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पड़ताल : फसल की चिंता में रातभर ठंड में रतजगा कर रहे किसान
Sun, 24 Dec 2023 02:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Sun, 24 Dec 2023 02:14 AM IST
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गडवारा के तिरखोरी में खेत की रखवाली को आग जलाकर बैठे किसान राम कृपाल व महेश वर्मा 11. 00 बजे। स
सरकार का दावा है कि किसानों की आमदनी दोगुनी कर दी गई है। मगर जमीनी हकीकत ये है कि एक-एक दाने की सुरक्षा के लिए किसानों को कड़ाके की ठंड भरी रात में खेतों में जगराता करना पड़ रहा है। अन्ना मेविशयों के झुंड किसानों की आंखों के सामने उनकी मेहनत को रौंदने के साथ चट कर रहे हैं। आलम ये है कि अब गेहूं की फसल से आस लगाए किसान रातों को खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। इस परिस्थिति में सर्द मौसम भी किसानों की परीक्षा ले रहा है। पहले 11 डिग्री से 10 और लुढ़कते हुए रात का तापमान 9 डिग्री तक आ चुका है। देर रात फसलों की रखवाले में हाड़ कंपा रहे किसानों की पेरशानी की पड़ताल की गई तो यह हकीकत सामने आई :-
रात 11:00 बजे
गडवारा के तिरखोरी में खेत की रखवाली को आग जलाकर बैठे किसान राम कृपाल व महेश ने बताया घर से लगभग ढ़ाई से तीन किलोमीटर दूर रातभर खेत में रहकर रखवाली करना मजबूरी है। क्षेत्र में इतने छुट्टा जानवर घूमते हैं कि जरा सा चूके तो अगली सुबह खेत साफ ही मिलेगा।
रात 11:30 बजे
गडवारा क्षेत्र के चौखड़ में खेत में गेहूं की फसल सींचते किसान कल्लन प्रजापति ने बताया कि रात को सिंचाई कर देने से दिन में दूसरे काम करने का मौका मिल जाता है। ठंड है तो क्या हुआ अलाव के सहारे रात काट लेते हैं। फसल की तकवारी भी हो जाती है।
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रात 12:00 बजे
पूरे अंती में जानवरों से फसल की रखवाली को मचान पर लेटे किसान राम प्रताप बताते हैं कि परिवार के सभी सदस्यों ने अलग-अलग समय पर रखवाली की जिम्मेदारी ले रखी है। पिता दोपहर में खेत देखते हैं और रात को मैं। मजबूरी में रतजगा करना पड़ रहा है।
रात 01:00 बजे
जगेशरगंज के गोबरी में जानवरों से फसल की रखवाली को अलाव जलाकर खेत में बैठे किसान बताते हैं कि आसपास के खेतों के किसान भी आ जाते हैं तो रात को हमारा झुंड अलाव सेंकते हुए मवेशियों के झुंड को भगाने के लिए रातभर जगता रहता है।
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रात 11:00 बजे
गडवारा के तिरखोरी में खेत की रखवाली को आग जलाकर बैठे किसान राम कृपाल व महेश ने बताया घर से लगभग ढ़ाई से तीन किलोमीटर दूर रातभर खेत में रहकर रखवाली करना मजबूरी है। क्षेत्र में इतने छुट्टा जानवर घूमते हैं कि जरा सा चूके तो अगली सुबह खेत साफ ही मिलेगा।
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रात 11:30 बजे
गडवारा क्षेत्र के चौखड़ में खेत में गेहूं की फसल सींचते किसान कल्लन प्रजापति ने बताया कि रात को सिंचाई कर देने से दिन में दूसरे काम करने का मौका मिल जाता है। ठंड है तो क्या हुआ अलाव के सहारे रात काट लेते हैं। फसल की तकवारी भी हो जाती है।
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रात 12:00 बजे
पूरे अंती में जानवरों से फसल की रखवाली को मचान पर लेटे किसान राम प्रताप बताते हैं कि परिवार के सभी सदस्यों ने अलग-अलग समय पर रखवाली की जिम्मेदारी ले रखी है। पिता दोपहर में खेत देखते हैं और रात को मैं। मजबूरी में रतजगा करना पड़ रहा है।
रात 01:00 बजे
जगेशरगंज के गोबरी में जानवरों से फसल की रखवाली को अलाव जलाकर खेत में बैठे किसान बताते हैं कि आसपास के खेतों के किसान भी आ जाते हैं तो रात को हमारा झुंड अलाव सेंकते हुए मवेशियों के झुंड को भगाने के लिए रातभर जगता रहता है।

गडवारा के तिरखोरी में खेत की रखवाली को आग जलाकर बैठे किसान राम कृपाल व महेश वर्मा 11. 00 बजे। स