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दुकानों के आसपास घूम रहे डीएम के दूत
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DM messengers roaming around the shops
- फोटो : PRATAPGARH
लॉकडाउन के दौरान दवाएं, राशन, सब्जी और फल की बिक्री में कालाबाजारी करने वाले सावधान हो जाएं। डीएम ने ऐेसे लोगों पर शिकंजा कसने के लिए अपने दूत छोड़ रखे हैं। शिक्षक और कर्मचारी दुकानों पर सामान खरीदने के बहाने रेट की जानकारी कर रहे हैं। जो दुकानदार अधिक दाम पर बेच रहे हैं, वह जल्द ही शिकंजे में आ सकते हैं।
कोरोना महामारी से बचाव के लिए घोषित 21 दिन के लॉकडाउन में शहर और गांव की दुकानें सुबह छह से दस बजे तक ही खुल रही हैं। थोक और फुटकर विक्रेता खाद्य सामग्रियों की सप्लाई सामान्य नहीं होने का बहाना करके ग्राहकों की जेब पर डाका डाल रहे हैं। आलम यह है कि निर्धारित मूल्य से अधिक दाम वसूले जा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने दुकानदारों पर शिकंजा कसने के लिए नई पहल की है। अब शिक्षक और कर्मचारियों को दुकानों पर भेजकर खाद्य सामग्रियों के भाव लेकर ऐेसे दुकानदारों को चिह्नित किया जा रहा है। ऐसेे लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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चिलबिला के थोक विक्रेता मेसर्स बच्चूलाल एंड संस की दुकान पर एसडीएम सदर मोहनलाल गुप्ता की छापेमारी में खुलासा हुआ था कि 72 रुपये प्रति किग्रा की दाल को 85 रुपये प्रति किग्रा की दर से बेचा जा रहा था।
यह मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने फौरन दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया था। हालांकि इस मामले में नेताओं ने बहुत हाथ-पैर चलाए, मगर डीएम ने किसी की एक नहीं सुनी।
थोक विक्रेताओं से प्रतिदिन ली जा रही स्टाक की जानकारी
जिले के थोक विक्रेताओं से प्रतिदिन उनके स्टाक की जानकारी की जा रही है। राशन की बिक्री और उपलब्धता की जानकारी करके विभागीय अधिकारी उस नजर रखते हैं।
कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। चिलबिला में रामजी और श्यामजी की दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। अगर कोई दुकानदार इस तरह की हरकत करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शत्रोहन वैश्य, एडीएम
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कोरोना महामारी से बचाव के लिए घोषित 21 दिन के लॉकडाउन में शहर और गांव की दुकानें सुबह छह से दस बजे तक ही खुल रही हैं। थोक और फुटकर विक्रेता खाद्य सामग्रियों की सप्लाई सामान्य नहीं होने का बहाना करके ग्राहकों की जेब पर डाका डाल रहे हैं। आलम यह है कि निर्धारित मूल्य से अधिक दाम वसूले जा रहे हैं।
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जिला प्रशासन ने दुकानदारों पर शिकंजा कसने के लिए नई पहल की है। अब शिक्षक और कर्मचारियों को दुकानों पर भेजकर खाद्य सामग्रियों के भाव लेकर ऐेसे दुकानदारों को चिह्नित किया जा रहा है। ऐसेे लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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चिलबिला के थोक विक्रेता मेसर्स बच्चूलाल एंड संस की दुकान पर एसडीएम सदर मोहनलाल गुप्ता की छापेमारी में खुलासा हुआ था कि 72 रुपये प्रति किग्रा की दाल को 85 रुपये प्रति किग्रा की दर से बेचा जा रहा था।
यह मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने फौरन दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया था। हालांकि इस मामले में नेताओं ने बहुत हाथ-पैर चलाए, मगर डीएम ने किसी की एक नहीं सुनी।
थोक विक्रेताओं से प्रतिदिन ली जा रही स्टाक की जानकारी
जिले के थोक विक्रेताओं से प्रतिदिन उनके स्टाक की जानकारी की जा रही है। राशन की बिक्री और उपलब्धता की जानकारी करके विभागीय अधिकारी उस नजर रखते हैं।
कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। चिलबिला में रामजी और श्यामजी की दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। अगर कोई दुकानदार इस तरह की हरकत करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शत्रोहन वैश्य, एडीएम