फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Even after two years, the post of cardiologist and nephrologist could not be created in the medical college.

Pratapgarh News: दिल विहीन मेडिकल कॉलेज...हृदय के अलावा गुर्दा और हड्डी रोग के भी डॉक्टर नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 09 Sep 2023 10:15 PM IST
विज्ञापन
Even after two years, the post of cardiologist and nephrologist could not be created in the medical college.
विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी मरीजों पर पड़ रही भारी, प्रयागराज और लखनऊ का चक्कर काट रहे मरीज
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। संचालन के दो साल बाद भी डॉ. सोने लाल पटेल मेडिकल कॉलेज में कॉर्डियोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट और न्यूरोलॉजिस्ट का पद ही सृजित नहीं हो पाया। गंभीर मरीजों को प्रयागराज, लखनऊ और वाराणसी के अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्तूबर 2021 में डॉ. सोने लाल पटेल स्वशाषी मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन किया था। अब तक यहां जरूरी विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं रखे जा सके। जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज बनाए जाने के बाद जिले के ग्रामीण अंचलों व पड़ोसी जनपदों से लोग उपचार की उम्मीद लेकर आते हैं लेकिन हर बीमारी के डॉक्टर उन्हें नहीं मिलते।
विज्ञापन

व्यवस्था का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। हड्डी रोग तक डॉक्टर नहीं है। नेफ्रोलॉजिस्ट न होने के कारण सबसे ज्यादा दिक्कतें डायलिसिस के लिए आने वाले मरीजों को होती है। न्यूरोलॉजिस्ट के न होने के कारण ठंड के दिनों में ब्रेन हेमरेज के मरीजों को परेशान होना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को कर्जा लेकर इलाज के लिए दूसरों में जाना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जूनियर-सीनियर रेजीडेंट करते हैं इलाज
मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों का प्राथमिक उपचार जूनियर और सीनियर रेजीडेंट करते हैं। समस्या गंभीर होने पर सीनियर डॉक्टर मरीजों को प्रयागराज रेफर कर देते हैं। समस्या यह भी है कि डॉक्टरों की कमी की वजह से एक-एक डॉक्टर को मानक से ज्यादा मरीज देखने पड़ते हैं।

प्रतिदिन मेडिकल कॉलेज आते हैं 15 से 20 हृदय रोगी
मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 15 से 20 दिल के मरीज आते हैं। हृदय रोगियों के इलाज के लिए समुचित इंतजाम नहीं है। ठंड में हृदय रोगियों को दिक्कत की संभावना बनी रहती है। अधिकांश मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है।अब

अभी वक्त लगेगा....
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. रमेश पांडेय का कहना है कि नए भवन तैयार होने के बाद इन चिकित्सकों का पद सृजित होने की उम्मीद है। शासन से चिकित्सकों की मांग भी की गई है। मेडिकल कॉलेज के अगले विकास में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती हो जाएगी। हालांकि इसमें अभी समय लगेगा। सीनियर डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। मरीज की हालत बेहद नाजुक होने पर ही उन्हें प्रयागराज रेफर किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed