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गुजरात विकास का मॉडल नहीं, पानी के लिए जूझते हैं 22 जिलों के लोग : हार्दिक पटेल 

Thu, 21 Feb 2019 12:02 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 21 Feb 2019 12:02 AM IST
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Gujarat does not have a model of development, people in 22 districts: Hardik Patel
हार्दिक पटेल - फोटो : प्रतापगढ़
 पहली बार प्रतापगढ़ पहुंचे हार्दिक विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष और गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने बुधवार को पट्टी में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस गुजरात को विकास का मॉडल बताकर मोदी देशभर में ढिंढोरा पीटते हैं, उस प्रांत के 22 जिले के लोगों को हर दिन पानी के लिए भटकना पड़ता है।
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उन्होंने कहा कि जिले में सामंतवादी व्यवस्था की गुलामी छोड़कर हक के लिए संघर्ष करें। प्रदेश की योगी सरकार भी हर मुद्दों पर विफल साबित हो रही है। बेहतर जनप्रतिनिधि चुनने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को आगे लाएं जो आपके लिए संघर्ष कर सके। वह खुद किसानों व युवाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 
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बुधवार को पट्टी विद्युत उपकेंद्र पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए हार्दिक ने कहा कि हमारी लड़ाई किसी जाति, व्यक्ति, पार्टी या राजनेता से नहीं है, बल्कि उनसे है जो संविधान के विरुद्ध जाकर खुद को शहंशाह समझकर गरीब, पिछड़े, मजदूरों के साथ अत्याचार कर रहे हैं।
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उन्होंने जनता को सावधान करते हुए कहा कि आज जो भी दंश हम लोग झेल रहे हैं, उसका कारण यह है कि हमने गलत लोगों को चुना है। राजनीति करने वाले नेता हमें ठग रहे हैं।  हम इतने भोले है कि हमें आसानी से वह ठग लेते हैं। लोगों से पूछा कि क्या उनका सांसद उनके बीच पांच वर्ष में पहुंचा। जब लोगों ने जवाब न में दिया तो बोले कि जब चुनाव आते हैं तो नेता हमारे बीच पहुंच कर हमारी पीठ थप थपाकर कीमती वोट लेकर चले जाते हैं।

जिसके बाद हम सभी अगले पांच वर्ष शोषण, अत्याचार का दंश झेलते हैं। देश की आजादी के पहले फिरंगी देश का धन लूटकर ले गए। आज राजनेताओं से गठजोड़ कर पूंजीपति देश की जनता को लूट रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि गुजरात मॉडल दिखाकर देश की सत्ता हासिल कर ली, लेकिन वहां 22 जिलों में आज भी पीने का पानी नहीं दिला सके। किसान आत्महत्या कर रहे हैं।

हम किसानों व युवाओं की समस्याओं का समाधान करना चाहते हैं। इसके लिए आपको गुलामी त्यागनी होगी और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा। जिले में सामंतवादी व्यवस्था का दंश अभी भी लोग झेल रहे हैं।  नेताओं से लोगों को सवाल करने होंगे। जिले की सियासत में सत्ता व पैसे का बोलबाला है।

जिले की अस्मिता खतरे में है। इस गुलामी से लोगों को आजादी लेनी होगी। देश को सरदार भगत सिंह  व सरदार पटेल की सोच का बनाना होगा। कार्यक्रम को श्रीराम पटेल, महेंद्र मौर्य, रुद्रमणि वर्मा, विजय बहादुर पाल, रमेश वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष छोटेलाल मौर्य ,अखिलेश कटियार व आयोजक बांकेलाल पटेल ने भी संबोधित किया। 

नेता नहीं चाहते थे जनसभा हो, अफसरों पर भी बनाया था दबाव 
जनसभा के दौरान हार्दिक पटेल ने कहा कि जिले के कुछ नेता नहीं चाहते थे कि उनकी आवाज यहां के युवाओं तक पहुंचे। जिसके चलते उनके कार्यक्रम को लेकर अफवाह भी फैलाई जाती रही। कुछ नेताओं ने पूरी ताकत लगा दी थी कि उनकी जनसभा की अनुमति न मिले। विपरीत परिस्थितियों में वह आए और युवा के दर्द को समझ सके हैं। 

हार्दिक की रैली में नहीं पहुंचीं बहराइच संासद 
हार्दिक विचार मंच में विशिष्टि अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए बहराइच की सांसद सावित्री बाई फुले के आने की जानकारी कई दिनों से दी जा रही थी। मंच से तमाम वक्ता उनका नाम लेते रहे। काफी देर बाद आयोजक मंडल के एक व्यक्ति ने मंच से घोषणा की कि तबियत खराब होने के कारण सांसद कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकीं। हादक पटेल की जनसभा में भारी भीड़ जुटने की उम्मीद आयोजकों द्वारा की गई थी, लेकिन भीड़ कम होने से आयोजक मायूस नजर आए। आयोजकों ने अपने दर्द का इजहार मंच से यह कहकर किया कि भीड़ कम होने से वह अपनी कमी महसूस कर रहे हैं, क्योंकि किसी नेता का सम्मान व स्वागत भीड़ से ही होता है।  

हार्दिक की बात सुनने को बेताब रहे युवा 
पट्टी में आयोजित जनसभा में युवाओं की भीड़ अधिक दिखी। मंच पर पहुंचे हार्दिक पटेल से मिलने व सेल्फी लेने वाले युवा धक्कामुक्की करते रहे। जौनपुर व सुलतानपुर से भी युवा हार्दिक के विचारों को सुनने आए थे। हार्दिक के विचारों को सुनने के लिए महेश पटेल, अंकित पटेल, अंकित यादव, जगलाल पटेल, अजय, आकाश के अलावा दूरदराज से युवा पहुंचे थे। युवाओं का कहना था कि गुजरात में किसानों व युवाओं के लिए संघर्ष करने वाले हार्दिक की बातें प्रेरणादायक रहीं। उन लोगों को भी अपने हक के लिए संघर्ष करना होगा। शिक्षा के साथ ही अपने व अपनों के हक की आवाज भी समय पर उठाने की जरूरत है। 


जोशीला भाषण नहीं सुन सकी भीड़ 
गुजरात में पिछड़ों, किसानों व युवाओं के हित में आवाज बुलंद करने वाले हार्दिक पटेल से जनसभा में मौजूद लोगों नेे जोशीला भाषण सुनने की अपेक्षा थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। संबोधन के दौरान हार्दिक पटेल बड़ी शालीनता से अपनी बात लोगों तक रखते नजर आए।
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