{"_id":"57f7e48f4f1c1b943426f779","slug":"girl-child-thrown-away-on-road-side","type":"story","status":"publish","title_hn":"शर्मनाकः नवरात्र में हाईवे किनारे फेंक दी गई ‘दुर्गा’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शर्मनाकः नवरात्र में हाईवे किनारे फेंक दी गई ‘दुर्गा’
प्रतापगढ़
Updated Sat, 08 Oct 2016 12:07 AM IST
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pratapgarh
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वरात्र चल रहा है। इस समय सभी मां दुर्गा की आराधना में लगे हैं। हालांकि शुक्रवार को कुंडा में एक ऐसी घटना हुई जिसने समाज को शर्मसार कर दिया। यहां नवजात बच्ची हाईवे के किनारे पड़ी मिली। कोई कपड़े में लपेटकर उसे फेंक गया था। जानकारी पर पड़ोस के गांव में रहने वाले दंपति पहुंचे और बच्ची को अपने साथ ले आए। जानकारी पर पुलिस पहुंची और बच्ची को जिला महिला अस्पताल में चेकअप के लिए भेजा। दंपति बच्ची को अपनाने के लिए आगे आया है। हालांकि इसका निर्णय पुलिस-प्रशासन को करना है।
कोतवाली क्षेत्र के देशराज का इनारा के पास एक दिन की बच्ची कपड़े में लिपटी हुई मिली। गांव के कुछ लोग पानी लगाने के लिए खेतों की तरफ सुबह गए तो उन्हें बच्ची रोती हुई मिली। इसकी जानकारी मकोइया रहवई के लवलेश व उसकी पत्नी अर्चना को हुई तो वह मौके पर पहुंचे और बच्ची को अपने घर ले आए। इसके साथ ही इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने महिला को साथ ले जाकर सीएचसी में बच्ची का चेकअप कराया। अर्चना का कहना है कि उसकी दो बेटियां और एक बेटा है लेकिन यह बच्ची नवरात्र में उसे दुर्गा के रूप में मिली है। हम इसकी सेवा बेटी की तरह करेंगे। फिलहाल पुलिस ने बच्ची को जिला महिला अस्पताल भेजा है। बच्ची को महिला को दिया जाना है या नहीं, ये फैसला उच्चाधिकारी ही करेंगे।
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कोतवाली क्षेत्र के देशराज का इनारा के पास एक दिन की बच्ची कपड़े में लिपटी हुई मिली। गांव के कुछ लोग पानी लगाने के लिए खेतों की तरफ सुबह गए तो उन्हें बच्ची रोती हुई मिली। इसकी जानकारी मकोइया रहवई के लवलेश व उसकी पत्नी अर्चना को हुई तो वह मौके पर पहुंचे और बच्ची को अपने घर ले आए। इसके साथ ही इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने महिला को साथ ले जाकर सीएचसी में बच्ची का चेकअप कराया। अर्चना का कहना है कि उसकी दो बेटियां और एक बेटा है लेकिन यह बच्ची नवरात्र में उसे दुर्गा के रूप में मिली है। हम इसकी सेवा बेटी की तरह करेंगे। फिलहाल पुलिस ने बच्ची को जिला महिला अस्पताल भेजा है। बच्ची को महिला को दिया जाना है या नहीं, ये फैसला उच्चाधिकारी ही करेंगे।
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