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अंतिम दौर में जोड़-तोड़ की सियासत
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Mon, 20 Feb 2017 12:36 AM IST
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चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में अब जोड़-तोड़ की सियासत शुरू हो गई है। एक-दूसरे का वोट काटने के लिए प्रत्याशियों ने अब समर्थकों को तोड़ना शुरू कर दिया है। वोटों के लिहाज से प्रभावशाली लोगों को अपने पक्ष में करने के लिए सारे जतन किए जा रहे हैं। हर तरह के प्रलोभन भी दिए जा रहे हैं। इस स्थिति में वोटरों पर प्रभाव रखने वाले रसूखदार लोगों का जीना हराम हो गया है। शाम को वो किसी और तो सुबह दबाव में किसी दूसरे प्रत्याशी के साथ नजर आ रहे हैं।
चुनाव प्रचार इन दिनों अंतिम चरण में हैं। प्रत्याशी भी घर-घर दस्तक देेने के बजाय अब प्रभावशाली लोगों को अपने पक्ष में करने का दांव खेल रहे हैं। कभी विकास के बड़े-बड़े वादे, तो कभी व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने का दिलासा देकर अपना वोट बैंक मजबूत करने में लगे हुए हैं। जातीय गणित पर आधारित चुनावी समीकरण मजबूत करने के लिए जाति बाहुल्य इलाकों में उस जाति विशेष के नेताओं को अपने साथ लेकर चल रहे हैं। जनता के बीच विश्वास पैदा करने के लिए वह हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। मतदान होने में सिर्फ दो दिन बाकी हैं, समय कम होने के कारण प्रत्याशी चुनाव जीतने के लिए सभी हथकंडा अपना रहे हैं। हालांकि प्रत्याशियों ने अंतिम क्षण में जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत दिखाने के लिए जुलूस निकालकर शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रत्याशियों का यह प्रयास कितना सफल होता है।
चुनाव प्रचार इन दिनों अंतिम चरण में हैं। प्रत्याशी भी घर-घर दस्तक देेने के बजाय अब प्रभावशाली लोगों को अपने पक्ष में करने का दांव खेल रहे हैं। कभी विकास के बड़े-बड़े वादे, तो कभी व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने का दिलासा देकर अपना वोट बैंक मजबूत करने में लगे हुए हैं। जातीय गणित पर आधारित चुनावी समीकरण मजबूत करने के लिए जाति बाहुल्य इलाकों में उस जाति विशेष के नेताओं को अपने साथ लेकर चल रहे हैं। जनता के बीच विश्वास पैदा करने के लिए वह हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। मतदान होने में सिर्फ दो दिन बाकी हैं, समय कम होने के कारण प्रत्याशी चुनाव जीतने के लिए सभी हथकंडा अपना रहे हैं। हालांकि प्रत्याशियों ने अंतिम क्षण में जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत दिखाने के लिए जुलूस निकालकर शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रत्याशियों का यह प्रयास कितना सफल होता है।
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