होती हैं। होली के पहले सहालग की तैयारी करने वाले कारोबारियों को इस बार लॉकडाउन ने पटखनी दी है। 03 मई तक लॉकडाउन रहने से आभूषण कारोबारियों को उम्मीद थी कि चार मई से दुकानें खुलने पर नुकसान की कुछ भरपाई हो जाएगी। मगर शासन ने 30 जून तक शादी-विवाह के आयोजन पर रोक लगाने से उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। सराफा कारोबारियों का कहना है कि अगर चार मई से दुकानें खुलने का आदेश भी जारी होता है, तो आभूषण की बिक्री होने की संभावना नहीं हैं। जब 30 जून तक शादियां नहीं होगी, तो आभूषण लेने कौन आएगा। फिलहाल अब सराफा कारोबारियों की नजर योगी सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है।
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दुल्हन, दूल्हे का आभूषण बनाने के लिए एडवांस बुकिंग कराने वाले लोग अब फोन करना बंद कर दिए हैं। जो आभूषण बना हुआ है, उसे लेने वाला कोई नहीं है। दुकानदारों की मानें तो अप्रैल और मई की शादियां पहले ही कैंसिल हो चुकी है, जून की शादियों से उम्मीद टिकी हुई थी। मगर नए आदेश ने मुसीबत में डाल दिया है।
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सोने के आभूषणों का सैनिटाइजेशन नहीं हो सकता है। सोने के आभूषणों में केमिकल पड़ते ही धब्बे पड़ जाएंगे। इससे ग्राहक जहां खरीदने से कतराएंगे, वहीं उचित दाम भी नहीं मिलेगा। इसलिए सराफा कारोबारियों ने सैनिटाजेशन करने से हाथ खड़ा कर दिया है। वह स्वयं सैनिटाइज होकर आभूषण छूने की बात तो कर रहे हैं, मगर आभूषण को सैनिटराइज करने को तैयार नहीं हैं।