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6338 किसानों नहीं मिला प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का लाभ, वापस हुई धनराशि
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प्रतापगढ़। अफसरों की लापरवाही से जिले के 6338 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से वंचित हो गए। किसानों का ब्यौरा जुटाने के बाद भी कर्मचारियों द्वारा ऑनलाइन डाटा फीडिंग में लापरवाही बरती गई। ऐसे में निर्धारित समय पर किसानों की सम्मान राशि आई, मगर खाते तक नहीं पहुंच सकी। जांच में गौरा, बेलखरनाथ व शिवगढ़ ब्लाक के 34 गांव में यह अनियमितता पाई गई है। जांच में पोल खुलने के बाद जिम्मेदार अफसरों का हाल-बेहाल है।
केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत किसानों को छह हजार रुपये की धनराशि दी जानी है। यह महत्वाकांक्षी प्रयास किसानों को खेती किसानी के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए किया गया है। जिले में भी किसान सम्मान योजना के तहत 17 ब्लाकों में किसानों की आनलाइन डाटा फीडिंग की गई। इसकी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन को सौंपी गई थी। जिले के सभी 17 ब्लाकों में टीमें किसानों की ऑनलाइन फीडिंग शुरू की गई। जिले के लालगंज, पटटी, कुंडा, सदर तहसील में किसानों के खाते में योजना की धनराशि भी दो किस्तों में पहुंच चुकी है। मगर, रानीगंज तहसील के शिवगढ़, गौरा, बेलखरनाथ ब्लाक के 34 गांवों के किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल सका। दरअसल, किसानों की सूची तैयार करने में तहसील प्रशासन लापरवाही बरती।
ब्लाकवार डाटा फीडिंग के बजाए मनमानी तरीके से किसानों की सूची फीड की गई। किसानों का नाम, पता, खाता संख्या तक गलत फीड किया गया। सूत्रों की मानें तो किसानों की संख्या के मुताबिक योजना की धनराशि तो आई, मगर फीडिंग गलत होने से धनराशि खाते में स्थानांतरित नहीं हो सकी और शासन को वापस चली गई। काफी इंतजार के बाद किसानों ने इसकी शिकायत शुरू की। मामला सामने आने पर सीडीओ धीरेंद्र प्रताप सिंह ने जांच शुरू कराई। जिसमें अफसरों के लापरवाही की पोल खुल गई। सीडीओ ने जिम्मेदार अफसरों से सवाल जवाब शुरू किया तो उनकी घिग्गी बंध गई। फटकार के बाद अब डोर टू डोर सर्वे कराने की तैयारी शुरू की गई है। इस बारे रानीगंज एसडीएम जलराजन चौधरी ने बताया कि कोई भी किसान योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगा। सभी 34 गांवों में डोर टू डोर सत्यापन कराया जा रहा है। लगभग 10 गावों में सत्यापन का कार्य पूरा हो चुका है।
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केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत किसानों को छह हजार रुपये की धनराशि दी जानी है। यह महत्वाकांक्षी प्रयास किसानों को खेती किसानी के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए किया गया है। जिले में भी किसान सम्मान योजना के तहत 17 ब्लाकों में किसानों की आनलाइन डाटा फीडिंग की गई। इसकी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन को सौंपी गई थी। जिले के सभी 17 ब्लाकों में टीमें किसानों की ऑनलाइन फीडिंग शुरू की गई। जिले के लालगंज, पटटी, कुंडा, सदर तहसील में किसानों के खाते में योजना की धनराशि भी दो किस्तों में पहुंच चुकी है। मगर, रानीगंज तहसील के शिवगढ़, गौरा, बेलखरनाथ ब्लाक के 34 गांवों के किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल सका। दरअसल, किसानों की सूची तैयार करने में तहसील प्रशासन लापरवाही बरती।
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ब्लाकवार डाटा फीडिंग के बजाए मनमानी तरीके से किसानों की सूची फीड की गई। किसानों का नाम, पता, खाता संख्या तक गलत फीड किया गया। सूत्रों की मानें तो किसानों की संख्या के मुताबिक योजना की धनराशि तो आई, मगर फीडिंग गलत होने से धनराशि खाते में स्थानांतरित नहीं हो सकी और शासन को वापस चली गई। काफी इंतजार के बाद किसानों ने इसकी शिकायत शुरू की। मामला सामने आने पर सीडीओ धीरेंद्र प्रताप सिंह ने जांच शुरू कराई। जिसमें अफसरों के लापरवाही की पोल खुल गई। सीडीओ ने जिम्मेदार अफसरों से सवाल जवाब शुरू किया तो उनकी घिग्गी बंध गई। फटकार के बाद अब डोर टू डोर सर्वे कराने की तैयारी शुरू की गई है। इस बारे रानीगंज एसडीएम जलराजन चौधरी ने बताया कि कोई भी किसान योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगा। सभी 34 गांवों में डोर टू डोर सत्यापन कराया जा रहा है। लगभग 10 गावों में सत्यापन का कार्य पूरा हो चुका है।
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