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बेपटरी हुआ इंजन, थमे ट्रेनों के पहिए
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Sat, 24 Sep 2016 12:11 AM IST
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प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर वाशिंग लाइन में शंटिंग के दौरान एक इंजन ट्रैक से उतर गया। हादसा कपलिंग खोलते समय हुआ। इसके चलते प्लेटफार्म तीन पर आठ घंटे तक ट्रेनों का संचालन ठप रहा। फैजाबाद से आई रिलीफ ट्रेन ने इंजन को दोपहर में फिर पटरी पर किया। तब जाकर संचालन व्यवस्था बहाल हुई। डीआरएम ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। मामले में प्रथम दृष्टया शंटिंग कर्मचारियों को दोषी माना जा रहा है। अधिकारियों ने ज्वाइंट नोट बनाकर डीआरएम को भेज भी दिया है।
घटना शुक्रवार सुबह करीब सवा छह बजे हुई। रेलकर्मियों के अनुसार प्रतापगढ़ से लखनऊ जाने वाली पीआर पैसेंजर का इंजन अपने साथ दूसरा इंजन लेकर वाशिंग लाइन नंबर पांच से वाराणसी इंड की ओर बढ़ रहा था। इस इंजन को किनारे खड़ा करना था। निर्धारित स्थान पर पहुंचने के बाद शंटिंग स्टाफ पीआर के इंजन से दूसरे इंजन को अलग करने के लिये कपलिंग खोल रहा था। तभी पहले इंजन से जोर का झटका लगा। इससे कुछ दूर जाने के बाद दूसरा इंजन प्वाइंट न बनने की वजह से ट्रैक से नीचे उतर गया। मौके पर मौजूद एसएस टीएन मिश्रा ने बताया कि पीआर का इंजन दूसरे इंजन को खड़ा करने के लिये लाइन नंबर पांच में ले जाया जा रहा था तभी हादसा हो गया। जिससे प्लेटफार्म तीन पर ट्रेनों का संचालन ठप रहा। बता दें कि एक माह पहले भी इस तरह का हादसा जीआरपी थाने के सामने हो चुका है। उस समय भी पीआर का इंजन ही दूसरे इंजन को खींचकर यार्ड से लाइन में लाते समय पटरी से उतर गया था।
रास्ते में खड़ी रहीं गाड़ियां
हादसे के कारण लाइन नंबर पांच यानि प्लेटफार्म तीन ठप रहा। जिससे एक और दो नंबर प्लेटफार्म पर दबाव बढ़ गया। प्लेटफार्म खाली न होने से पद्मावत, जनता एक्सप्रेस, पंजाब मेल को रास्ते में रोका गया। इससे यात्रियों को दिक्कतें आईं।उधर सीनियर डीइएन विकास गोयल ने शुक्रवार को प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। एसएस टीएन मिश्रा ने बताया कि कूड़ा डालने के लिये प्लेटफार्म पर पीले और हरे रंग की बाल्टियां रखवाई गई हैं।
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इस वजह से हुआ हादसा
जानकार बताते हैं कि कपलिंग खोलते समय इंजन के पहिये के नीचे लकड़ी का गुटका रखना चाहिए जिससे झटका लगने पर इंजन आगे न बढ़ पाए। हालांकि ऐसा नहीं किया गया। रही सही कसर ट्रैक के ढलान ने पूरी कर दी। लाइन नंबर पांच पर वाराणसी इंड पर अच्छा खासा ढलान है। उस समय अगर कोई कर्मचारी इंजन के सामने आ जाता तो उसकी जान बचाना भी मुश्किल हो जाता।
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घटना शुक्रवार सुबह करीब सवा छह बजे हुई। रेलकर्मियों के अनुसार प्रतापगढ़ से लखनऊ जाने वाली पीआर पैसेंजर का इंजन अपने साथ दूसरा इंजन लेकर वाशिंग लाइन नंबर पांच से वाराणसी इंड की ओर बढ़ रहा था। इस इंजन को किनारे खड़ा करना था। निर्धारित स्थान पर पहुंचने के बाद शंटिंग स्टाफ पीआर के इंजन से दूसरे इंजन को अलग करने के लिये कपलिंग खोल रहा था। तभी पहले इंजन से जोर का झटका लगा। इससे कुछ दूर जाने के बाद दूसरा इंजन प्वाइंट न बनने की वजह से ट्रैक से नीचे उतर गया। मौके पर मौजूद एसएस टीएन मिश्रा ने बताया कि पीआर का इंजन दूसरे इंजन को खड़ा करने के लिये लाइन नंबर पांच में ले जाया जा रहा था तभी हादसा हो गया। जिससे प्लेटफार्म तीन पर ट्रेनों का संचालन ठप रहा। बता दें कि एक माह पहले भी इस तरह का हादसा जीआरपी थाने के सामने हो चुका है। उस समय भी पीआर का इंजन ही दूसरे इंजन को खींचकर यार्ड से लाइन में लाते समय पटरी से उतर गया था।
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रास्ते में खड़ी रहीं गाड़ियां
हादसे के कारण लाइन नंबर पांच यानि प्लेटफार्म तीन ठप रहा। जिससे एक और दो नंबर प्लेटफार्म पर दबाव बढ़ गया। प्लेटफार्म खाली न होने से पद्मावत, जनता एक्सप्रेस, पंजाब मेल को रास्ते में रोका गया। इससे यात्रियों को दिक्कतें आईं।उधर सीनियर डीइएन विकास गोयल ने शुक्रवार को प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। एसएस टीएन मिश्रा ने बताया कि कूड़ा डालने के लिये प्लेटफार्म पर पीले और हरे रंग की बाल्टियां रखवाई गई हैं।
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इस वजह से हुआ हादसा
जानकार बताते हैं कि कपलिंग खोलते समय इंजन के पहिये के नीचे लकड़ी का गुटका रखना चाहिए जिससे झटका लगने पर इंजन आगे न बढ़ पाए। हालांकि ऐसा नहीं किया गया। रही सही कसर ट्रैक के ढलान ने पूरी कर दी। लाइन नंबर पांच पर वाराणसी इंड पर अच्छा खासा ढलान है। उस समय अगर कोई कर्मचारी इंजन के सामने आ जाता तो उसकी जान बचाना भी मुश्किल हो जाता।