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Pratapgarh News: दरक रहे मकान... अफसर अनजान
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रानीगंज के रघवापुर गांव की अमरावती वर्मा। संवाद
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जिले में तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इससे कई जगहों पर जर्जर मकान गिर गए। वहीं, कई पुराने मकान बारिश में दरक गए हैं। बावजूद इसके उन्हें खाली नहीं कराया जा रहा है। बीते छह अगस्त को महुली वार्ड में बारिश में जर्जर मकान गिरने से एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी अफसर अनजान बने हैं।
महुली वार्ड में मकान ढहने से मौत के बाद 450 जर्जर मकानों को चिह्नित किया गया था। इसमें करीब एक दर्जन से अधिक लोगों को प्राइमरी स्कूल व पंचायत भवनों में शिफ्ट कराया था। जर्जर मकानों को सील करने की भी पहल शुरू हुई थी। इसके बाद कार्रवाई धीमी पड़ गई। कुछ ही दिनों में मामला फाइलों में सिमट गया। आज भी दर्जनों मकान जर्जर हालत में हैं और उनमें लोग रह रहे हैं। जबकि अफसर इन सब से बेखबर हैं।
मजबूरी के आगे बेबस
रानीगंज के स्टेशन रोड पर राजू गुप्ता का परिवार जर्जर भवन में रहने को मजबूर है। उन्होंने नगर पंचायत कार्यालय में जाकर कई बार आवास की मांग की लेकिन आवास नहीं मिला। बुधवार को नगर पंचायत के कर्मचारियों ने उनके जर्जर भवन को खाली करने का नोटिस थमा दिया लेकिन उन्हें कहां रहना है, इसकी व्यवस्था नहीं की।
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छप्पर में गुजर रही जिंदगी
रघवापुर गांव की अमरावती वर्मा के पति की छह वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। दो वर्ष पूर्व कच्चा जर्जर मकान गिर गया, तब से वह चार बच्चों के साथ छप्पर में रह रही हैं। आवास के लिए कई बार ग्राम प्रधान से मांग की गई लेकिन अभी तक आवास नहीं मिला।
जर्जर भवनों में सजी हैं दुकानें
शहर में तेलिया चौराहे के पास जर्जर मकान में दुकान चल रही है। मेडिकल कॉलेज के पास भी जर्जर भवनों में दुकानें सजी हैं। इसके अलावा विजिलेंस थाना भी जर्जर भवन में संचालित है। ऑफिसर कॉलोनी में भी कई लोग जर्जर मकान में रह रहे हैं। भरत चौक में करीब आधा दर्जन भवन जर्जर हैं। ये सभी भीड़भाड़ वाले इलाके हैं, यहां भवन गिरने पर कभी भी बड़ी जनहानि हो सकती है।
वर्जन:-
जर्जर भवनों को चिह्नित कर 12 को सील किया गया है। अन्य जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जल्द शुरू होगी। लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा जा रहा है पर वह घरों का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। - राकेश कुमार, ईओ नगर पालिका
............
जर्जर भवनों को चिह्नित कर लिया गया है। लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए कहा गया है। ध्वस्तीकरण के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजा जा चुका है। - अनुष्का शर्मा, एसडीएम सदर
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महुली वार्ड में मकान ढहने से मौत के बाद 450 जर्जर मकानों को चिह्नित किया गया था। इसमें करीब एक दर्जन से अधिक लोगों को प्राइमरी स्कूल व पंचायत भवनों में शिफ्ट कराया था। जर्जर मकानों को सील करने की भी पहल शुरू हुई थी। इसके बाद कार्रवाई धीमी पड़ गई। कुछ ही दिनों में मामला फाइलों में सिमट गया। आज भी दर्जनों मकान जर्जर हालत में हैं और उनमें लोग रह रहे हैं। जबकि अफसर इन सब से बेखबर हैं।
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मजबूरी के आगे बेबस
रानीगंज के स्टेशन रोड पर राजू गुप्ता का परिवार जर्जर भवन में रहने को मजबूर है। उन्होंने नगर पंचायत कार्यालय में जाकर कई बार आवास की मांग की लेकिन आवास नहीं मिला। बुधवार को नगर पंचायत के कर्मचारियों ने उनके जर्जर भवन को खाली करने का नोटिस थमा दिया लेकिन उन्हें कहां रहना है, इसकी व्यवस्था नहीं की।
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छप्पर में गुजर रही जिंदगी
रघवापुर गांव की अमरावती वर्मा के पति की छह वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। दो वर्ष पूर्व कच्चा जर्जर मकान गिर गया, तब से वह चार बच्चों के साथ छप्पर में रह रही हैं। आवास के लिए कई बार ग्राम प्रधान से मांग की गई लेकिन अभी तक आवास नहीं मिला।
जर्जर भवनों में सजी हैं दुकानें
शहर में तेलिया चौराहे के पास जर्जर मकान में दुकान चल रही है। मेडिकल कॉलेज के पास भी जर्जर भवनों में दुकानें सजी हैं। इसके अलावा विजिलेंस थाना भी जर्जर भवन में संचालित है। ऑफिसर कॉलोनी में भी कई लोग जर्जर मकान में रह रहे हैं। भरत चौक में करीब आधा दर्जन भवन जर्जर हैं। ये सभी भीड़भाड़ वाले इलाके हैं, यहां भवन गिरने पर कभी भी बड़ी जनहानि हो सकती है।
वर्जन:-
जर्जर भवनों को चिह्नित कर 12 को सील किया गया है। अन्य जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जल्द शुरू होगी। लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा जा रहा है पर वह घरों का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। - राकेश कुमार, ईओ नगर पालिका
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जर्जर भवनों को चिह्नित कर लिया गया है। लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए कहा गया है। ध्वस्तीकरण के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजा जा चुका है। - अनुष्का शर्मा, एसडीएम सदर

रानीगंज के रघवापुर गांव की अमरावती वर्मा। संवाद

रानीगंज के रघवापुर गांव की अमरावती वर्मा। संवाद

रानीगंज के रघवापुर गांव की अमरावती वर्मा। संवाद