{"_id":"575077ca4f1c1b6a791097ba","slug":"elecric-problem-in-disst-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रांसफार्मर जांच के नाम पर किसानाें के साथ छलावा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रांसफार्मर जांच के नाम पर किसानाें के साथ छलावा
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 02 Jun 2016 11:51 PM IST
विज्ञापन
बिजली संकट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिलबिला बिजली स्टोर और वर्कशाप में कर्मचारियों का कॉकस खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। ट्रांसफार्मर को बेचने का मामला अभी पूरी तरह से शांत नहीं हो पाया है कि ट्रांफार्मरों को बगैर टेस्ट किये किसानों को देने का मामला सुर्खियों में है। अपने साथ इस तरह से हो रहे छलावे से खफा किसान गुरुवार को एक्सईएन प्रथम से मिले और उनसे वर्कशाप में चल रहे गोरखधंधे की शिकायत की।
चिलबिला वर्कशाप से अगर ट्रांसफार्मर लेने गए तो सावधानी बरतें। यहां पर बिना टेस्टिंग के ट्रांसफार्मर दिए जाने का खेल चल रहा है। कर्मचारियों के विश्वास में आकर अगर गलती से आपने ट्रांसफार्मर ले लिया तो जरूरी नहीं कि वह ठीक ही हो। क्योंकि ट्रांसफार्मर की क्षमता को जांच-परख कर नहीं दिया जा रहा है। इसकी वजह क्षमता चेक करने वाली मशीन का न होना बताया जा रहा है। जरूरतमंद लोग स्टोर के कर्मचारियों के झांसे में आकर खराब ट्रांसफार्मर उठाकर लगा दे रहे हैं जो फौरन फुंक जाता है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। हालांकि वर्कशाप के जिम्मेदार कहते हैं कि टेस्टिंग मशीन है। जबकि कुछ दिन पहले स्टोर की गड़बड़ी की शिकायत की जांच करने चिलबिला स्टोर पहुंचे एक्सईएन प्रथम को वर्कशाप में जांच मशीन नहीं मिली थी।
गुरुवार को शिवगढ़ और रानीगंज के रामनारायन यादव, ओम प्रकाश तिवारी और अली हसन समेत कई किसान एक्सईएन द्वितीय के कार्यालय पहुंचे और चिलबिला वर्कशाप में मशीन की जांच की आड़ में किसानों के साथ हो रहे छलावे की पोल खोल दी। एक्सईएन ओपी मिश्रा ने बताया कि लोगों को शिकायत है कि चिलबिला वर्कशाप में ट्रांसफार्मर क्षमता चेक करने वाली मशीन डीवीडीएफ नहीं है। जबकि उनको जानकारी मिली है कि मशीन है। फिलहाल वे पता करवाते हैं। इस बारे में वर्कशाप के एसडीओ सुजीत सिंह से पूछा गया तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया। पहले बोले कि मशीन चल रही है फिर बोले कि एक मशीन खराब है। मैं खुद अभी वहीं से आ रहा है। कोई समस्या नहीं हैं। बता दें कि स्टोर में पुराने ट्रांसफार्मर को नया बताकर बेचने और ढुलाई के नाम पर किसानों के साथ हो रहे शोषण की जांच डीएम करवा रहे हैं। उनकी रिपोर्ट आनी बाकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चिलबिला वर्कशाप से अगर ट्रांसफार्मर लेने गए तो सावधानी बरतें। यहां पर बिना टेस्टिंग के ट्रांसफार्मर दिए जाने का खेल चल रहा है। कर्मचारियों के विश्वास में आकर अगर गलती से आपने ट्रांसफार्मर ले लिया तो जरूरी नहीं कि वह ठीक ही हो। क्योंकि ट्रांसफार्मर की क्षमता को जांच-परख कर नहीं दिया जा रहा है। इसकी वजह क्षमता चेक करने वाली मशीन का न होना बताया जा रहा है। जरूरतमंद लोग स्टोर के कर्मचारियों के झांसे में आकर खराब ट्रांसफार्मर उठाकर लगा दे रहे हैं जो फौरन फुंक जाता है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। हालांकि वर्कशाप के जिम्मेदार कहते हैं कि टेस्टिंग मशीन है। जबकि कुछ दिन पहले स्टोर की गड़बड़ी की शिकायत की जांच करने चिलबिला स्टोर पहुंचे एक्सईएन प्रथम को वर्कशाप में जांच मशीन नहीं मिली थी।
विज्ञापन
गुरुवार को शिवगढ़ और रानीगंज के रामनारायन यादव, ओम प्रकाश तिवारी और अली हसन समेत कई किसान एक्सईएन द्वितीय के कार्यालय पहुंचे और चिलबिला वर्कशाप में मशीन की जांच की आड़ में किसानों के साथ हो रहे छलावे की पोल खोल दी। एक्सईएन ओपी मिश्रा ने बताया कि लोगों को शिकायत है कि चिलबिला वर्कशाप में ट्रांसफार्मर क्षमता चेक करने वाली मशीन डीवीडीएफ नहीं है। जबकि उनको जानकारी मिली है कि मशीन है। फिलहाल वे पता करवाते हैं। इस बारे में वर्कशाप के एसडीओ सुजीत सिंह से पूछा गया तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया। पहले बोले कि मशीन चल रही है फिर बोले कि एक मशीन खराब है। मैं खुद अभी वहीं से आ रहा है। कोई समस्या नहीं हैं। बता दें कि स्टोर में पुराने ट्रांसफार्मर को नया बताकर बेचने और ढुलाई के नाम पर किसानों के साथ हो रहे शोषण की जांच डीएम करवा रहे हैं। उनकी रिपोर्ट आनी बाकी है।
विज्ञापन