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छोटे दुकानदारों को धौंस, बड़े व्यापारी काट रहे मौज
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 12 Jul 2016 12:12 AM IST
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फू ड विभाग के अधिकारी छापामारी और कार्रवाई में भेदभाव कर रहे हैं। आरोप है कि वे छोटे दुकानदारों के यहां से नमूना लेकर जांच के लिए भेज रहे हैं, लेकिन बड़े व्यापारियों पर हाथ डालने से कतराते हैं। इससे छोटे दुकानदारों में भारी नाराजगी है। विभाग के अधिकारी किराना स्टोर या फिर सड़क किनारे बसे छोटे मिठाई दुकानदारों के यहां छापामारी करके कार्रवाई करते हैं। वहीं बड़े दुकानदार व होटल संचालक मिलावटी खाद्य सामग्री बेचकर मालामाल हो रहे हैं। मगर, जिम्मेदार अधिकारी उनके खिलाफ न तो कार्रवाई करते हैं और न ही नमूना लेकर उसे जांच के लिए भेजते हैं। जबकि बड़े दुकानों के साथ होटल पर ही ग्राहकों की भीड़ ज्यादा देखी जाती है।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में किराना स्टोर के साथ मिठाई की दुकानों व होटलों की भरमार हो गई है। ज्यादातर दुकानदार मिलावटी सामान बेचकर ग्राहकों को खुलेआम ठग रहे हैं। विरोध करने पर मारपीट करने पर उतारू हो जाते हैं। मगर फूड विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का डंडा छोटे दुकानदारों पर ही चलता है। मिठाई की दुकान के साथ शहर से लेकर गांव में चल रहे होटल संचालकों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाती है। यहां तक फूड विभाग की टीम जांच करने के लिए भी नहीं जाती है। वहीं होटल या फिर बड़ी मिठाई के दुकान के बगल से जिम्मेदार अधिकारी सैंपल लेकर उसे जांच के लिए भेज देते हैं। सूत्रों की मानें तो फूड विभाग के अधिकारी बड़े होटल या फिर दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करने से दूर भागते हैं। उनसे प्रतिमाह वसूली करते हैं। छोटे दुकानदार विरोध जरूर करते हैं, मगर डर के मारे वे खुलकर बोलने के लिए सामने नहीं आते हैं। जबकि फूड विभाग के अधिकारी होटल या फिर बडे व्यापारियों के दुकानपर छापामारी करने जाते हैं तो वहां तामम लोग पहुंच कर सैंपल लेने नहीं देते हैं।
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शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में किराना स्टोर के साथ मिठाई की दुकानों व होटलों की भरमार हो गई है। ज्यादातर दुकानदार मिलावटी सामान बेचकर ग्राहकों को खुलेआम ठग रहे हैं। विरोध करने पर मारपीट करने पर उतारू हो जाते हैं। मगर फूड विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का डंडा छोटे दुकानदारों पर ही चलता है। मिठाई की दुकान के साथ शहर से लेकर गांव में चल रहे होटल संचालकों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाती है। यहां तक फूड विभाग की टीम जांच करने के लिए भी नहीं जाती है। वहीं होटल या फिर बड़ी मिठाई के दुकान के बगल से जिम्मेदार अधिकारी सैंपल लेकर उसे जांच के लिए भेज देते हैं। सूत्रों की मानें तो फूड विभाग के अधिकारी बड़े होटल या फिर दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करने से दूर भागते हैं। उनसे प्रतिमाह वसूली करते हैं। छोटे दुकानदार विरोध जरूर करते हैं, मगर डर के मारे वे खुलकर बोलने के लिए सामने नहीं आते हैं। जबकि फूड विभाग के अधिकारी होटल या फिर बडे व्यापारियों के दुकानपर छापामारी करने जाते हैं तो वहां तामम लोग पहुंच कर सैंपल लेने नहीं देते हैं।
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