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लेखपालों का खेल, करीबियों को बना दिया प्रवासी मजदूर

Thu, 11 Jun 2020 12:15 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2020 12:15 AM IST
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forgery in the relief fund and ration of labourers
जिले के लेखपालों ने अपने करीबियों को एक-एक हजार रुपये और पांच-पांच किग्रा राशन दिलाने के लिए प्रवासी मजदूर बना दिया है। यह खेल किसी एक तहसील में नहीं, बल्कि अधिकांश तहसीलों में डाटा फीडिंग में हुआ है। कुंडा तहसील में मामले का खुलासा होने पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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गुजरात, दिल्ली, मुंबई, हरियाणा सहित अनेक शहरों से आने वाले प्रवासी मजदूरों को योगी सरकार ने खाने-पीने के लिए एक -एक हजार रुपये और प्रति व्यक्ति पांच किग्रा राशन मुफ्त में देने का निर्देश दिया है। जिला प्रशासन ने राजस्व विभाग के लेखपालों को इसकी जिम्मेदारी दी है कि जो लोग बाहर से आए हुए हैं, उनका खाता नंबर, आधार नंबर, पिता और पति का नाम कंप्यूटर में फीड कराएं। लेखपाल इसमें खेल कर रहे हैं वह अपने करीबियों को लाभ दिलाने के लिए उनका नाम और खाता नंबर फीड करा रहे हैं। दरअसल, जिला प्रशासन के पास प्रवासी मजदूरों की जो सूची उपलब्ध हैं, उसमें अधिकांश लोगों के नाम और पते फर्जी हैं। इसी का लाभ उठाकर लेखपाल अपने करीबियों को लाभ पहुंचाने के लिए फर्जी प्रवासी मजदूरों का नाम फीड करा रहे हैं।
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जिले के कुंडा तहसील में शिकायत के बाद अधिकारियों की आंखें खुलीं तो बहरिया गांव के नूर मोहम्मद, संदीप कुमार, मंसूर आलम, फिरोज जहां, आरिफउल्ला को नामजद करते हुए एक दर्जन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि तहसील प्रशासन ने लेखपालों को क्लीन चिट दे दी है। मगर डाटा फीडिंग में पूरा खेल लेखपाल और कंप्यूटर आपरेटर कर रहे हैं।
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सदर तहसील में तैनात अधिकांश लेखपालों ने वकीलों की तरह ही मुंशी रखे हैं। डाटा फीडिंग का काम मुंशी के जिम्मे छोड़ रखा है। हालांकि मुंशी वही करते हैं, जो लेखपाल कहते हैं। मगर जब लेखपाल लिखीपढ़ी में फंसते हैं तो मुंशी की गलती बताकर अपना बचाव कर लेते हैं। हालांकि इन दिनों में फीडिंग में व्यापक खेल हो रहा है, मगर अफसर आंख बंद करके काम कर रहे हैं।
जिले के कुंडा, रानीगंज और लालगंज तहसील में लेखपालों के इस खेल की शिकायत पहुंचने पर जांच प्रारंभ हो गई है। सदर तहसील में भी गड़बड़ी हुई है, मगर अभी तक कोई शिकायत सामने नहीं आई है। फिलहाल जिले में इन दिनों डाटा फीडिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रवासी मजदूरों के खाते में एक-एक हजार रुपये भेजने के लिए सूबे में व्यापक स्तर पर तैयारी चल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही योजना का शुभारंभ करने वाले हैं। लखनऊ में शुभारंभ होते ही जिले के प्रवासी मजदूरों के खाते रुपये भेज दिए जाएंगे।

प्रवासी मजदूरों के खाते में एक-एक हजार रुपये भेजने की तैयारी पूरी हो चुकी है। जिन तहसीलों से शिकायतें मिली है, उन्हें जांच करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री के योजना का शुभारंभ करते ही जिले के प्रवासी मजदूरों के खाते में रुपये भेज दिए जाएंगे।
शत्रोहन वैश्य, एडीएम
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