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Pratapgarh News: पोते व पोती को याद कर बिलखती रही दादी
Fri, 23 Jun 2023 09:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Fri, 23 Jun 2023 09:07 PM IST
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कोहड़ौर के औरंगाबाद में पोते व पोती को याद कर दादी रोती बिलखती रही। घर पहुंचने वालों से वह सवाल करने लगी कि मेरे मासूम बच्चों का क्या कसूर था। जो उन्हें लेकर प्रमिला कुएं में कूदी। उसकी जिद ने बच्चों को उससे ही नहीं पूरे परिवार से दूर कर दिया।
औरंगाबाद निवासी सोहनलाल मुंबई में रहकर पावरलूम चलाता है। वह एक माह पहले अपने घर आया था। 26 जून को वह फिर मुंबई जाने वाला था। पत्नी प्रमिला भी उसके साथ जाने की जिद कर रही थी। सोहनलाल के मना करने पर मंगलवार की शाम प्रमिला अपनी बड़ी बेटी सोनाली, बेटे शिवांश व दिव्यांश को लेकर कल्याणी बाजार दवा लेने का बहाना बनाकर घर से निकली थी। बृहस्पतिवार की सुबह नरहरपुर के एक कुएं में बच्चों संग प्रमिला का शव उतराया मिला था। देर शाम शवों का अंतिम संस्कार करने के बाद सोहनलाल घर चला गया।
प्रमिला के इस कदम से पूरे परिवार पर जैसे वज्रपात हो गया है। शुक्रवार को घर पर सोहनलाल बच्चों व पत्नी के गम में मायूस बैठा था। उसकी मां धर्मा देवी रोती बिलखती रही। वह घर पहुंचने वाले लोगों से बच्चों के बारे में पूछने लगती। कहती कि बेटवा बहू जोन करी ठीक तौ नाही करिन। जैसेन लरिकन का छोड़ कय नैहर जात रहिन। वैसेन चली जातिन। लरिकन क पाल पोस लेइत। अब केकरे सहारवा हम जीबै भइया।
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हालांकि घटना की जानकारी के बाद बृहस्पतिवार को ही सोहनलाल की बहन मनीषा व राजकली घर आ गईं थीं। रात में पड़ोसियों ने खाना पहुंचाया लेकिन शुक्रवार की सुबह मनीषा व राजकली ने चूल्हा जलाया। अपने बच्चों संग मां व भाई को भोजन बनाकर दिया। घटना को लेकर गांव में भी हर कोई चर्चा करता रहा। सोहनलाल ने बताया कि उसने किसी से ब्याज पर रुपये नहीं लिए हैं। न ही उसे अभी तक किसी ने सताया है।
घर नहीं आए सोहनलाल के भाई
सोहनलाल तीन भाई हैं। बड़ा भाई जवाहरलाल इंदौर में रहता है जबकि मझला भाई जगदीश दिल्ली में। घटना की जानकारी के बाद भी दोनों भाई घर नहीं आए।
पति की मौत के बाद प्रमिला की तबीयत रहती है खराब
सोहनलाल ने बताया कि ससुर की मौत के बाद से उसकी सास रामपति की तबीयत ठीक नहीं रहती। वह घटना की जानकारी के बाद भी नहीं आईं। मृतका की बहन उर्मिला ही आई थी। वह भी शाम को अपने घर चली गई।
घर में खाने को राशन, सिलिंडर भी भरा मिला
सोहनलाल के परिवार को खाने पीने की दिक्कत नहीं थी। चूल्हे के बजाय प्रमिला सिलिंडर वाले गैस चूल्हे पर खाना बनाती थी। सिलिंडर भी भरा हुआ था। खाने पीने का राशन भी डिब्बों में था।
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औरंगाबाद निवासी सोहनलाल मुंबई में रहकर पावरलूम चलाता है। वह एक माह पहले अपने घर आया था। 26 जून को वह फिर मुंबई जाने वाला था। पत्नी प्रमिला भी उसके साथ जाने की जिद कर रही थी। सोहनलाल के मना करने पर मंगलवार की शाम प्रमिला अपनी बड़ी बेटी सोनाली, बेटे शिवांश व दिव्यांश को लेकर कल्याणी बाजार दवा लेने का बहाना बनाकर घर से निकली थी। बृहस्पतिवार की सुबह नरहरपुर के एक कुएं में बच्चों संग प्रमिला का शव उतराया मिला था। देर शाम शवों का अंतिम संस्कार करने के बाद सोहनलाल घर चला गया।
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प्रमिला के इस कदम से पूरे परिवार पर जैसे वज्रपात हो गया है। शुक्रवार को घर पर सोहनलाल बच्चों व पत्नी के गम में मायूस बैठा था। उसकी मां धर्मा देवी रोती बिलखती रही। वह घर पहुंचने वाले लोगों से बच्चों के बारे में पूछने लगती। कहती कि बेटवा बहू जोन करी ठीक तौ नाही करिन। जैसेन लरिकन का छोड़ कय नैहर जात रहिन। वैसेन चली जातिन। लरिकन क पाल पोस लेइत। अब केकरे सहारवा हम जीबै भइया।
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हालांकि घटना की जानकारी के बाद बृहस्पतिवार को ही सोहनलाल की बहन मनीषा व राजकली घर आ गईं थीं। रात में पड़ोसियों ने खाना पहुंचाया लेकिन शुक्रवार की सुबह मनीषा व राजकली ने चूल्हा जलाया। अपने बच्चों संग मां व भाई को भोजन बनाकर दिया। घटना को लेकर गांव में भी हर कोई चर्चा करता रहा। सोहनलाल ने बताया कि उसने किसी से ब्याज पर रुपये नहीं लिए हैं। न ही उसे अभी तक किसी ने सताया है।
घर नहीं आए सोहनलाल के भाई
सोहनलाल तीन भाई हैं। बड़ा भाई जवाहरलाल इंदौर में रहता है जबकि मझला भाई जगदीश दिल्ली में। घटना की जानकारी के बाद भी दोनों भाई घर नहीं आए।
पति की मौत के बाद प्रमिला की तबीयत रहती है खराब
सोहनलाल ने बताया कि ससुर की मौत के बाद से उसकी सास रामपति की तबीयत ठीक नहीं रहती। वह घटना की जानकारी के बाद भी नहीं आईं। मृतका की बहन उर्मिला ही आई थी। वह भी शाम को अपने घर चली गई।
घर में खाने को राशन, सिलिंडर भी भरा मिला
सोहनलाल के परिवार को खाने पीने की दिक्कत नहीं थी। चूल्हे के बजाय प्रमिला सिलिंडर वाले गैस चूल्हे पर खाना बनाती थी। सिलिंडर भी भरा हुआ था। खाने पीने का राशन भी डिब्बों में था।