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गोयल रेजीडेंसी होटल प्रबंधन के खिलाफ एक और तहरीर
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 28 Jun 2015 02:43 AM IST
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प्रतापगढ़। गोयल रेजीडेंसी होटल प्रबंधन के खिलाफ शनिवार को एमआईजी-नसीबपुर बख्तियारी एडीए कॉलोनी अशोक नगर इलाहाबाद की ममता सिंह ने नगर कोतवाली में तहरीर दी है। आरोप लगाया है कि प्रबंधन की लापरवाही से 19 जून की भोर होटल में आग लगी। जिसके कारण उसमें ठहरे उनके पति मनोज शर्मा की मौत हो गई। उन्होंने मांग की है कि न्याय हित में रिपोर्ट दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाए।
पुलिस को दी गई तहरीर में उन्होंने कहा है कि उनके पति मनोज शर्मा (34) अपने ऑफिस के काम से 18 जून को प्रतापगढ़ आए थे। दिन भर कार्यालय का काम करने के बाद वह बाबागंज स्थित आर्यन होटल (गोयल रेजीडेंसी होटल) में एक कमरा लेकर रात में रुक गए। 19 जून की भोर करीब 4.30 बजे प्रबंधन की लापरवाही से होटल में आग लग गई। बाहर के शटर में ताला बंद होने की वजह से होटल के अंदर से कोई बाहर नहीं निकल सका। अंदर ही अंदर आग भड़क गई। होटल में लगी आग से झुलसने व दम घुटने से उनके पति मनोज शर्मा की मौत हो गई। इस घटना में अन्य कई लोग भी मारे गए हैं।
इस घटना के पीछे उन्होंने होटल प्रबंधक को पूर्ण रूप से दोषी ठहराया है। कहा कि होटल स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप नहीं बना। आग से बचाव के लिए न्यूनतम उपकरण भी होटल में नहीं थे। सुरक्षा गार्ड की भी व्यवस्था नदारद थी। विषम परिस्थिति में होटल से बाहर आने के लिए कोई इमरजेंसी द्वार नहीं था। सब कुछ जानते हुए भी होटल प्रबंधन शुल्क लेकर लोगों को रोक रहा था। पैसा कमाने के लिए होटल प्रबंधन ने लचर व्यवस्था कर रखी थी। ऐसी दशा में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाए।
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पुलिस को दी गई तहरीर में उन्होंने कहा है कि उनके पति मनोज शर्मा (34) अपने ऑफिस के काम से 18 जून को प्रतापगढ़ आए थे। दिन भर कार्यालय का काम करने के बाद वह बाबागंज स्थित आर्यन होटल (गोयल रेजीडेंसी होटल) में एक कमरा लेकर रात में रुक गए। 19 जून की भोर करीब 4.30 बजे प्रबंधन की लापरवाही से होटल में आग लग गई। बाहर के शटर में ताला बंद होने की वजह से होटल के अंदर से कोई बाहर नहीं निकल सका। अंदर ही अंदर आग भड़क गई। होटल में लगी आग से झुलसने व दम घुटने से उनके पति मनोज शर्मा की मौत हो गई। इस घटना में अन्य कई लोग भी मारे गए हैं।
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इस घटना के पीछे उन्होंने होटल प्रबंधक को पूर्ण रूप से दोषी ठहराया है। कहा कि होटल स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप नहीं बना। आग से बचाव के लिए न्यूनतम उपकरण भी होटल में नहीं थे। सुरक्षा गार्ड की भी व्यवस्था नदारद थी। विषम परिस्थिति में होटल से बाहर आने के लिए कोई इमरजेंसी द्वार नहीं था। सब कुछ जानते हुए भी होटल प्रबंधन शुल्क लेकर लोगों को रोक रहा था। पैसा कमाने के लिए होटल प्रबंधन ने लचर व्यवस्था कर रखी थी। ऐसी दशा में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाए।
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