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Pratapgarh News: डायरिया पीड़ित किशोर की मौत, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप, हंगामा
Fri, 07 Jul 2023 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Fri, 07 Jul 2023 11:36 PM IST
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मेडिकल कॉलेज के राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में डायरिया पीड़ित किशोर प्रेम की मौत हो गई। परिजनों ने इस मौत को डॉक्टरों की लापरवाही का परिणाम बताया। लापरवाही का आरोप लगा रहे परिजनों ने हंगामा भी किया। मामले की शिकायत सीएमओ से की, जबकि प्राचार्य ने घटना की जानकारी से ही इन्कार कर दिया। नाराज परिजनों ने आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया।
कंधई थाना क्षेत्र के राजापुर मुफरिद निवासी राकेश विश्वकर्मा के 14 वर्षीय बेटे प्रेम विश्वकर्मा के पेट में बृहस्पतिवार दोपहर तेज दर्द की शिकायत थी। थोड़ी देर में उसे उल्टी होने लगी। परिजनों ने पड़ोसी अर्जुन सिंह की मदद से उसे इलाज के लिए राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में भर्ती कराया था।
आरोप है कि इमरजेंसी के चिकित्सकों ने दो इंजेक्शन लगाकर मेडिकल वार्ड भेज दिया। वार्ड में प्रेम को फिर देखने कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। भर्ती और उपचार के तीन घंटे के भीतर प्रेम की मौत हो गई। प्रेम की मौत से आक्रोशित परिजन अस्पताल परिसर में हंगामा करने लगे। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें समझा बुझाकर शांत कराया। परिजन रात में ही शव लेकर घर चले गए, लेकिन अंतिम संस्कार नहीं किया।
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प्रेम के परिजनों ने शुक्रवार की सुबह सीएमओ कार्यालय आकर शिकायत दर्ज कराई। खबर लिखे जाने तक परिजन चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। उनका कहना था वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। अर्जुन का कहना है कि दोषी चिकित्सकों पर कार्रवाई न होने पर वे लोग आंदोलन को बाध्य होंगे।
ऑनकाल ड्यूटी पर नहीं मौजूद रहते डॉक्टर
मेडिकल कॉलेज में भले ही चिकित्सकों की आनकॉल ड्यूटी लगाई जाती हो, मगर बुलावा के बाद भी कोई नहीं आता है। यहां तक वार्ड में जिन जेआर की ड्यूटी प्राचार्य लगाते हैं वे रात 12 बजे के बाद सोने के लिए अपने आवास पर चले जाते हैं। ऐसा आरोप मरीज और तीमारदारों का है। स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वाॅय मरीजों का इलाज करते हैं।
मुझे इस तरह की घटना की जानकारी नहीं है। यदि लापरवाही की है तो गंभीर बात है। पीड़ित शिकायत करता है तो संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।
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कंधई थाना क्षेत्र के राजापुर मुफरिद निवासी राकेश विश्वकर्मा के 14 वर्षीय बेटे प्रेम विश्वकर्मा के पेट में बृहस्पतिवार दोपहर तेज दर्द की शिकायत थी। थोड़ी देर में उसे उल्टी होने लगी। परिजनों ने पड़ोसी अर्जुन सिंह की मदद से उसे इलाज के लिए राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में भर्ती कराया था।
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आरोप है कि इमरजेंसी के चिकित्सकों ने दो इंजेक्शन लगाकर मेडिकल वार्ड भेज दिया। वार्ड में प्रेम को फिर देखने कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। भर्ती और उपचार के तीन घंटे के भीतर प्रेम की मौत हो गई। प्रेम की मौत से आक्रोशित परिजन अस्पताल परिसर में हंगामा करने लगे। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें समझा बुझाकर शांत कराया। परिजन रात में ही शव लेकर घर चले गए, लेकिन अंतिम संस्कार नहीं किया।
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प्रेम के परिजनों ने शुक्रवार की सुबह सीएमओ कार्यालय आकर शिकायत दर्ज कराई। खबर लिखे जाने तक परिजन चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। उनका कहना था वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। अर्जुन का कहना है कि दोषी चिकित्सकों पर कार्रवाई न होने पर वे लोग आंदोलन को बाध्य होंगे।
ऑनकाल ड्यूटी पर नहीं मौजूद रहते डॉक्टर
मेडिकल कॉलेज में भले ही चिकित्सकों की आनकॉल ड्यूटी लगाई जाती हो, मगर बुलावा के बाद भी कोई नहीं आता है। यहां तक वार्ड में जिन जेआर की ड्यूटी प्राचार्य लगाते हैं वे रात 12 बजे के बाद सोने के लिए अपने आवास पर चले जाते हैं। ऐसा आरोप मरीज और तीमारदारों का है। स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वाॅय मरीजों का इलाज करते हैं।
मुझे इस तरह की घटना की जानकारी नहीं है। यदि लापरवाही की है तो गंभीर बात है। पीड़ित शिकायत करता है तो संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।