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Pratapgarh News: नाम बड़े और दर्शन छोटे की तर्ज पर चल रहे अस्पताल होंगे बंद

Thu, 27 Apr 2023 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़ Updated Thu, 27 Apr 2023 12:33 AM IST
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Hospitals running on the lines of name big and philosophy small will be closed
बड़े-बड़े नामचीन चिकित्सकों के नाम और उनकी डिग्री के बोर्ड लगाकर मरीजों को ठगने का गोरखधंधा चलाने वाले निजी अस्पताल प्रबंधनों पर अब नकेल कसी जाएगी। लाइसेंस का नवीनीकरण कराने से लेकर नए अस्पताल के पंजीकरण तक में अब सभी के प्रपत्रों का ब्योरा ऑनलाइन उपलब्ध होगा, जिससे बड़े डाक्टरों का नाम फर्जी तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। पकड़े जाने पर स्वास्थ्य विभाग संचालकों के विरुद्घ कार्रवाई करेगा।
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जनपद में हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, क्लीनिक और पॉलीक्लीनिक संचालकों ने प्रयागराज, लखनऊ पीजीआई, रायबरेली और दिल्ली एम्स तक के चिकित्सकों के नाम का बोर्ड लगा रखा है। मरीज बड़े डाक्टरों के नाम पढ़कर बेहतर उपचार की उम्मीद में पहुंचते हैं। जबकि हकीकत यह होती है कि आमतौर पर जिन डाक्टरों के नाम दिए गए होते हैं उनकी जगह पर स्थानीय स्तर के चिकित्सक ही उपचार कर रहे होते हैं। कुछ को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश अस्पतालों में बाहर के डॉक्टर नहीं आते। इतना जरूर है कि नामी डॉक्टरों के नाम का बोर्ड लगाकर अस्पताल संचालक मरीजों को झांसा देकर मोटी रकम कमाते हैं।
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शासन ने इस बार निजी अस्पतालों के नवीनीकरण में नया नियम लागू कर दिया है। हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, क्लीनिक और पॉलीक्लीनिक के नवीनीकरण के दौरान डॉक्टरों का नाम ऑनलाइन किया जाएगा। कौन डॉक्टर किस दिन कहां बैठ रहे हैं, कितना समय दे रहे हैं, 24 घंटे तक अस्पताल में कौन डॉक्टर मौजूद मिलेंगे, यह सब लिखा रहेगा। नवीनीकरण की जांच के दौरान फर्जी तरीके से नामी डॉक्टरों का नाम बोर्ड पर लिखाने वालों का लाइसेंस निरस्त होगा।
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Iजिले के अधिकांश नर्सिंग होम बाहरी चिकित्सकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। कई अस्पताल संचालक नामी चिकित्सकों का बोर्ड तो लगा रखे हैं, मगर उनके स्थान पर स्थानीय डॉक्टर ही मरीजों का इलाज करते पाए जाते हैं। इस बार नवीनीकरण के दौरान ही ऐसे अस्पताल संचालकों का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। - डॉ. जीएम शुक्ला, सीएमओ।I
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