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Pratapgarh News: भीषण गर्मी में बढ़ गए हीट स्ट्रोक के मरीज
Sat, 17 Jun 2023 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Sat, 17 Jun 2023 01:57 AM IST
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जिले में तापमान 44 के आसपास डोल रहा है। सूरज आग का गोला बना है। तेज धूप और गर्म हवाओं से बढ़ी तपिश लोगों को हीट स्ट्रोक का शिकार बना रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक पीड़ित मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है।
डायरिया भी छोटे-बड़ों को चपेट में ले रहा है। मेडिकल कॉलेज में गर्मी से हीट स्ट्रोक के लक्षण वाले रोजाना औसतन 35 मरीज पहुंच रहे। हाल ये है कि मेडिकल वार्ड के सभी बेड फुल हैं। चिकित्सक दोपहर में घर से बाहर कम निकलने की सलाह दे रहे हैं।
पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। हीट स्ट्रोक ही नहीं डायरिया के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है। अस्पतालों के आंकड़े इसके गवाह बने हैं। जिला अस्पताल में फिजिशियन की ओपीडी में 600 से 650 मरीज हर दिन पहुंच रहे हैं। इनमें हीट स्ट्रोक और डायरिया के मरीज ज्यादा होते हैं।
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फिजिशियन डॉ. मनोज खत्री के अनुसार दिन की तेज गर्मी और शाम को उमस बढ़ने की वजह से लोग हीट स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं। सामान्य अवस्था में शरीर का तापमान अधिकतम 38 डिग्री सेल्सियस तक होता है। इससे ज्यादा तापमान होने पर शारीरिक गतिविधियां प्रभावित होने लगती हैं।
सामान्य प्रभाव होने से इसका पता नहीं चलता। मगर तापमान जब 40 डिग्री या इससे अधिक दर्ज होने लगे और गर्म हवाओं से जूझना पड़े तो हीट स्ट्रोक की आशंका रहती है।
चिकित्सकों के मुताबिक अस्पताल में तेज बुखार के साथ पहुंच रहे मरीजों में डिहाइड्रेशन के लक्षण मिल रहे हैं, जो हीट स्ट्रोक के प्राथमिक लक्षण हैं। शुक्रवार को भी लोग लू व गर्मी के प्रकोप से बचने के लिए बाहर कम ही निकले। जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
बादलों की आवाजाही पर तपिश कम नहीं
शुक्रवार को भी मौसम का मिजाज तीखा रहा। सूरज की तल्खी से धूप सताने वाली रही। वातावरण में नमी की कमी से उमस हावी रही। अधिकतम तापमान 44.8 और न्यूनतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवाओं की रफ्तार सामान्य रही। बादल छाए तो लेकिन हवा की सुस्ती से कुछ ही देर में गुम हो गए। धूप-छांव के मौसम में उमस हावी रही। मौसम विज्ञानी देशराज मीना के मुताबिक चक्रवाती प्रभाव से मौसम में बदलाव संभावित है। अगले 72 घंटे में बूंदाबांदी के आसार हैं। धूल भरी आंधी चक्रवाती हवाओं के प्रभाव पर निर्भर करेगी। तापक्रम में वृद्धि संभावित है।
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डायरिया भी छोटे-बड़ों को चपेट में ले रहा है। मेडिकल कॉलेज में गर्मी से हीट स्ट्रोक के लक्षण वाले रोजाना औसतन 35 मरीज पहुंच रहे। हाल ये है कि मेडिकल वार्ड के सभी बेड फुल हैं। चिकित्सक दोपहर में घर से बाहर कम निकलने की सलाह दे रहे हैं।
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पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। हीट स्ट्रोक ही नहीं डायरिया के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है। अस्पतालों के आंकड़े इसके गवाह बने हैं। जिला अस्पताल में फिजिशियन की ओपीडी में 600 से 650 मरीज हर दिन पहुंच रहे हैं। इनमें हीट स्ट्रोक और डायरिया के मरीज ज्यादा होते हैं।
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फिजिशियन डॉ. मनोज खत्री के अनुसार दिन की तेज गर्मी और शाम को उमस बढ़ने की वजह से लोग हीट स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं। सामान्य अवस्था में शरीर का तापमान अधिकतम 38 डिग्री सेल्सियस तक होता है। इससे ज्यादा तापमान होने पर शारीरिक गतिविधियां प्रभावित होने लगती हैं।
सामान्य प्रभाव होने से इसका पता नहीं चलता। मगर तापमान जब 40 डिग्री या इससे अधिक दर्ज होने लगे और गर्म हवाओं से जूझना पड़े तो हीट स्ट्रोक की आशंका रहती है।
चिकित्सकों के मुताबिक अस्पताल में तेज बुखार के साथ पहुंच रहे मरीजों में डिहाइड्रेशन के लक्षण मिल रहे हैं, जो हीट स्ट्रोक के प्राथमिक लक्षण हैं। शुक्रवार को भी लोग लू व गर्मी के प्रकोप से बचने के लिए बाहर कम ही निकले। जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
बादलों की आवाजाही पर तपिश कम नहीं
शुक्रवार को भी मौसम का मिजाज तीखा रहा। सूरज की तल्खी से धूप सताने वाली रही। वातावरण में नमी की कमी से उमस हावी रही। अधिकतम तापमान 44.8 और न्यूनतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवाओं की रफ्तार सामान्य रही। बादल छाए तो लेकिन हवा की सुस्ती से कुछ ही देर में गुम हो गए। धूप-छांव के मौसम में उमस हावी रही। मौसम विज्ञानी देशराज मीना के मुताबिक चक्रवाती प्रभाव से मौसम में बदलाव संभावित है। अगले 72 घंटे में बूंदाबांदी के आसार हैं। धूल भरी आंधी चक्रवाती हवाओं के प्रभाव पर निर्भर करेगी। तापक्रम में वृद्धि संभावित है।