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फर्जी फोटो खोल रही है पोल, शौचालय निर्माण में हुए हैं बड़े-बड़े खेल
Sat, 02 Feb 2019 11:21 PM IST
shailendra Kumar
pratapgarh
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Published by: shailendra Kumar
Updated Sat, 02 Feb 2019 11:21 PM IST
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प्रतापगढ़। जिले के एक बीडीओ, 12 प्रधान और आठ सचिवों पर अनियमितता की गाज गिरने के बाद भी नकेल नहीं लग पा रही है। शौचालय निर्माण की धनराशि का बंदरबांट करने वाले फर्जी फोटो अपलोड कर अफसरों के आंखों में धूल झोंकने वाले, कर्मचारी अब बचाव का तरीका खोज रहे हैं।
जिले को ओडीएफ करने में भले ही 521.37 करोड़ रुपये खर्च हो गए। मगर वास्तविकता तो यह है कि अधिकांश शौचालयों का निर्माण अभी तक नहीं कराया गया है। आसपुर देवसरा विकास खंड के रामगंज ग्राम पंचायत में 150 शौचालयों का निर्माण कराए बगैर ही फर्जी फोटो अपलोड कर दिया गया। जियो टैगिंग में इसका खुलासा होने पर डीएम ने मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया था। मानधाता के सरायदेवराय ग्राम पंचायत में 171 शौचालयों के लिए धनराशि जारी की गई और मगर डीपीआरओ के निरीक्षण में सिर्फ 93 शौचालय ही बने मिले हैं। यह तो महज उदाहरण है सांगीपुर, रामपुर संग्रामगढ़, संडवा चंद्रिका, बाबागंज, कुंडा और मानधाता में भी शौचालय की धनराशि हजम करने वाले एक शौचालय की दो-दो फोटो अपलोड कर दिए हैं।
स्वच्छ भारत मिशन योजना में अभी तक शौचालय की धनराशि का बंदरबांट करने के आरोप में 12 प्रधान, आठ ग्राम पंचायत अधिकारी और एक खंड विकास अधिकारी पर गाज गिर चुकी है। इसके बाद भी कर्मचारियों में कोई भय देखने को नहीं मिल रहा है। फिलहाल डीएम जिस प्रकार गंभीरता से योजना की समीक्षा कर रहे हैं, उससे लगता है कि गडबड़ी करने वाले कोई भी बच नहीं पाएंगे।
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जिले को ओडीएफ करने में भले ही 521.37 करोड़ रुपये खर्च हो गए। मगर वास्तविकता तो यह है कि अधिकांश शौचालयों का निर्माण अभी तक नहीं कराया गया है। आसपुर देवसरा विकास खंड के रामगंज ग्राम पंचायत में 150 शौचालयों का निर्माण कराए बगैर ही फर्जी फोटो अपलोड कर दिया गया। जियो टैगिंग में इसका खुलासा होने पर डीएम ने मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया था। मानधाता के सरायदेवराय ग्राम पंचायत में 171 शौचालयों के लिए धनराशि जारी की गई और मगर डीपीआरओ के निरीक्षण में सिर्फ 93 शौचालय ही बने मिले हैं। यह तो महज उदाहरण है सांगीपुर, रामपुर संग्रामगढ़, संडवा चंद्रिका, बाबागंज, कुंडा और मानधाता में भी शौचालय की धनराशि हजम करने वाले एक शौचालय की दो-दो फोटो अपलोड कर दिए हैं।
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स्वच्छ भारत मिशन योजना में अभी तक शौचालय की धनराशि का बंदरबांट करने के आरोप में 12 प्रधान, आठ ग्राम पंचायत अधिकारी और एक खंड विकास अधिकारी पर गाज गिर चुकी है। इसके बाद भी कर्मचारियों में कोई भय देखने को नहीं मिल रहा है। फिलहाल डीएम जिस प्रकार गंभीरता से योजना की समीक्षा कर रहे हैं, उससे लगता है कि गडबड़ी करने वाले कोई भी बच नहीं पाएंगे।
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