फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Education in model schools is far away

मॉडल स्कूलों में पढ़ाई अभी दूर की कौड़ी

Sat, 02 Jun 2018 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Sat, 02 Jun 2018 12:35 AM IST
विज्ञापन
मॉडल स्कूलों में पढ़ने का सपना संजोए गांव के बच्चों को नए शिक्षा सत्र में भी निराशा हाथ लगेगी। जिले के सात मॉडल स्कूलों में चार का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। तीन विद्यालय तैयार हैं, लेकिन यहां अभी तक शिक्षकों की तैनाती ही नहीं की जा सकी है। सारी कवायद महज फाइलों तक ही सीमित है। इससे नए शिक्षासत्र में भी मॉडल स्कूलों के संचालन के आसार नहीं हैं।  
विज्ञापन


जिले में नजीर के तौर पर राष्ट्र्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत सात ब्लॉकों में सन 2011 मेें मॉडल स्कूल की सौगात मिली। कालाकांकर, संडवाचंद्रिका, बाबागंज, संग्रामगढ़, शिवगढ़, पट्टी, आसपुर देवसरा ब्लॉक मॉडल स्कूल के लिए चयनित किए गए। निर्माण कार्य शुरू हुआ तो ग्रामीणों में खुशी की लहर थी। 2015 से इनके संचालन की तैयारी थी, लेकिन निर्माण कार्य में अनियमितता के चलते सारी योजना पर पानी पर फिर गया।
विज्ञापन


सात मॉडल स्कूलों में से चार आसपुर देवसरा, बाबागंज, शिवगढ़, कालाकांकर में निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका। अंतू, पट्टी, संग्रामगढ़ में निर्माण कार्य किसी तरह पूरा हुआ। शिक्षासत्र 2017-18 में यहां पढ़ाई शुरू करने की तैयारी हुई, लेकिन रोड़ा अटक गया। अब शासन की ओर से नए शिक्षासत्र में एक बार फिर इनके संचालन को लेकर पहल शुरू की गई। मॉडल स्कूलों को नाम दिया गया पंडित दीन दयाल राजकीय मॉडल स्कूल।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्कूलों अत्याधुनिक व्यवस्था से लैश कर लकदक किया गया। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत में स्कूलों के संचालन को लेकर दावा किया गया। आनन-फानन में प्रधानाचार्यों की तैनाती की गई। पठन-पाठन के लिए विद्यालयों में रिटायर्ड राजकीय शिक्षकों की तैनाती के लिए योजना बनाई गई। बकायदा विज्ञप्ति जारी कर पहल शुरू की गई। विद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया शुरू तो हुई, मगर शासन ने इस पर रोक लगा दी।  


खाली पड़ी है डीआईओएस की कुर्सी  
मॉडल स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती व संचालन को लेकर डीआईओएस डॉ. बृजेश मिश्र का दावा था कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद पठन-पाठन की व्यवस्था सुचारु रूप से होगी। मगर इस बीच उनका स्थानांतरण जौनपुर के लिए हो गया। उनके तबादले को करीब एक सप्ताह से अधिक हो रहा है। कार्यालय में डीआईओएस की कुर्सी खाली पड़ी है। मगर अब तक नए डीआईओएस की तैनाती नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed