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Pratapgarh News: दाखिले के वक्त अस्सी हजार, बाद में मांगे एक लाख रुपये
Mon, 07 Aug 2023 09:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Mon, 07 Aug 2023 09:37 PM IST
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रूमा इंस्टीट्यूट गोबरी में पूरा शुल्क न देने पर बाहर की गई डीफार्मा की छात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
जगेशरगंज। संडवा चंडिका विकासखंड के गोबरी गांव स्थित रूमा इंस्टीट्यूट में छात्र-छात्राओं से फीस के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। डीफार्मा के दाखिले के लिए पहले अस्सी हजार रुपये लिए गए, बाद में बीस हजार रुपये बढ़ा दिए गए। फीस चुकता करने में असमर्थ छात्रा को प्रयोगात्मक परीक्षा से सोमवार को बाहर कर दिया गया। फीस चुकता करने में असमर्थ छात्रा ने मुख्यमंत्री से शिकायत करके न्याय की मांग की है।
गोबरी गांव निवासी दीप्ति सिंह पुत्री विशंभर सिंह ने वर्ष 2021 में डीफार्मा में दाखिला लिया था। छात्रा के मुताबिक दाखिले के समय एक वर्ष के लिए अस्सी हजार रुपये मांगे गए थे। छात्रा ने फीस जमा करके दाखिला लिया। जब परीक्षा का समय आया.तो और बीस हजार रुपये की मांग की जाने लगी। बाद में रुपये देने की बात पर परीक्षा में शामिल कराया गया। इधर, दूसरे वर्ष दाखिले के लिए 83 हजार रुपये जमा कर दिए।
सोमवार को प्रयोगात्मक परीक्षा देने के लिए कॉलेज पहुंचने पर कॉलेज के प्राचार्य ने उसे परीक्षा कक्ष से बाहर कर दिया। दीप्ति दोपहर तक संस्थान में खड़ी रही लेकिन प्रयोगात्मक परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया गया और उसकी परीक्षा छूट गई। आरोप है कि ऐसी ही घटनाएं बड़माला बाबूगंज की सोनाली गुप्ता, जेएनएम की पढ़ाई कर रही शिवानी और आरती के साथ भी हुईं। उन्हें फीस नहीं देने पर प्रयोगात्मक परीक्षा नहीं देने दिया गया। इससे उनका एक वर्ष व्यर्थ गया। बातचीत में प्राचार्य अखिल दीप ने सभी आरोपों को गलत बताया। कहा, सभी से एक बराबर फीस ली जा रही है।
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जगेशरगंज। संडवा चंडिका विकासखंड के गोबरी गांव स्थित रूमा इंस्टीट्यूट में छात्र-छात्राओं से फीस के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। डीफार्मा के दाखिले के लिए पहले अस्सी हजार रुपये लिए गए, बाद में बीस हजार रुपये बढ़ा दिए गए। फीस चुकता करने में असमर्थ छात्रा को प्रयोगात्मक परीक्षा से सोमवार को बाहर कर दिया गया। फीस चुकता करने में असमर्थ छात्रा ने मुख्यमंत्री से शिकायत करके न्याय की मांग की है।
गोबरी गांव निवासी दीप्ति सिंह पुत्री विशंभर सिंह ने वर्ष 2021 में डीफार्मा में दाखिला लिया था। छात्रा के मुताबिक दाखिले के समय एक वर्ष के लिए अस्सी हजार रुपये मांगे गए थे। छात्रा ने फीस जमा करके दाखिला लिया। जब परीक्षा का समय आया.तो और बीस हजार रुपये की मांग की जाने लगी। बाद में रुपये देने की बात पर परीक्षा में शामिल कराया गया। इधर, दूसरे वर्ष दाखिले के लिए 83 हजार रुपये जमा कर दिए।
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सोमवार को प्रयोगात्मक परीक्षा देने के लिए कॉलेज पहुंचने पर कॉलेज के प्राचार्य ने उसे परीक्षा कक्ष से बाहर कर दिया। दीप्ति दोपहर तक संस्थान में खड़ी रही लेकिन प्रयोगात्मक परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया गया और उसकी परीक्षा छूट गई। आरोप है कि ऐसी ही घटनाएं बड़माला बाबूगंज की सोनाली गुप्ता, जेएनएम की पढ़ाई कर रही शिवानी और आरती के साथ भी हुईं। उन्हें फीस नहीं देने पर प्रयोगात्मक परीक्षा नहीं देने दिया गया। इससे उनका एक वर्ष व्यर्थ गया। बातचीत में प्राचार्य अखिल दीप ने सभी आरोपों को गलत बताया। कहा, सभी से एक बराबर फीस ली जा रही है।
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