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दो बार फीडिंग होने से 6,184 किसानों को नहीं मिलेंगे दो-दो हजार
Sun, 10 Mar 2019 12:03 AM IST
shailendra Kumar
pratapgarh
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Published by: shailendra Kumar
Updated Sun, 10 Mar 2019 12:03 AM IST
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प्रतापगढ़। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए वह किसान जाल में फंस गए हैं,जिन्होंने अपना डाटा दो-दो बार फीड करा दिया है। जिले के किसानों का डाटा केंद्र में पहुंचते ही साफ्टवेयर ने ऐेसे किसानों की होशियारी को पकड़ने के बाद बाहर का रास्ता दिखा दिया है। फिलहाल दूसरे चरण में किसानों के खाते में जल्द ही दो-दो हजार रुपये आने वाले हैं।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले के 3,67,177 किसानों का डाटा आनलाइन किया जा चुका है। जिसमें से 2,70,456 किसानों का डाटा केंद्र सरकार को भेजा चुका है। इसमें खुलासा हुआ है कि 6,184 किसान ऐसेे हैं, जिनका डाटा दो-दो बार फीड किया गया है।
दरअसल,जल्दी फीडिंग करने के चक्कर में जिला प्रशासन ने तहसील, कौशल विकास केंद्र, एनआईसी और कृषि विभाग में फीडिंग का कार्य कराया। लेखपालों के खेल से बचने के
लिए कुछ किसानों ने ब्लाक में डाटा जमा करने के बाद तहसील में भी जमा कर दिया और कुछ लोगों ने सीधे अफसरों को देकर फीडिंग करा दी। इससे डाटा फीडिंग के क्रम में जहां घोषणा पत्र पहुंचा, वहीं फीडिंग हो गई। जिले में डाटा फीडिंग का केंद्रीयकरण नहीं होने से इसका खुलासा जिले में नहीं हो पाया। केंद्र सरकार के पास यह डाटा पहुंचने पर खेल का खुलासा होने पर ऐसे किसानों को चिह्नित कर अलग कर दिया गया है। ऐेसे में इन किसानों को लाभ मिलना मुश्किल है। हालांकि जिन किसानों का डाटा पूरा है, उन लोगों को होली के पहले दो-दो हजार रुपये मिलने जा रहे हैं।
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दरअसल,जल्दी फीडिंग करने के चक्कर में जिला प्रशासन ने तहसील, कौशल विकास केंद्र, एनआईसी और कृषि विभाग में फीडिंग का कार्य कराया। लेखपालों के खेल से बचने के
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लिए कुछ किसानों ने ब्लाक में डाटा जमा करने के बाद तहसील में भी जमा कर दिया और कुछ लोगों ने सीधे अफसरों को देकर फीडिंग करा दी। इससे डाटा फीडिंग के क्रम में जहां घोषणा पत्र पहुंचा, वहीं फीडिंग हो गई। जिले में डाटा फीडिंग का केंद्रीयकरण नहीं होने से इसका खुलासा जिले में नहीं हो पाया। केंद्र सरकार के पास यह डाटा पहुंचने पर खेल का खुलासा होने पर ऐसे किसानों को चिह्नित कर अलग कर दिया गया है। ऐेसे में इन किसानों को लाभ मिलना मुश्किल है। हालांकि जिन किसानों का डाटा पूरा है, उन लोगों को होली के पहले दो-दो हजार रुपये मिलने जा रहे हैं।
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